लालू प्रसाद यादव राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष हैं। साल 1990 से लेकर 1997 तक वो बिहार के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। साल 1997 में चारा घोटाला में नाम आने के बाद उन्हें मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा देने पड़ा था। बिहार के मुख्यमंत्री के अलावा उन्हें कांग्रेस गठबंधन सरकार में रेलमंत्री का कार्यभार संभाला है। 2013 में लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाला अलग-अलग मामले में दोषी करार दिया गया। Read More
राजद छोड़कर जदयू में जाने वाले विधायकों में राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के समधी और तेजप्रताप यादव के ससुर चंद्रिका राय, पूर्व मंत्री रामलखन सिंह यादव के पोते जयवर्धन यादव और पूर्व केन्द्रीय मंत्री एमएए फातमी के पुत्र फराज फातमी का नाम शामिल है. ...
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी ने कहा कि डबल इंजन की सरकार में दलित पिछड़ों पर सबसे ज्यादा अत्याचार हुआ है. दलित और आदिवासी छात्रों की छात्रवृत्ति बंद कर दिया गया. ...
लालू यादव के समधी चंद्रिका राय भी शामिल हैं. हालांकि, लालू इसके लिए पहले से तैयार थे. चंद्रिका राय समेत राजद के तीन और विधायक गुरुवार को जदयू की सदस्यता लेने जा रहे हैं. इसके पहले राजद के तीन विधायक जदयू में शामिल हो चुके हैं. ...
लालू प्रसाद यादव ने एक ट्वीट के माध्यम से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पलटीमार की संज्ञा देते हुए तंज कसा है. लालू ने लिखा है कि नीतीश कुमार को खुद नहीं मालूम कि उन्होंने कहां-कहां, कब-कब, क्यों, कैसे और किसलिए पलटिया मारी हैं? ...
श्याम रजक के राजद में जाने का जवाब जदयू ने तीन विधायकों को अपने दल में शामिल कराकर राजद को एक करारा झटका दे दिया है. यहां बता दें रविवार को ही राजद से निष्कासित तीन विधायकों में से दो ने आज जदयू का दामन थाम लिया. ...
श्याम रजक विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद सीधे पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास पर पहुंचे, जहां तेजस्वी यादव पहले से ही उनका इंतजार कर रहे थे. इसके पहले बर्खास्त किए गए मंत्री श्याम रजक ने विधायकी छोड़ दी. उन्होंने विधानसभा स्पीकर विज ...
लालू प्रसाद यादव को मजाक उड़ाने का मौका मिल गया. उन्होंने इस घटना को ऐतिहासिक उद्घाटन तक बता दिया है. वैसे गोपालगंज में पुल के एप्रोच रोड टूटने को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विपक्ष के निशाने पर रहे हैं. ...
गोपालगंज के बंगरा घाट महासेतु का मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज उदघाटन करने वाले थे. लेकिन उसके पहले ही इस महासेतु का अप्रोच पथ करीब 50 मीटर के दायरे में ध्वस्त हो गया है. प्राप्त जानकारी के अनुसार ध्वस्त अप्रोच पथ को उद्घाटन से पहले दोबारा दुरुस्त करने ...