हिंदू धर्म में व्रत और त्योहारों की बहुत मान्यता है। होली से लेकर दीपावली, दुर्गा पूजा आदि हिंदुओं के कुछ सबसे बड़े त्योहार हैं। वैसे, हिदुओं से जुड़े पंचांग को देखें तो व्रत और त्योहारों की संख्या काफी ज्यादा है। हर दिन किसी न किसी मायने में विशेष होता है। कई व्रत और त्योहार तो ऐसे भी हैं जिनका क्षेत्रीय आधार पर महत्व बहुत ज्यादा होता है। इसमें छठ व्रत, गणेश चतुर्थी, तीज, ओणम जैसे त्योहार शामिल हैं। Read More
साल में 4 नवरात्र पड़ते हैं लेकिन इनमें सबसे अधिक मान्यता चैत्र और शारदीय नवरात्र की है। चैत्र नवरात्र चैत्र महीने में जबकि शारदीय नवरात्र अश्विन मास में पड़ता है। ...
मां दुर्गा की कृपा तभी बरसती है जब हम सही तरीके से वास्तु टिप्स को फॉलो करते हैं। तो आइए जानते हैं वो कौन-से उपाय हैं जिनसे मां दुर्गा को प्रसन्न किया जा सकता है। ...
kolkata Durga Puja Gold Pratima: इस समय भारत में सोना 40 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम बिक रहा है और ऐसे में 50 किलो सोने से मां दुर्गा की मूर्ति बनाया जाना सबसे बड़ा आश्चर्य है। नवरात्रि में दुर्गा पूजा शुरू होने पर कोई भी व्यक्ति मां दुर्गा की इस प्रत ...
मां दुर्गा की आराधना का पर्व यानि नवरात्रि नजदीक आ रहा है। ऐसे में कोलकाता से एक बड़ी खबर सामने आ रही है कि यहां दुर्गा पूजा के लिए 50 किलो सोने से बनी मां दुर्गा की प्रतिमा तैयार की गई है। इस मूर्ति की कीमत की अगर हम बात करें तो यह 20 करोड़ रुपए ब ...
Mahalaya & Pitru Amavasya: इस दिन उन पितरों का श्राद्ध किया जाता है जिनकी तिथि याद नहीं। इसके अलावा इस दिन ऐसे पितरों का श्राद्ध भी किया जाता है जो ऐसे पितृ जिनके मरने की तिथि अज्ञात है या वह सालों से लापता हैं और उनके जिंदा होने की कोई उम्मीद भी नही ...
देवी भागवत पुराण में बताए गए नियम के मुताबिक इस बार मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आ रही हैं जो कि अच्छी वर्षा और उन्नत कृषि का सूचक है। ये बात तो खुशी की है ही साथ ही इस बार नवरात्र में 8 बेहद शुभ संयोग भी बन रहे हैं जो कि साधकों और माता के भक्तों के ...
बिहार के गया में लगने वाले विश्व प्रसिद्ध पितृ पक्ष मेले में आने वालों में न केवल हिंदू धर्मावलंबी ही हैं, बल्कि भारत की सनातन परम्परा और संस्कृति के प्रति विदेशियों का विश्वास लगातार बढ़ती जा रही है. इसकी बानगी बिहार के गया में इन दिनों देखने को मिल ...
महालया के साथ ही दुर्गा पूजा के उत्सव की शुरुआत हो जाती है। महालया पितृपक्ष के समापन का भी संकेत है और इसके बाद से ही नवरात्रि की शुरुआत होती है. महालया का सबसे ज्यादा महत्व बंगाली लोगों के लिए होता है. वे इसे बहुत उत्साह से मनाते हैं। दुर्गा पूजा ...