गुरु नानक का जन्म 29 नवंबर 1469 ई. में खत्री परिवार के पिता महता कालू के यहां माता तृप्ता की कोख से हुआ था। रावी नदी के किनारे बसे राय भोए की तलवंडी गांव में कार्तिक पूर्णिमा की अंधेरी रात में गुरु जी ने अवतार धारण किया था। गुरु नानक बचपन से ही बेहद समझदार थे। उन्होंने हिंदी, संस्कृत और फारसी भाषा का ज्ञान लिया। चार उदासियों में यात्रा की। गुरु नानक का विवाह माता सुलखनी से हुआ। उनसे उन्हें दो पुत्रों की प्राप्ति हुई - श्री चंद और लक्ष्मी दास। Read More
पाकिस्तान विदेश कार्यालय ने एक बयान जारी कर 500 भारतीय सिखों के आगमन की पुष्टि की, लेकिन यह नहीं बताया कि वे निर्माणाधीन करतारपुर गलियारे से आए या वाघा सीमा के जरिए आए। ...
भारत की चिंताओं से जुड़ा एक दस्तावेज पाकिस्तान को सौंपा गया है, जिस पर पड़ोसी देश ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि भारत विरोधी किसी भी गतिविधि की इजाजत नहीं दी जाएगी। ...
करतारपुर साहिब को सिख धर्म के संस्थापक गुरू नानक देव ने 1522 में स्थापित किया था। करतारपुर साहिब सिखों के प्रथम गुरु, गुरुनानक देव जी का अंतिम निवास स्थान भी रहा है। ...
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में कुछ स्थानीय लोगों ने औकाफ विभाग के अधिकारियों की कथित मौन सहमति से सदियों पुराने ‘ गुरु नानक महल’ का एक बड़ा हिस्सा तोड़ दिया और उसकी कीमती खिड़कियां एवं दरवाजे बेच दिए। ‘डॉन’ समाचार पत्र की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। ...
इस्लामाबाद : पाकिस्तान सरकार करतारपुर में रेलवे स्टेशन और देशभर में सिख धार्मिक स्थलों के निकट श्रद्धालुओं के लिये ठहरने की जगह के निर्माण के लिये जमीन उपलब्ध कराएगी. रेलवे मंत्री शेख राशिद अहमद ने कहा है कि सरकार करतारपुर, ननकाना साहिब तथा नरोवाल मे ...
Kartarpur Sahib Gurdwara History, Unknown facts, Kartarpur Corridor: सिख इतिहास के मुताबिक जीवनभर का ज्ञान बटोरने के बाद गुरु नानक करतारपुर के इसी स्थान पर आए और जीवन के अंतिम 18 वर्ष उन्होंने यहीं बिताए ...
इन विषम परिस्थितियों का सामना करने के लिए गुरु नानक ने मनुष्य की अंतर्निहित शक्ति को जागृत करने का आह्वान किया. वे निर्भय, निरहंकार और निरवैर अकालपुरुष परमात्मा में अखंड विश्वास करते थे और उसी विश्वास को प्रत्येक व्यक्ति के चित्त में जागृत करते थे. ...