पारिस्थितिकी संतुलन का बड़ा आधार है पेड़-पौधे और जीव-जंतुओं का सहज प्राकृतिक आवास. यह संतुलन यदि बिगड़ता है तो पर्यावरण को सीधे तौर पर नुकसान होता है. ...
प्रकृति और मनुष्य के बीच संघर्ष का परिणाम पर्यावरण संकट के रूप में आ रहा है. हवा, पानी और भोजन जैसे जीवन जीने के लिए अनिवार्य तत्व घोर प्रदूषण की गिरफ्त में आ रहे हैं. ...
जी20 पर्यावरण और जलवायु स्थिरता कार्य समूह (ईसीएसडब्ल्यूजी) की बैठक में G20 देशों ने सतत और जलवायु अनुकूल ब्लू इकोनॉमी के लिए मार्गदर्शक सिद्धांतों पर चर्चा की। प्रतिनिधियों ने समुद्र संसाधनों के सतत उपयोग, प्रदूषण और गंदगी की रोकथाम और जैव विविधता क ...
जम्मू-कश्मीर में प्रति वर्ष 51,710.60 टन प्लास्टिक कचरा उत्पन्न हो रहा है। कश्मीर प्रतिवर्ष 31,375.60 टन प्लास्टिक कचरा उत्पन्न करता है जबकि जम्मू संभाग प्रति वर्ष 20,335 टन प्लास्टिक कचरा उत्पन्न करता है। ...
इन्हीं दलदलों या कहें कि आर्द्रभूमियों या फिर वेटलैंड्स का उल्लेख हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम- मन की बात के 97वें एपिसोड में किया। उन्होंने रेखांकित किया कि भूजल को रिचार्ज करने और जैव-विविधता को अक्षुण्ण रखने में इन ...
ओजोन वातावरण के स्ट्रेटोस्फीयर भाग में धरती की सतह से ऊपर 15 किमी से लेकर 40 किमी तक की ऊंचाई में पाई जाती है। धरती पर जीवन के लिए वातावरण में ओजोन परत की उपस्थिति जरूरी है। ...
मशहूर लेखक अमिताभ घोष ने कहा है कि पर्यावरण की चिंता दुनिया के सारे मुद्दों से अहम है और लेखकों, बुद्धिजीवियों और नेताओं को इस पर ध्यान देना ही होगा। ...
सीईईडब्ल्यू के अध्ययन में यह भी सामने आया है कि जलवायु में तेजी से होने वाले परिवर्तन के कारण आंध्र प्रदेश, असम, छत्तीसगढ़, ओडिशा और महाराष्ट्र जंगल में भीषण आग लगने के लिहाज से सबसे ज्यादा जोखिम में हैं। ...