हिन्दू पंचांग के अनुसार एक साल में कुल 24 एकादशियां पड़ती हैं। सभी एकादशियों में भगवान विष्णु की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण निर्जला एकादशी का व्रत है। इसके करने से सभी एकादशियों का फल साधक को मिलता है। ऐसी भी मान्यता है कि निर्जला एकादशी को महाभारत काल में पांडु पुत्र भीम ने किया था। इसलिए इसे भीम एकादशी भी कहते हैं। Read More
मोहिनी एकादशी का व्रत करने से सांसारिक मोह से मुक्ति मिलती है। इस एकादशी के दिन पीले वस्त्र पहनने और पीली वस्तुएं दान करने से विष्णु का आशीर्वाद मिलता है। ...
मोहिनी एकादशी का हिन्दू धर्म में अत्यधिक महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इस एकादशी का व्रत एवं पूजन करने से व्यक्ति संसार के मोह से दूर होता है और सफलता को प्राप्त करता है। ...
पंचांग के अनुसार 14 मई यानी मंगलवार की दोपहर 12 बजकर 59 मिनट पर ही वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि प्रारंभ हो जाएगी जो कि अगले दिन 15 मई, दिन बुधवार की सुबह 10 बजकर 36 मिनट तक चलेगी। चूंकि तिथि के प्रारंभ होने के बाद सूर्य उदय 15 मई से हो रहा ...
इस मौके पर सुबह जल्दी उठें और पीले वस्त्र धारण करें, इसके बाद भगवान विष्णु की पूजा करें। उनके मंत्र का जाप करें और पूजा में उन्हें पीले पुष्प अर्पित करें ...
वरूथिनी एकादशी का व्रत एवं पूजा करने से पूर्व और वर्तमान जन्म के पापों के कष्ट से छुटकारा मिलता है। साधक को सुख, संपत्ति और सुखद भविष्य की प्राप्ति होती है। ...
इस एकादशी को मनुष्य जीवन के सभी पापों को हरने वाली एकादशी बताया जाता है। मान्यता है कि इसदिन व्रत एवं भगवान विष्णु का पूजन करने वाला साधक पाप मुक्त हो जाता है और मोक्ष को पाता है। ...