चीन के खतरनाक कोरोना वायरस (Coronavirus) से दुनियाभर में हजारों लोगों की मौत हो गई है और लाखों लोग इससे संक्रमित हैं। इससे सबसे ज्यादा मौत चीन में हो रही हैं। मौत का यह वायरस तेजी से फैल रहा है और भारत, अमेरिका, जापान, ईरान, इटली और साउथ कोरिया सहित सैकड़ों देशों को अपनी चपेट में ले चुका है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन ने इस बीमारी को COVID-19 नाम दिया है। यह वायरस कैसे पैदा हुआ इस बारे में अभी तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है लेकिन इसे सार्स (SARS) परिवार का बताया जा रहा है। अभी तक इसका कोई टीका या दवा नहीं है लेकिन वैज्ञानिक पूरी कोशिश कर रहे हैं। Read More
Australian Open: ऑस्ट्रेलियाई ओपन के आयोजन में अभी आठ महीने बचे हैं जो अगले साल 18 से 31 जनवरी से मेलबर्न में खेला जायेगा, लेकिन कोरोना की वजह से मंडराया रद्द होने का खतरा ...
37 साल के चीनी रिसर्चर बिंग ली साथ काम करने वाले लोगों का कहना है कि वो कोविड-19 को लेकर 'अहम खोज' के करीब थे और अपनी रिसर्च को सार्वजनिक करने वाले थे। ...
जीवन हो, समाज हो, संस्था हो या राष्ट्र हो; इन सभी में प्रारंभ से ही उतार-चढ़ाव आते रहे हैं. कोरोना वैश्विक महामारी भी इसी तरह की एक घटना है. सुघटना हो या दुर्घटना, दोनों के ही दो पहलू पाए जाते हैं. एक सकारात्मक, एक नकारात्मक. कोरोना का नकारात्मक पक्ष ...
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दूसरे राज्यों से अपने यहां फंसे यूपी के श्रमिकों की जिलेवार सूची मांगी है। अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि उनकी सरकार सूबे के सभी प्रवासी कामगारों को वापस लाना चाहती है। ...
कोरोना वायरस संकट से सबसे बुरी तरह प्रभावित देशों में शामिल अमेरिका में बेरोजगारी दर बढ़ रही है और ऐसा माना जा रहा है कि बेरोजगारी की यह दर 1930 के दशक में आई महामंदी के स्तर तक पहुंच गयी है। ...
Coronavirusसे बचने का एक तरीका है सिर्फ Social Distancing है. ऐसा मान जा रहा है की यह वायरस ऐसे लोगों को ज्यादा प्रभावित कर रहा है जिसका इम्युनिटी सिस्टम कमजोर होता है यानी जिनके शरीर की रोगों से लड़ने की शक्ति कम होती है। एक्सपर्ट्स ऐसी चीजें खाने ...
आयुष मंत्रालय जिन दवाओं को पर क्लीनिकल ट्रायल शुरू कर रही है, उन दवाओं से प्रतिरोधक क्षमता बढ़ची है। चार औषधि अश्वगंधा, गुडूची (गिलोय) पीपली, मुलेठी, आयुष 64 के जरिए ट्रायल किया जाएगा। ...
प्लाज्मा थेरेपी के तहत कोविड-19 संक्रमण से स्वस्थ हुए एक व्यक्ति के खून से एंटीबॉडी लिये जाते है और उन एंटीबॉडी को कोरोना वायरस से ग्रस्त मरीज में चढ़ाया जाता है ताकि संक्रमण से मुकाबला करने में उसकी प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जा सके। ...