पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना पूर्वी एशिया का देश है जिसे चीन के नाम से जाना जाता है। दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला देश में कम्युनिस्ट शासन लागू है। इसकी सीमाएं भारत-पाकिस्तान और नेपाल से लगती है। सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य चीन दुनिया का सबसे बड़ा निर्यातक देश भी है। अमेरिका के बाद दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश है। Read More
इस पर बोलते हुए अमेरिकी सांसदों ने कहा, ‘‘अमेरिका को भारत की रक्षा जरूरतों का दृढ़ता से समर्थन करते हुए उसे रूस में निर्मित हथियार तथा रक्षा प्रणाली न खरीदने के लिए भारत को प्रेरित करने के वास्ते अतिरिक्त कदम उठाने चाहिए।’’ ...
सुब्रमण्यम स्वामी ने श्रीलंका के हंबनटोटा बंदरगाह के बारे में मोदी सरकार को महत्वपूर्ण सुझाव देते हुए कहा कि भारत सरकार को श्रीलंका सरकार की मदद करनी चाहिए ताकि चीन को श्रीलंका की इस परियोजना से बाहर किया जा सके। ...
मौजूदा परिस्थितियों में संयुक्त राष्ट्र की विश्वसनीयता निश्चित रूप से दांव पर लग गई है. इसके पीछे एक अहम वजह है. दरअसल, अब इस शिखर संस्था पर हावी देशों की नीयत और इरादे ठीक नहीं हैं. ...
कोविड-महामारी की चपेट में आने से पहले भारत ने 2019 में 9.3 प्रतिशत की एकल अंकों की वेतन वृद्धि की सूचना दी थी। यह 2020 में घटकर 6.1 प्रतिशत हो गया, लेकिन पिछले साल महामारी के दौर में बढ़कर 9.3 प्रतिशत हो गया। ...
कई चीनी सोशल मीडिया हैंडल ने कहा है कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठों द्वारा उन्हें पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के प्रमुख के पद से हटाने के बाद शी को नजरबंद कर दिया गया है। ...
नारायण मूर्ति ने कहा कि जब उन्होंने एचएसबीसी (2012 में) छोड़ा, तो बैठकों के दौरान भारत का नाम मुश्किल से ही मिलता था, जबकि चीन का नाम लगभग 30 बार लिया जाता था। ...
ताइवान विवाद को कम करने के लिए अमेरिकी और चीन के विदेश मंत्री आपस में बैठक कर सकते हैं। अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक दोनों विदेश मंत्रियों के बीच होने वाली बैठक संचार लाइनों को बनाए रखने के लिए किया जा रहा है। ...
सदस्य देशों का भला करने की बात तो दूर, शंघाई सहयोग संगठन उनके संबंधों की कड़वाहट दूर करने में भी नाकाम दिखाई दे रहा है. आपसी असहमतियों के चलते यह संस्था असफल साबित होता जा रहा है. ...