आर्टिकल 370 के प्रावधान के तहत जम्मू कश्मीर को विशेषाधिकार दिए जाते हैं। इसके अनुसार भारतीय संसद द्वारा पारित कोई भी प्रस्ताव, नियम या नीति में बदलाव जम्मू कश्मीर पर लागू नहीं होता। जम्मू कश्मीर राज्य का अपना संविधान और झंडा है। देश में घोषित आपातकाल या आर्थिक आपातकाल कश्मीर में लागू नहीं होता। भारत की संसद जम्मू कश्मीर की विधानसभा भंग नहीं कर सकती। अनुसूचित जाति और अनिसूचित जनजाति सम्बंधी नियम जम्मू कश्मीर में लागू नहीं होते। Read More
लद्दाख से बीजेपी सांसद जामयांग शेरिंग नामग्याल के भाषण की सोशल मीडिया में खूब तारीफ हो रही है। सदन में चर्चा में हिस्सा लेते हुए नामग्याल ने कहा कि लद्दाख के लोग पिछले सात दशकों से केंद्रशासित प्रदेश के दर्जे की मांग कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लद्दाख ...
सीडब्ल्यूसी ने बैठक में प्रस्ताव पारित कर सरकार के कदम को मनमाना और अलोकतांत्रिक करार देते हुए यह भी कहा गया कि जम्मू-कश्मीर भारत का आंतरिक मामला है और पीओके तथा चीन के अधीन का एक भूभाग भी भारत का अभिन्न हिस्सा है। ...
बैनर के शीर्ष पर लिखा था: महाभारत एक कदम आगे। बैनरों पर लिखा था, ‘‘आज जम्मू-कश्मीर लिया है, कल बलूचिस्तान, पीओके लेंगे। मुझे विश्वास है कि देश के प्रधानमंत्री अखंड हिन्दुस्तान का सपना पूरा करेंगे।’’ ...
गुलाम नबी आजाद ने कहा कि भाजपा सरकार ने भारत माता के सिर के टुकड़े-टुकड़े कर दिए हैं. कश्मीर को भारत का मस्तक माना जाता है यह ठीक है, लेकिन लद्दाख को उससे अलग करना उसके टुकड़े-टुकड़े करना कैसे हो गया? ...
अब तक जो नेता कांग्रेस के संसद में खिलाफ मतदान करने के बावजूद 370 के समर्थन में उतरे है उनमें जर्नादन द्विवेदी, मिलिंद देवड़ा, ज्योतिरादित्य सिंधिया, मनु अभिषेक सिंघवी जैसे नेताओं के नाम शामिल है. ...
अधीर रंजन के बयान को लेकर सोनिया और राहुल इतने नाराज थे कि उन्होंने अधीर रंजन को यहां तक कह दिया कि वे अपनी जिम्मेदारी का निर्वाहन ठीक ढंग से करें अन्यथा पार्टी नये सिरे से विचार करेगी. ...
लद्दाखी भाषा, जिसे भोटी या बोधी भी कहा जाता है, भारत के लद्दाख क्षेत्र में बोली जाने वाली एक भाषा है। यह लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश के लेह के बौद्ध बहुल जिले में प्रमुख भाषा है और निकटवर्ती कारगिल जिले में पुरीगी या बलटी कहला सकती है। हालांकि तिबे ...
लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह की ओर से लाया गया संकल्प स्वीकार कर लिया गया है। बिल के पक्ष में 351 और विपक्ष में 72 वोट पड़े हैं। एक सांसद गैर मौजूद रहा जबकि कुल 424 सदस्यों ने वोटिंग में हिस्सा लिया है। ...