आर्टिकल 370 के प्रावधान के तहत जम्मू कश्मीर को विशेषाधिकार दिए जाते हैं। इसके अनुसार भारतीय संसद द्वारा पारित कोई भी प्रस्ताव, नियम या नीति में बदलाव जम्मू कश्मीर पर लागू नहीं होता। जम्मू कश्मीर राज्य का अपना संविधान और झंडा है। देश में घोषित आपातकाल या आर्थिक आपातकाल कश्मीर में लागू नहीं होता। भारत की संसद जम्मू कश्मीर की विधानसभा भंग नहीं कर सकती। अनुसूचित जाति और अनिसूचित जनजाति सम्बंधी नियम जम्मू कश्मीर में लागू नहीं होते। Read More
जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को संशोधित किए जाने से पहले नजरबंद किए गए नेताओं की रिहाई के लिए विपक्षी दल दिल्ली के जंतर मंतर पर इकट्ठा हुए हैं। ...
कश्मीर में अभी भी मोबाइल और इंटरनेट सेवा बंद हैं। हालांकि जगह-जगह से अवरोधक हटाएं जा रहे हैं। सड़क पर यातायात धीरे-धीरे बढ़ रहा है। लेकिन अभी तक बाजार बंद हैं। लगातार 18 दिन से बाजार बेहाल है। स्कूल तो खुल गए हैं लेकिन छात्र अभी भी नहीं आ रहे हैं। ...
गुरुवार को डीएमके पार्टी के नेतृत्व में विपक्षी दलों ने जम्मू-कश्मीर के हालात को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद, राजद नेता मनोज झा, सीपीआईएम नेता सीताराम येचुरी और बृदा करात, समाजवादी पार्टी नेता राम गोप ...
अनुच्छेद 370 को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी है। कांग्रेस सहित कई विपक्षी दल इसका विरोध कर रहे हैं। पाकिस्तान लगातार इस मुद्दे को उछाल रहा है। विपक्षी दल आज जंतर-मंतर पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। ...
अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने कश्मीर के पांच जिलों के 26 स्कूलों का मुआयना किया है। रिपोर्ट के मुताबिक अधिकांश स्कूलों के सिर्फ गेट खुले हैं। वहां एक भी छात्र उपस्थित नहीं था। ...
देश के केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने बुधवार को कहा कि पाकिस्तान अपनी हरकत से बाज नहीं आएगा। वह जम्मू-कश्मीर में हर कदम पर रोड़ा अटकाना चाहता है। केंद्र सरकार इस मसूंबे को पूरा नहीं होने देगी। ...
जम्मू-कश्मीर मामले को लेकर फ्रांस ने अपनी स्थित साफ कर दी है और दोनों देशों का द्विपक्षीय मामला बताया है। साथ साथ इसे शांति से सुलझाने का सुझाव दिया है। ...