खाकी वर्दी, टोपी, बेल्ट और पुलिस आईडी का इस्तेमाल कर आम लोगों से लूटपाट, सफदर इमाम, लाल बहादुर राम, मोहम्मद आरिफ, राजेंद्र राय और प्रभु लाल शाह अरेस्ट
By एस पी सिन्हा | Updated: April 23, 2026 14:43 IST2026-04-23T14:41:59+5:302026-04-23T14:43:57+5:30
मोतीहारीः पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिसमें सफदर इमाम, लाल बहादुर राम (बर्खास्त पुलिसकर्मी), मोहम्मद आरिफ, राजेंद्र राय (रिटायर्ड होमगार्ड जवान), प्रभु लाल शाह (रिटायर्ड होमगार्ड जवान) शामिल है।

सांकेतिक फोटो
मोतीहारीः बिहार में पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में मुफस्सिल थाना पुलिस ने खाकी वर्दी की आड़ में लूटपाट और ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। इस गिरोह के सदस्य खाकी वर्दी, टोपी, बेल्ट और पुलिस आईडी का इस्तेमाल कर आम लोगों को निशाना बनाते थे और नकली चेकिंग के नाम पर लूटपाट करते थे। बर्खास्त और रिटायर्ड पुलिस कर्मियों ने यह गिरोह बना रखा था, जो रात के अंधेरे में खुद को पुलिसकर्मी बता लोगों को ठगता और लूटता था। पुलिस ने इस मामले में 5 लोगों को गिरफ्तार भी किया है।
बताया जाता है कि पुलिस ने हाल ही में एक मारपीट मामले में सफदर इमाम नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। उसी की निशानदेही पर पुलिस को इस बड़े गिरोह का सुराग मिला। पुलिस की इस कार्रवाई में मात्र 24 घंटे के अंदर पूरे गिरोह का भंडाफोड़ हो गया। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिसमें सफदर इमाम, लाल बहादुर राम (बर्खास्त पुलिसकर्मी), मोहम्मद आरिफ, राजेंद्र राय (रिटायर्ड होमगार्ड जवान), प्रभु लाल शाह (रिटायर्ड होमगार्ड जवान) शामिल है। ये सभी रात में वर्दी पहनकर लोगों को रोकते, नकली पुलिस चेकिंग करते और नोट डबिंग व लूट का खेल खेलते थे।
गिरोह में एक मिस्त्री भी शामिल था, जो उनके ऑपरेशन में मदद करता था। सदर एसडीपीओ-2 जितेश पांडेय ने बताया कि हाल ही में हुए एक मारपीट मामले में सफदर इमाम की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में इस पूरे गिरोह का खुलासा हुआ। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने अन्य आरोपियों को भी दबोच लिया।
उन्होंने बताया कि गिरोह के पास से भारी मात्रा में कई सामान बरामद किया है, जिसमें 4 पूरा खाकी वर्दी सेट, 4 पुलिस टोपी, 3 बेल्ट, 1 कोड खाकी, पुलिस जूते, 2 पुलिस बोर्ड, 4 पुलिस स्टिक, 1 आईडी कार्ड, पासबुक, नोटबुक, कमान पत्र, 4 मोबाइल फोन, नगद 1 लाख 81 हजार 200 रुपये और 3 लग्जरी गाड़ियां बरामद की है।
जितेश पांडेय ने बताया कि यह गिरोह बिहार के कई जिलों में सक्रिय था और पुलिस की छवि को खराब करने का काम कर रहा था। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। उन्होंने बताया कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और सुनियोजित तरीके से वारदातों को अंजाम देता था।