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TrueCaller एप के तर्ज पर भारत सरकार जल्द ही शुरू करेगी केवाईसी बेस्ड कॉलिंग प्रक्रिया, मिलेगा स्पैम कॉलरों से हमेशा के लिए छुटकारा, जानें पूरा मामला

By आजाद खान | Updated: May 21, 2022 14:32 IST

KYC Based Caller Name: आपको बता दें कि इस सुविधा में ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी का भी इस्तेमाल होगा जिससे स्पैम कॉल को रोकने में मदद मिलेगी।

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ठळक मुद्देभारत सरकार जल्द ही केवाईसी बेस्ड कॉलिंग प्रक्रिया शुरू करने जा रही है। इस सुविधा में कॉलर अपनी पहचान को छुपा नहीं सकता है। इसके लिए दूरसंचार विभाग (डॉट) द्वारा पहले ही मंजूरी मिल गई है।

KYC Based Caller Name:भारत सरकार अब TrueCaller एप के तरज पर केवाईसी बेस्ड कॉलिंग प्रक्रिया जल्द ही शुरू करने जा रही है। इसमें आपको कॉल करने वालों के नाम आपके फोन स्क्रीन पर देखने को मिलेगा। इस बात की जानकारी टेलिकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (Trai) के चेयरमैन पीडी वाघेला ने दी है। पीडी वाघेला ने कहा है कि इस सुविधा को शुरू करने के लिए दूरसंचार विभाग (डॉट) द्वारा पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। उनका यह भी कहना है कि वे जल्द ही इस पर विचार-विमर्श कर इस को शुरू करेंगे। बताया जा रहा है कि यह केवाईसी बेस्ड कॉलिंग की सुविधा में कॉल करने वाले की जानकारी सटीक प्राप्त होगी। यह नई केवाईसी बेस्ड प्रक्रिया दूरसंचार विभाग के मानदंडों के अनुसार ही होगी। 

क्या है यह केवाईसी बेस्ड कॉलिंग प्रक्रिया

केवाईसी बेस्ड कॉलिंग प्रक्रिया वह सुविधा है जो ट्राई द्वारा हर फोन यूजर की दी जाएगी। इस सुविधा में आप कॉल करने वाले की सही जानकारी प्राप्त कर पाएंगी। इसमें कॉलर की सही पहचान आपको मिल पाएगी। 

बताया जा रहा है कि यह सुविधा बाजार में पहले से मौजूद TrueCaller एप की तरह होने की संभावना है, लेकिन इसमें आपको जो जानकारी मिलेगी वह सही पहचान होगी। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए आपके फोन में कॉलर का नंबर सेव होना जरूरी नहीं है। वहीं अभी यह भी साफ नहीं हुआ है कि यह सुविधा सभी को लेनी जरूरी है कि नहीं, लेकिन ऐसी आशा की जा रही है कि इस पर जल्द ही पूरा अपडेट मिलेगा। 

कैसे काम करेगा यह केवाईसी बेस्ड कॉलिंग प्रक्रिया

बताया जा रहा है कि यह केवाईसी बेस्ड कॉलिंग प्रक्रिया को काम में लाने के लिए देश की सभी टेलिकॉम कंपनियों को आदेश दिया जाएगा। ऐसे में ग्राहकों को केवाईसी के लिए उनके ऑफिशियल नाम और पता टेलिकॉम कंपनियों को देना होगा। 

वहीं जब ये कंपनियां आपसे आपके दस्तावेजे पूंछेगी तो ऐसे में आपको दस्तावेज के तौर पर वोटर आईडी कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या फिर बिजली के बिल की रसीद देनी होगी। माना जा रहा है कि इस सुविधा से फ्रॉड की संभावना कम हो जाएगी और इसके चलते कॉलर अपनी पहचान नहीं छुपा सकता है। बताया जा रहा है कि इस स्पैम कॉल को रोकने के लिए ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी का भी इस्तेमाल होगा। 

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