लाइव न्यूज़ :

Apple Cryptocurrency Mining: ऐपल ऐप स्टोर से बंद हुए ये ऐप्स, जानिए क्या है वजह

By जोयिता भट्टाचार्या | Updated: June 12, 2018 20:07 IST

ऐपल ने अपने एक बयान में कहा है कि ऐप स्टोर पर उन ऐप को भी बैन किया जाएगा जो किसी थर्ड पार्टी ऐप के विज्ञापनों को ऐप पर दिखाते हैं। जैसे कि क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग।

Open in App

नई दिल्ली, 12 जून:  अमेरिकी टेक दिग्गज कंपनी Apple ने अपनी प्राइवेसी पॉलिसी में अहम बदलाव किए हैं। ऐपल ने अपने ऐप स्टोर के लिए रिव्यू गाइडलाइन को अपडेट किया है। दरअसल, कंपनी ने अपने ऐप स्टोर में ऐसे ऐप्स को बैन कर दिया है जो ऐपल प्लेटफॉर्म पर बिट्क्वॉइन या क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े हुए थे। कंपनी की नई गाइडलाइंस के अनुसार कंपनी ने ऐसे ऐप्स को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया है।

इसके अलावा, Apple ने अपने ऐप स्टोर पर फालतू के ऐप्स को भी बंद कर दिया है। साथ ही उन ऐप्स पर भी प्रतिबंध लगा दिया है जो आईफोन की बैटरी को ज्यादा खर्च करते हैं। इनमें ऐसे ऐप्स भी शामिल हैं जो डिवाइसेज पर ज्यादा भार डालते हैं, जिनकी वजह से ऐपल के डिवाइस गर्म हो जाते हैं।

ये भी पढ़ें- Jio डबल धमाका ऑफर कर देगा Airtel की छुट्टी, अब हर दिन मिलेगा एक्स्ट्रा 1.5 GB 4G डेटा

ऐपल ने अपने एक बयान में कहा है कि ऐप स्टोर पर उन ऐप को भी बैन किया जाएगा जो किसी थर्ड पार्टी ऐप के विज्ञापनों को ऐप पर दिखाते हैं। जैसे कि क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग। इसके अलावा, कंपनी उन थर्ड पार्टी ऐप्स के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करेगी जो क्रिप्टोकरेंसी को बढ़ावा देते हैं। ऐसे ऐप्स को कंपनी ने ऐप स्टोर से हटा दिया है। इसके अलावा बैकग्राउंड में फालतू के विज्ञापन चलाने वाले ऐप्स को रिमूव किया गया है। इनमें से ज्यादातर वो हैं जिनके बैकग्राउंड पर क्रिप्टोकरेंसी के विज्ञापन डिस्प्ले होते हैं।

हालांकि कंपनी ने यह भी कहा है कि वे ऐप्स ऐप स्टोर पर रहेंगे जो क्लाउड आधारित क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग करते हैं। दूसरे शब्दों में कहें तो एप्पल अब ऐप को ऐप स्टोर पर पब्लिश होने नहीं देगा जो ऐप वाले फोन या डिवाइस के जरिए क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग करते हैं।

ये भी पढ़ें- Xiaomi Redmi 6A बजट स्मार्टफोन लॉन्च, फेस अनलॉक और 18:9 डिस्प्ले है खासियत

बता दें कि 25 मई 2018 से यूरोप में GDPR लागू हो गया है जिसके बाद ऑनलाइन सर्विस देने वालों सभी सोशल मीडिया या फिर किसी दूसरे ऑनलाइन सेवा देने वाली कंपनियों को अपने यूजर्स को यह बताना होगा कि वह यूजर्स की कौन-कौन सी जानकारियों को अपने इस्तेमाल के लिए ले रही हैं।

टॅग्स :ऐपलक्रिप्टो करंसीआईओएसऐपस्टोर
Open in App

संबंधित खबरें

विश्वईरान 1 अप्रैल से पश्चिम एशिया में यूएस फर्मों को निशाना बनाएगा, 18 कंपनियों की सूची में Microsoft, Google और Apple शामिल

कारोबार1400 रुपये में बिक रहा 10 किग्रा?, आयात में रुकावट कश्मीर के सेब डीलरों के लिए वरदान साबित?

कारोबारटीसीएस से लेकर अमेज़न तक एआई के कारण मार्केट में बदलाव के बीच इन आईटी कंपनियों ने 1,00,000 से ज़्यादा कर्मचारियों को नौकरी से निकाला

कारोबारएप्पल ने नोएडा में अपना पहला स्टोर खोला, जानें कस्टमर्स के लिए ऑफर, वर्कशॉप और टाइमिंग

कारोबारभारतीय ग्राहक पर राज, 102.5 अरब अमेरिकी डॉलर की कमाई?, आईफोन बनाने वाली कंपनी एप्पल ने तोड़े रिकॉर्ड, मारुति सुजुकी का लाभ 8 प्रतिशत बढ़कर 3,349 करोड़ रुपये

टेकमेनिया अधिक खबरें

टेकमेनियाएआई: तकनीकी प्रगति या पर्यावरणीय संकट? 

टेकमेनियाPoco M8 5G Launched in India: 50MP कैमरा, 5520mAh बैटरी और 15,999 की लॉन्च कीमत

टेकमेनियाThe Realme 16 Pro 5G Price: 7000mAh की दमदार बैटरी के साथ इंडिया में लॉन्च हुआ Realme 16 Pro 5G, जानें कीमत, फीचर्स और भी बहुत कुछ

टेकमेनियाGoogle Doodle Today: नए साल के पहले दिन पर गूगल ने बनाया खास डूडल, जानिए क्यों है ये खास

टेकमेनियाYouTube down: यूट्यूब हुआ डाउन, भारत और यूएस में हजारों यूजर्स ने वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म के साथ समस्याओं की शिकायत की