लाइव न्यूज़ :

Maha Navami 2021 Puja Muhurat: महानवमी आज, जानें हवन-पूजा का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

By रुस्तम राणा | Updated: October 14, 2021 07:55 IST

आज शारदीय नवरात्रि की महानवमी तिथि है। देशभर में मां के मंदिरों में भक्तों की भीड़ है। मां के पांडालों में मां के रूप की छटा बिखरी हुई है। नवरात्रि के अंतिम दिन मां सिद्धिदात्री की आराधना होती है। इस दिन हवन, कन्या पूजन सहित मां दुर्गा की पूजा करने से भक्तों की समस्त प्रकार की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

Open in App
ठळक मुद्देमहानवमी आज, नवरात्रि का अंतिम दिनहवन, कन्या पूजन के साथ होगा नवरात्रि व्रत का पारण

महानवमी नवरात्रि का अंतिम दिन होता है। इस दिन नौ दिनों तक चलने वाला नवरात्रि पर्व समाप्त हो जाता है। महानवमी के दिन मां सिद्धिदात्रि की पूजा की जाती है। मां सिद्धि के स्वरूप की बात करें तो उनकी चार भुजाएं हैं। वे लाल रंग के वस्त्र पहने हुए कमल के आसन पर विराजमान हैं। उनके एक हाथ में चक्र, दूसरे में गदा, तीसरे हाथ में शंख और चौथे हाथ में कमल पुष्प है।  नवमी के दिन कन्या पूजन कर व्रत का पारण किया जाता है। 

महानवमी हवन का शुभ मुहूर्त 

अभिजित मुहूर्त सुबह - 11:44 AM से 12:30 PM तकरवि योग - सुबह 9:36 बजे से पूरे दिन तक

महानवमी की पूजा विधि

सुबह जल्‍दी उठकर स्नान ध्यान करें। मां सिद्धिदात्री के लिए प्रसाद तैयार करें। मां को भोग में नौ रस से युक्त भोजन और 9 प्रकार के फूल-फल चढ़ाएं। इसके बाद धूप-दीप जलाएं। नवमी के दिन मां के बीज मंत्र का जाप जरूर करना चाहिए। इससे भक्‍त की सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इसके साथ ही पूरे विधि-विधान से हवन करना चाहिए। पूजा के समापन में आरती गान करें। 2 से 10 साल की कन्‍याओं का पूजन करें। उन्‍हें हलवा-पूरी का भोजन कराना चाहिए और भेंट देकर विदा करना चाहिए। कन्या के साथ एक भैरव देव की पूजा करें।

मां सिद्धिदात्री का मंत्र

या देवी सर्वभू‍तेषु सिद्धिरूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमो नम:.

मां सिद्धिदात्री की आरती

जय सिद्धिदात्री तू सिद्धि की दातातू भक्तों की रक्षकतू दासों की माता,तेरा नाम लेते ही मिलती है सिद्धितेरे नाम से मन की होती है शुद्धिकठिन काम सिद्ध कराती हो तुमहाथ, सेवक, केसर, धरती हो तुम,तेरी पूजा में न कोई विधि हैतू जगदंबे दाती, तू सर्वसिद्धि हैरविवार को तेरा सुमरिन करे जोतेरी मूर्ति को ही मन में धरे जो,तू सब काज उसके कराती हो पूरेकभी काम उस के रहे न अधूरेतुम्हारी दया और तुम्हारी यह मायारखे जिसके सर पैर मैया अपनी छाया,सर्व सिद्धि दाती वो है भाग्यशाली जो है तेरेदर का ही अम्बे सवाली, हिमाचल है पर्वतजहां वास तेरा, महानंदा मंदिर में है वास तेरा,मुझे आसरा है तुम्हारा ही मातावंदना है सवाली तू जिसकी दाता 

टॅग्स :नवरात्रिनवरात्री महत्वहिंदू त्योहार
Open in App

संबंधित खबरें

पूजा पाठMay 2026 Festival Calendar: मोहिनी एकादशी से लेकर बुद्ध पूर्णिमा तक, नोट कर लें मई महीने की त्योहारों की तारीख

पूजा पाठUpcoming Hindu Festivals List: अप्रैल 2026 में 6 बड़े त्योहार, ये तारीखें नोट कर लें वरना पछताएंगे

पूजा पाठAkshaya Tritiya 2026: सोना खरीदने के पैसे नहीं हैं, अक्षय तृतीया पर खरीदें ये 7 चीजें बदल देंगी किस्मत!

पूजा पाठBohag Bihu 2026: कब है रोंगाली बिहू? जानिए क्यों खास हैं उत्सव के ये 7 दिन

पूजा पाठHanuman Jayanti Puja Muhurat 2026: नोट कर लें बजरंगबली की पूजा के ये 2 सबसे शुभ मुहूर्त, बरसेगी पवनपुत्र की कृपा

पूजा पाठ अधिक खबरें

पूजा पाठPanchang 20 May 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

पूजा पाठRashifal 20 May 2026: आज मिथुन राशिवालों को होगी परेशानी, जानें सभी राशियों का भविष्य

पूजा पाठGuru Gochar: 2 जून से 5 माह तक इन 3 राशि वालों का गोल्डन पीरियड, भाग्य में वृद्धि, धन वर्षा के संकेत

पूजा पाठPanchang 19 May 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

पूजा पाठRashifal 19 May 2026: रोजमर्रा के कामों में आ सकती हैं रुकावटें, जानें अपना भाग्यफल