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उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनावः ब्राह्मण,दलित और मुस्लिम मतदाताओं के दम पर अकेले चुनाव लड़ेगी कांग्रेस

By शीलेष शर्मा | Updated: July 29, 2020 21:20 IST

पार्टी सूत्रों के अनुसार प्रियंका गांधी ने प्रदेश में जन आंदोलन शुरू करने की योजना बना ली है, उनको लॉकडाउन खुलने पर राजनीतिक गतिविधियों के शुरू होने का इंतज़ार है।

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ठळक मुद्देपार्टी सूत्र बताते हैं कि वह ब्राह्मण, मुस्लिम और दलितों को साथ लेकर चुनाव में उतरने के लिये तैयारी में है।सोनिया गांधी ने 17 जिलों में जिला अध्यक्षों की नियुक्ति के आदेश ज़ारी किये, जिसमें 50 फ़ीसदी जिलों में ब्राह्मण नेताओं की नियुक्ति की गयी है।चार मुस्लिम जिला अध्यक्ष बनाये गये हैं और शेष जिलों में दलित तथा अन्य सवर्णों को स्थान दिया गया है।

नई दिल्लीः फ़रवरी-मार्च 2022 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनावों के लिये तैयार हो रही कांग्रेस ने अपनी रणनीति में बदलाव करते हुये इस बार अकेले अपनी दम पर बिना किसी समझौते के चुनाव मैदान में उतरेगी।

पार्टी सूत्र बताते हैं कि वह ब्राह्मण, मुस्लिम और दलितों को साथ लेकर चुनाव में उतरने के लिये तैयारी में है। इसके संकेत उन नियुक्तियों से मिले जो पार्टी महासचिव प्रियंका गाँधी के कहने पर की गयी हैं। दरअसल आज सोनिया गांधी ने 17 जिलों में जिला अध्यक्षों की नियुक्ति के आदेश ज़ारी किये, जिसमें 50 फ़ीसदी जिलों में ब्राह्मण नेताओं की नियुक्ति की गयी है।

चार मुस्लिम जिला अध्यक्ष बनाये गये हैं और शेष जिलों में दलित तथा अन्य सवर्णों को स्थान दिया गया है। इसी रणनीति के तहत जतिन प्रसाद, प्रमोद कृष्णन और आराधना मिश्रा को ब्राह्मणों के बीच सक्रिय कर दिया गया है।

दरअसल योगी सरकार पर ब्राह्मणों का आरोप है कि वह ब्राह्मण विरोधी हैं व उनकी उपेक्षा कर रहे हैं। कांग्रेस इसका पूरा राजनीतिक लाभ उठा लेना चाहती है। पार्टी सूत्रों के अनुसार प्रियंका गांधी ने प्रदेश में जन आंदोलन शुरू करने की योजना बना ली है, उनको लॉकडाउन खुलने पर राजनीतिक गतिविधियों के शुरू होने का इंतज़ार है। इधर प्रियंका दिल्ली का सरकारी आवास खाली कर स्वयं लखनऊ में डेरा डालने की पूरी तैयारी कर चुकी हैं। आंदोलन शुरू करने की रणनीति को लेकर प्रियंका ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू से विस्तार से चर्चा कर ली है।

जिन मुद्दों को लेकर आंदोलन शुरू होगा उनको भी चिन्हित किया गया है  उसमें प्रदेश की क़ानून व्यवस्था ,महिलाओं का उत्पीड़न ,बेरोज़गारी ,जैसे मुद्दे शामिल हैं। यह कांग्रेस के इतिहास में पहला अवसर है जब कांग्रेस चुनाव के एक साल पहले से चुनावी तैयारी शुरू कर दी हों।

प्रियंका द्वारा प्रदेश के छोटे से बड़े नेता को संदेश भेजा जा रहा है कि वे अपने अपने अधिकार वाले क्षेत्र में अभी से लोगों के बीच जा कर कॅरोना महामारी से पैदा हुयी कठिनाइयों में उनकी मदद करें ताकि पार्टी के जनाधार को मज़बूत किया जा सके। 

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