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Maharashtra ki khabar: विधान परिषद सीट पर घमासान, राज्यपाल कोश्यारी से मिले एमवीए नेता, सीएम ठाकरे को मनोनीत करने को कहा

By भाषा | Updated: April 28, 2020 21:16 IST

28 नवंबर को शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। 28 मई को उनके कार्यकाल का छह माह पूरा हो जाएगा। इससे पहले उन्हें विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनना जरूरी है।

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ठळक मुद्देराज्य मंत्रिमंडल ने सोमवार को मुख्यमंत्री ठाकरे को विधान परिषद में मनोनीत किये जाने का प्रस्ताव रखते हुए नये सिरे से सिफारिश की। परिषद की दो खाली सीटों में से एक पर राज्यपाल के कोटे में उन्हें मनोनीत करने की सिफारिश की गयी है।

मुंबईःसत्तारूढ़ महाराष्ट्र विकास अघाड़ी (एमवीए) के नेताओं ने मंगलवार को राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की और उद्धव ठाकरे को राज्यपाल द्वारा मनोनीत सदस्य के रूप में विधान परिषद में भेजने की मंत्रिमंडल की सिफारिश पर विचार करने का अनुरोध किया।

महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजीत पवार के नेतृत्व में गए प्रतिनिधिमंडल में राजस्व मंत्री बालासाहेब थोराट, जल संसाधन मंत्री जयंत पाटिल, खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल, शहरी विकास मंत्री एकनाथ शिंदे, संसदीय कार्य मंत्री अनिल परब और कपड़ा मंत्री असलम शेख शामिल थे।

राज्य मंत्रिमंडल ने सोमवार को मुख्यमंत्री ठाकरे को विधान परिषद में मनोनीत किये जाने का प्रस्ताव रखते हुए नये सिरे से सिफारिश की। परिषद की दो खाली सीटों में से एक पर राज्यपाल के कोटे में उन्हें मनोनीत करने की सिफारिश की गयी है।

ठाकरे विधान मंडल के किसी सदन के सदस्य नहीं हैं और उन्हें 28 मई तक विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनना होगा। शिवसेना नेता ने पिछले साल 28 नवंबर को मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी और इस तारीख से छह महीने की अवधि के अंदर उन्हें विधायिका का सदस्य बनना होगा, अन्यथा इस्तीफा देना होगा। इस बारे में राज्यपाल ने अभी फैसला नहीं लिया है। 

महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी पर दबाव बनाते हुए राज्य मंत्रिमंडल ने सोमवार को एक बार फिर उनसे मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) मनोनीत करने को कहा था। ठाकरे ने पिछले साल 28 नवंबर को मुख्यमंत्री पद संभाला था और उन्हें पद पर बने रहने के लिए एक महीने के भीतर ही विधानमंडल का सदस्य बनना होगा।

अब तक वह राज्य विधानसभा अथवा परिषद के सदस्य नहीं हैं। उप मुख्यमंत्री अजित पवार की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में फैसला लिया गया कि कोश्यारी से परिषद में राज्यपाल की ओर से मनोनीत किए जाने वाले दो सदस्यों में से एक सदस्य के तौर पर ठाकरे को मनोनीत किए जाने की सिफारिश की जाए।

इससे पहले भी इस महीने की शुरुआत में मंत्रिमंडल की बैठक के बाद राज्यपाल से ऐसा ही निवेदन किया गया था। कोरोना वायरस महामारी के कारण सभी चुनाव टाले जाने की वजह से ठाकरे चुनाव लड़कर विधायक नहीं बन पाए हैं। ठाकरे को विधान परिषद में मनोनीत करने को लेकर अब तक कोश्यारी ने मंजूरी नहीं दी है। ऐसे में शिवसेना सांसद संजय राउत ने देरी को लेकर पार्टी के मुखपत्र सामना में लिखे लेख में रविवार को भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व पर निशाना साधा था। 

टॅग्स :उद्धव ठाकरे सरकारमुंबईउद्धव ठाकरेअजित पवारकांग्रेसभारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)
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