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Madhya pradesh rajya sabha election: कैलाश विजयवर्गीय बोले- भाजपा का लेना-देना नहीं, कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई का नतीजा

By भाषा | Updated: March 4, 2020 15:32 IST

भाजपा नेता ने दावा किया कि इस मामले को लेकर जारी सियासी उथल-पुथल कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई का परिणाम है। विधायकों की खरीद-फरोख्त की कथित कोशिशों के बारे में पूछे जाने पर विजयवर्गीय ने यहां संवाददाताओं से कहा, "भाजपा का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। दरअसल, कांग्रेस में अंदरूनी लड़ाई चल रही है और यह मामला इसी का परिणाम है।"

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ठळक मुद्देसत्तारूढ़ कांग्रेस विधायकों की "कुंठा" और मुख्यमंत्री कमलनाथ के प्रति उनका "गुस्सा" दिखाता है।हमारे पास केवल चार-पांच विधायक कम थे और लोग हमारे पाले में आने को भी तैयार थे।

इंदौरः भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने बुधवार को कहा कि मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार को समर्थन दे रहे विधायकों की खरीद-फरोख्त की कथित कोशिशों के मामले में सूबे के प्रमुख विपक्षी दल की कोई भूमिका नहीं है।

इसके साथ ही भाजपा नेता ने दावा किया कि इस मामले को लेकर जारी सियासी उथल-पुथल कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई का परिणाम है। विधायकों की खरीद-फरोख्त की कथित कोशिशों के बारे में पूछे जाने पर विजयवर्गीय ने यहां संवाददाताओं से कहा, "भाजपा का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। दरअसल, कांग्रेस में अंदरूनी लड़ाई चल रही है और यह मामला इसी का परिणाम है।"

भाजपा महासचिव ने दावा किया कि सूबे की राजनीति में फिलहाल जो भी हो रहा है, वह सत्तारूढ़ कांग्रेस विधायकों की "कुंठा" और मुख्यमंत्री कमलनाथ के प्रति उनका "गुस्सा" दिखाता है। अपने कार्यकाल का सवा साल पूरा कर चुकी कमलनाथ सरकार के भविष्य के बारे में पूछे जाने पर विजयवर्गीय ने कहा, "देखिये, आगे क्या होता है। वैसे भाजपा चाहती, तो राज्य में अपनी सरकार पिछले विधानसभा चुनावों के बाद ही बना सकती थी क्योंकि हमारे पास केवल चार-पांच विधायक कम थे और लोग हमारे पाले में आने को भी तैयार थे। लेकिन हम इन चीजों पर विश्वास नहीं रखते।"

उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस से जुड़े कई नेता अब भी भाजपा के संपर्क में हैं। विजयवर्गीय ने कहा, "खासकर कांग्रेस के युवा विधायक यह सोचकर चिंतित हैं कि दिल्ली और भोपाल, दोनों जगह उनकी पार्टी का नेतृत्व ठीक नहीं है और ऐसे में उनके भविष्य का क्या होगा?" विजयवर्गीय ने यह आरोप भी लगाया कि राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस नवंबर 2018 के पिछले विधानसभा चुनावों के दौरान मतदाताओं से किये वादे निभाने में नाकाम रही है। 

टॅग्स :भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)कांग्रेसमध्य प्रदेशकमलनाथकैलाश विजयवर्गीयसंसद
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