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राहुल गांधी ने CWC की बैठक में चिट्ठी की टाइमिंग पर उठाए सवाल, बीजेपी से सांठगांठ का लगाया आरोप

By रामदीप मिश्रा | Updated: August 24, 2020 12:56 IST

सीडब्ल्यूसी की बैठक आरंभ होने के बाद सोनिया कहा कि वह अंतरिम अध्यक्ष के तौर अब काम नहीं करना चाहती। इसके बाद मनमोहन सिंह और कुछ अन्य नेताओं ने उनसे आग्रह किया कि वह पद पर बनी रहें।

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ठळक मुद्देकांग्रेस की सर्वोच्च नीति निर्धारण इकाई सीडब्ल्यूसी की बैठक सोमवार को आरंभ हो गई। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से हो रही है।

नई दिल्लीः कांग्रेस में नेतृत्व के मुद्दे पर पार्टी के दो खेमों में नजर आने की स्थिति बनने के बीच पार्टी की सर्वोच्च नीति निर्धारण इकाई कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक सोमवार को आरंभ हो गई। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से हो रही है। इस बीच कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सीडब्ल्यूसी की बैठक में पद छोड़ने की पेशकश की, जिसके बाद पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पार्टी के कई नेताओं ने उनसे पद पर बने रहने का आग्रह किया। 

इस बीच बैठक में शामिल पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने नाराजगी जताई है। उन्होंने पूछी है कि सोनिया गांधी को अस्पताल में भर्ती होने के समय पत्र (पार्टी नेतृत्व पर) क्यों भेजा गया? यह जानकारी सूत्रों ने दी है। राहुल गांधी ने कहा कि जब पार्टी राजस्थान एवं मध्य प्रदेश में विरोधी ताकतों से लड़ रही थी और सोनिया गांधी अस्वस्थ थीं तो उस समय ऐसा पत्र क्यों लिखा गया? राहुल ने कहा कि बीजेपी के साथ सांठगांठ की गई है।

सूत्रों के अनुसार, सीडब्ल्यूसी की बैठक आरंभ होने के बाद सोनिया कहा कि वह अंतरिम अध्यक्ष के तौर अब काम नहीं करना चाहती। इसके बाद मनमोहन सिंह और कुछ अन्य नेताओं ने उनसे आग्रह किया कि वह पद पर बनी रहें। नेतृत्व के मुद्दे पर कांग्रेस के दो खेमों में नजर आने की स्थिति बनने के बीच पार्टी की सर्वोच्च नीति निर्धारण इकाई सीडब्ल्यूसी की बैठक वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से हो रही है। 

सीडब्ल्यूसी की बैठक से एक दिन पहले रविवार को पार्टी में उस वक्त नया सियासी तूफान आया गया जब पूर्णकालिक एवं जमीनी स्तर पर सक्रिय अध्यक्ष बनाने और संगठन में ऊपर से लेकर नीचे तक बदलाव की मांग को लेकर सोनिया गांधी को 23 वरिष्ठ नेताओं की ओर से पत्र लिखे जाने की जानकारी सामने आई। 

हालांकि, इस पत्र की खबर सामने आने के साथ ही पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पार्टी के कई अन्य वरिष्ठ एवं युवा नेताओं ने सोनिया और राहुल गांधी के नेतृत्व में भरोसा जताया और इस बात पर जोर दिया कि गांधी परिवार ही पार्टी को एकजुट रख सकता है। 

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