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यूपी: हड़ताली बिजलीकर्मियों को यूपीपीसीएल ने दिया बड़ा झटका, 1 महीने का वेतन रोकने का आदेश किया जारी

By आजाद खान | Updated: March 27, 2023 12:08 IST

यूपीपीसीएल के इस आदेश से पहले इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को राज्य में बिजली हड़ताल के खिलाफ अदालत के निर्देशों की अवमानना करते हुए हड़ताल का आह्वान करने वालों के वेतन/पेंशन पर रोक लगाने का निर्देश दिया था।

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ठळक मुद्देयूपी के हड़ताली बिजलीकर्मियों को बड़ा झटका लगा है। यूपीपीसीएल ने आदेश जारी कर एक महीने का वेतन काटने को कहा है। बता दें कि कुछ दिन पहले विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने राज्य में 72 घंटे का हड़ताल बुलाया था।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (Uttar Pradesh Power Corporation Limited) ने विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के नेताओं को लेकर एक आदेश जारी किया है। इस आदेश में यह कहा गया है कि हड़ताल का नेतृत्व कर रहे नेताओं का एक महीने का वेतन या पेंशन कटेगा। 

बता दें कि राज्य में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति द्वारा 16 से 19 मार्च के बीच 72 घंटे के लिए हड़ताल बुलाया गया था। इस कारण राज्य के कई हिस्सों में बिजली की सप्लाई नहीं हुई थी जिससे नागरिकों को इससे काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा था। 

क्या है पूरा मामला

उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड यानी यूपीपीसीएल ने एक आदेश जारी किया है जिसमें यह कहा गया है कि जिन नेताओं ने 72 घंटों तक हड़ताल को बुलाया था उनकी एक महीने का वेतन/पेंशन रोकने की प्रक्रिया को शुरू किया जाए। ऐसे में हड़ताल में शामिल हुए सभी कर्मचारियों का विवरण जमा किया जा रहा है जो इस दौरान हड़ताल में शामिल होते हुए काम नहीं किए थे। 

यूपीपीसीएल के इस आदेश से पहले इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को यह कहा था कि वो कोर्ट के निर्देशों को नहीं मानने वाले हड़ताली कर्मचारियों का वेतन/पेंशन को रोक दें। ऐसे में कोर्ट के आदेश के बाद यूपीपीसीएल ने आदेश जारी कर हड़ताल में शामिल नेताओं का एक महीने का वेतन/पेंशन काटने की फैसला किया है। 

इससे पहले बिजली विभाग ने 1332 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला था

इससे पहले उत्तर प्रदेश सरकार के बिजली विभाग ने हड़ताल पर गए संविदा पर काम करने वाले 1332 कर्मचारियों को काम से निकाल दिया था। ऐसे में आंदोलनरत नेताओं ने एक बयान भी जारी किया था और चेतावनी दी थी कि अगर विभाग से किसी को नौकरी से निकाला या गिरफ्तार किया जाता है तो 72 घंटे की सांकेतिक हड़ताल अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदल जायेगी। गौरतलब है कि राज्य के बिजली मंत्री एके शर्मा ने दिन में चेतावनी दी थी कि अगर संविदा कर्मी शाम छह बजे तक काम पर नहीं लौटे तो उन्हें आज ही बर्खास्त कर दिया जाएगा। 

भाषा इनपुट के साथ

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