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UP Election 2022: जानिए यूपी में सीएम पद के दावेदारों की शैक्षिक योग्यता

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 19, 2022 22:12 IST

UP Election 2022: लगभग 15 करोड़ वोटरों के लिए यह जानकारी बेहद दिलचस्प है कि उत्तर प्रदेश के चुनावी महासमर में जो महारथी सीएम की रेस में हैं, उन्होंने किस तरह की शिक्षा ली है।

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ठळक मुद्देयोगी आदित्यनाथ ने संन्यास लेने से पहले विज्ञान के क्षेत्र में अध्ययन किया।अखिलेश यादव सीएम पद के इकलौते उम्मीदवार हैं, जिन्होंने विदेश से पढ़ाई की है।यूपी की 4 बार सीएम रहीं मायावती लॉ ग्रेजुएट हैं।

UP Election 2022: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 का सियासी बिगुल बज चुका है। लगभग सभी दलों के धुरंधर पूरे दमखम के साथ चुनावी मैदान में हैं। करोड़ों के विशाल वोटरों का समूह इस चुनाव में विभिन्न दलों के महारथियों के भाग्य का फैसला करने वाला है। 

सत्ता को साधने की जुगत में लगे इन महारथियों का राजनीतिक जीवन वैसे तो सूबे की जनता के सामने है लेकिन इसके साथ ही मतदाताओं को इन तमाम जनसेवकों की कुछ खास बातें भी जानना जरूरी है और उन्हीं बातों में है इनकी शैक्षिक योग्यता। यहां हम बता रहे हैं यूपी के उन्हीं दिग्गज चेहरों के बारे में, जो आने वाले वक्त में यूपी की बागडोर संभाल सकते हैं।   

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथगोरखनाथ मंदिर के महंत योगी आदित्यनाथ ने संन्यास लेने से पहले एमएससी तक की शिक्षा ली। 5 जून 1972 को उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के यमकेश्वर तहसील के पंचूर गांव में पैदा हुए अजय सिंह बिष्ट ( संन्यास से पहले योगी आदित्यनाथ का नाम) ने साल 1977 में टिहरी गढ़वाल से स्कूली शिक्षा ली। 

इसे बाद योगी आदित्यनाथ ने साल 1987 में दसवीं की परीक्षा पास की। साल 1989 में इन्होंने ऋषिकेश के श्री भरत मन्दिर इन्टरमीडिएट कॉलेज से उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की बारहवीं की परीक्षा पास की। 

साल 1992 में गणित से बीएससी करने के लिए योगी आदित्यनाथ ने गढ़वाल के हेमवती नन्दन बहुगुणा यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया और फिर उसके बाद गोरखपुर मंदिर के तत्कालीन महंत अवैद्यनाथ के संपर्क में आये फिर साल 1994 में संन्यास की दीक्षा लेकर सांसारिक जीवन को त्याग दिया। साल 1998 में योगी आदित्यनाथ पहली बार गोरखपुर लोकसभा सीट से सांसद बने और साल 2017 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की गद्दी पर पहुंचे। 

अखिलेश यादव: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को राजनीति परिवार के विरासत में मिली है। 1 जुलाई 1973 को पैदा हुए अखिलेश यादव सपा संरक्षक मुलायम सिंह के बेटे हैं। इनकी प्रारंभिक पढ़ाई चाचा शिवपाल यादव की देखरेख में इटावा के सेंट मैरी स्कूल से हुई। इसके आगे की पढ़ाई इन्होंने राजस्थान के धौलपुर मिलिट्री स्कूल से की। 

जब अखिलेश यादव धौलपुर में पढ़ रहे थे उस समय मुलायम सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हुआ करते थे। सैनिक स्कूल से बारहवीं पास करने के बाद अखिलेश यादव ने मैसूर यूनि‍वर्सि‍टी से एनवायरमेंटल टेक्नोलॉजी में बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग की डिग्री ली। आगे की पढ़ाई के लिए अखिलेश यादव ऑस्ट्रेलिया गये। जहां से उन्होंने एनवायरमेंटल टेक्नोलॉजी में ही मास्टर्स की डिग्री ली। 

कहते हैं कि पूर्व सांसद अमर सिंह की सरपरस्ती में अखिलेश यादव ने ऑस्ट्रेलिया में अपनी शिक्षा पूरी की। अख‍िलेश यादव पहली बार साल 2000 में कन्नौज से लोकसभा के सांसद बने और साल 2012 में बहुजन समाज पार्टी को हराकर यूपी के मुख्यमंत्री बने। 

मायावती:  सियासत में बहन जी के नाम से मशहूर मायावती 4 बार उत्तर प्रदेश की बागडोर अपने हाथों में संभाल चुकी हैं। यूपी के गौतमबुद्ध नगर के बादलपुर गांव से ताल्लूक रखने वाली मायावती का जन्म 15 जनवरी, 1956 को दिल्ली में हुआ था। मायावती के पिता दिल्ली में डाक विभाग के कर्मचारी थे, इस वजह से उनकी प्रारंभिक शिक्षा दिल्ली से ही हुई। 

कांशीराम के साथ दलित समाज में नई चेतना को जगाने वाली मायावती ने साल 1975 में दिल्ली यूनिवर्सिटी के कालिंदी कालेज से ग्रेजुएशन किया। इसके बाद साल 1976 में मायावती ने मेरठ यूनिव्रसिटी से बीएड की डिग्री ली। 

साल 1983 में मायावती फिर वापस दिल्ली यूनिवर्सिटी पहुंची, जहां से उन्होंने एलएलबी की पढ़ाई की। उसी दौरान वो दलित आंदोलन की अगुवाई कर रहे कांशीराम के संपर्क में आयीं और साल 1984 में बसपा की स्थापना के साथ उससे जुड़ गईं। मायावती साल 1995 में पहली बार यूपी की मुख्यमंत्री बनीं। उसके बाद साल 1997, 2002 और साल 2007 में भी मुख्यमंत्री की गद्दी पर बैठीं। 

प्रियंका गांधीकांग्रेस उत्तर प्रदेश विधानसभा का चुनाव पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी की अगुवाई में लड़ रही है। 12 जनवरी 1972 को जब प्रियंका गांधी का जन्म हुआ तो उनकी दादी इंदिरा गांधी देश की प्रधानमंत्री थीं। कहते हैं कि साल 1984 में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद इनकी शिक्षा कुछ समय के लिए प्रभावित हुई थी।

लेकिन बाद में देश की बागडोर संभालने वाले प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने प्रियंका गांधी और राहुल गांधी की शिक्षा को फिर से सुचारू रूप से शुरू करवाया। प्रियंका गांधी की प्रारंभिक पढ़ाई दिल्ली के मॉडर्न स्कूल  से हुई। इसके बाद इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के जीसस एंड मैरी कॉलेज से साइकोलॉजी में ग्रेजुएशन की डिग्री ली।

साल 1999 से उत्तर प्रदेश की राजनीति में सक्रिय होने वाली प्रियंका गांधी ने अपनी मां सोनियां गांधी के तत्कालीन लोकसभा चुनाव में अमेठी सीट के लिए जमकर प्रचार किया। लगभग एक दशक से ज्यादा का वक्त हो गया प्रियंका गांधी यूपी में कांग्रेस की मजबूत धुरी बनी हुई हैं। 

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