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UP By-Election: उपचुनाव में परिवार और पुराने चेहरे पर दांव लगाएंगे अखिलेश यादव

By राजेंद्र कुमार | Updated: August 10, 2024 19:20 IST

सपा के मुखिया अखिलेश यादव ने अपने प्रभाव वाली सीटों पर पार्टी के सांसद और निवर्तमान विधायकों के परिवारों के किसी व्यक्ति को चुनाव मैदान में खड़ा करने का मन बनाया है। वहीं कांग्रेस नेताओं ने सपा से गाजियाबाद खैर और मझवा सीट सीट छोड़ने का आग्रह किया है।

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ठळक मुद्देकांग्रेस नेताओं ने सपा से गाजियाबाद खैर और मझवा सीट सीट छोड़ने का आग्रह कियाअखिलेश जल्दी ही इस संबंध में कांग्रेस के नेताओं से साथ बातचीत कर जल्दी ही फैसला लेंगेयूपी की 10 सीटों में से 9 सीटों पर चुनाव विधायकों के सांसद बनने की वजह से होना है

लखनऊ:उत्तर प्रदेश की 10 सीटों पर होने वाले उपचुनावों को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के बीच चुनावी रणनीति तैयार की जाने लगी है। इसके तहत सपा और कांग्रेस के नेतृत्व में विधानसभावार बैठक कर अपनी चुनावी जमीन को मुफीद बनाने की संभावनाओं पर काम शुरू हो गया है। सपा के मुखिया अखिलेश यादव ने अपने प्रभाव वाली सीटों पर पार्टी के सांसद और निवर्तमान विधायकों के परिवारों के किसी व्यक्ति को चुनाव मैदान में खड़ा करने का मन बनाया है। वहीं कांग्रेस नेताओं ने सपा से गाजियाबाद खैर और मझवा सीट सीट छोड़ने का आग्रह किया है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस के नेताओं से वार्ता के बाद अखिलेश कांग्रेस को दो सीटें देने पर सहमत हो जाएंगे।  

इन नेताओं को चुनाव मैदान में उतारने पर अखिलेश सहमत

यूपी की 10 विधानसभा सीट गाजियाबाद, खैर, मीरापुर, कुंदरकी, करहल, मिल्कीपुर, कटेहरी, फूलपुर, मझवां और सीसामऊ में उपचुनाव होना है। इन 10 सीटों में से 9 सीटों पर चुनाव विधायकों के सांसद बनने की वजह से होना है। वहीं, कानपुर की सीसामऊ सीट सपा विधायक इरफान सोलंकी  के सजायाफ्ता होने के चलते अयोग्य घोषित किए जाने से खाली हुई है। जिन 10 सीटों पर उपचुनाव होना है, उनमें 5 सीट पर सपा, तीन सीट पर भाजपा और एक-एक सीट पर राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) तथा निषाद पार्टी के नेता चुनाव जीते थे।

अब इन सीटों को जीतने के लिए विपक्ष और भाजपा की योगी सरकार के बीच तगड़ा मुक़ाबला होने लगा है, जिसके चलते अखिलेश यादव ने अपनी सीटें बरकरार रखने के लिए अपनी तैयार की गई रणनीति पर शनिवार को पार्टी के नेताओं के साथ विचार विमर्श किया। पार्टी नेताओं के अनुसार, करहल, कुंदरकी, मिल्कीपुर, कटेहरी व सीसामऊ सीट पर फिर से जीत हासिल करना अखिलेश यादव की पहली प्राथमिकता है।

इसके लिए इन पांचों सीटों में से चार पर निवर्तमान प्रतिनिधियों के परिवार से ही किसी को पार्टी लड़ाने पर विचार किया गया। जिसके चलते मिल्कीपुर से सांसद अवधेश प्रसाद के बेटे अजीत, कटेहरी से लालजी वर्मा की बेटी या पत्नी, सीसामऊ से इरफान सोलंकी की पत्नी को और करहल सीट से पूर्व सांसद तेज प्रताप सिंह को चुनाव मैदान में उतारा जाना तय हो गया है। 

जल्दी ही अखिलेश लेंगे फैसला 

सपा नेताओं के मुताबिक उक्त सीटों के अलावा कुंदरकी सीट से पूर्व विधायक हाजी रिजवान व पूर्व मंत्री अकीलुर्रहमान खां और मीरापुर सीट से पूर्व सांसद कादिर राणा को चुनाव लड़ाए जाने पर विचार किया गया है, जबकि फूलपुर सीट से इस बार पीडीए की राजनीति के तहत इस बार अखिलेश यादव कुर्मी समाज के राजेंद्र पटेल अथवा धर्मपाल को चुनाव लड़ाने पर पार्टी नेताओं से चर्चा की गई हैं।

खैर की सुरक्षित सीट पर कांग्रेस ने दावा किया है। इस सीट पर बीते विधानसभा चुनाव में सपा के साथ मिलकर रालोद ने चुनाव लड़ा था और रलोद का उम्मीदवार चुनाव जीता था। सपा के नेता भी इस सीट पर चुनाव लड़ने के इच्छुक है लेकिन कांग्रेस इस सीट पर चुनाव लड़ने पर ज़ोर दे रही है।

इसके अलावा कांग्रेस ने गाजियाबाद और मिर्जापुर की मझवां सीट सपा से छोड़ने का आग्रह किया है। बताया जा रहा है कि अखिलेश यादव जल्दी ही इस संबंध में कांग्रेस के नेताओं से साथ बातचीत कर जल्दी ही फैसला लेंगे।

टॅग्स :उत्तर प्रदेशसमाजवादी पार्टीअखिलेश यादवउपचुनाव
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