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ब्रिटिश सांसद बॉब ब्लैकमैन का बड़ा बयान- पूरी तरह से बढ़ा-चढ़ाकर पेश की गई पीएम मोदी पर बनी बीबीसी डॉक्यूमेंट्री

By मनाली रस्तोगी | Updated: February 14, 2023 12:03 IST

ब्रिटिश सांसद बॉब ब्लैकमैन ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बनी बीबीसी डॉक्यूमेंट्री पूरी तरह से बढ़ा-चढ़ाकर पेश की गई है।

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ठळक मुद्देब्रिटिश सांसद बॉब ब्लैकमैन ने कहा कि बीबीसी ब्रिटिश सरकार के विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करता है।उन्होंने कहा कि डॉक्यूमेंट्री खराब पत्रकारिता का परिणाम है; खराब शोध किया गया है और पूरी तरह से अनुचित है।उन्होंने आगे कहा कि चीन भारत को घेरने की कोशिश कर रहा है।

नई दिल्ली: ब्रिटिश सांसद बॉब ब्लैकमैन ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बनी बीबीसी डॉक्यूमेंट्री पूरी तरह से बढ़ा-चढ़ाकर पेश की गई है। न्यूज18 से बात करते हुए उन्होंने कहा, "बीबीसी ब्रिटिश सरकार के विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करता है। डॉक्यूमेंट्री एक हैचेट जॉब है।" ब्लैकमैन ने कहा कि दो-भाग की श्रृंखला खराब पत्रकारिता का परिणाम है; खराब शोध किया गया है और पूरी तरह से अनुचित है।

उन्होंने आगे कहा कि चीन भारत को घेरने की कोशिश कर रहा है। बता दें कि केंद्र सरकार ने 21 जनवरी को ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन (बीबीसी) की विवादास्पद डॉक्यूमेंट्री के लिंक साझा करने वाले कई यूट्यूब वीडियो और ट्विटर पोस्ट को ब्लॉक करने के निर्देश जारी किए थे। इसके बाद इस मामले ने काफी तूल पकड़ा और विपक्ष ने इस डॉक्यूमेंट्री को लेकर केंद्र को घेरा भी। बाद में ये मामला सुप्रीम कोर्ट जा पहुंचा।

ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने 2002 के गुजरात दंगों से संबंधित विवादित डॉक्यूमेंट्री के मद्देनजर भारत में ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन (बीबीसी) पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने संबंधी याचिका शुक्रवार को यह कहते हुए खारिज कर दी कि यह 'पूरी तरह गलत विचार' है। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश की पीठ ने हिंदू सेना के अध्यक्ष विष्णु गुप्ता और एक किसान बीरेंद्र कुमार सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश सुनाया था।

पीठ ने कहा, "रिट याचिका पूरी तरह से गलत है और इसमें कोई दम नहीं है, तदनुसार इसे खारिज किया जाता है।" सुनवाई की शुरुआत में ही न्यायमूर्ति खन्ना ने कहा, "यह पूरी तरह से गलत विचार है और इसमें कोई दम नहीं है। आप इस पर बहस भी कैसे कर सकते हैं। मेरा मानना है कि यह (याचिका) गलत है।" याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता पिंकी आनंद ने शीर्ष अदालत से वृत्तचित्र जारी करने के समय पर ध्यान देने का आग्रह किया और कहा कि स्थिति तब ऐसी है, जब ब्रिटेन का प्रधानमंत्री एक भारतीय है।

(भाषा इनपुट के साथ)

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