लाइव न्यूज़ :

मोदी सरकार कर रही 13 केंद्रीय श्रम कानूनों के बदले एक संहिता बनाने पर विचार, बजट सत्र में पेश होंगे ये विधेयक

By लोकमत समाचार ब्यूरो | Updated: November 14, 2019 09:30 IST

गंगवार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तीसरी संहिता यानी सामाजिक सुरक्षा संहिता के बारे में अवगत कराया जा चुका है. सरकार चारों नई संहिताओं को जल्द से जल्द अमल में लाना चाहती है.

Open in App
ठळक मुद्दे संसद का बजट सत्र जनवरी के अंतिम सप्ताह में शुरू होने का अनुमान है.सरकार 44 श्रम कानूनों को मिलाकर चार श्रम संहिता बनाना चाहती है

सरकार श्रम सुधारों को आगे बढ़ाते हुए व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यस्­थल स्थिति विधेयक को संसद के बजट सत्र में पारित कराने पर जोर देगी. केंद्रीय श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने आज इसकी जानकारी दी. इस संहिता को लोकसभा में 23 जुलाई 2019 को पेश कर दिया गया था. इसके पारित होने से कामगारों का कवरेज दायरा कई गुणा बढ़ जाने तथा 13 केंद्रीय श्रम कानूनों के बदले एक संहिता के अमल में आने का अनुमान है. यह संहिता ऐसे सभी प्रतिष्ठानों पर लागू होगी, जिसमें 10 या इससे अधिक कर्मचारी हों.

मंत्री ने कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) के एक कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से कहा, 'हम निश्चित तौर पर बजट सत्र में व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यस्­थल परिवेश संहिता को लाएंंगे. संसद की स्थायी समिति ने संहिता पर लोगों से टिप्पणियां मंगाई हैं ' संसद का बजट सत्र जनवरी के अंतिम सप्ताह में शुरू होने का अनुमान है. 44 श्रम कानूनों को मिलाकर चार श्रम संहिता सरकार को श्रम सुधार की प्रक्रिया में मानदेय संहिता पर पहले ही संसद की मंजूरी मिल चुकी है. इसके बाद व्यावसायिक सुरक्षा, स्­वास्­थ्­य और कार्यस्­थल स्थिति संहिता की बारी है. सरकार 44 श्रम कानूनों को मिलाकर चार श्रम संहिता बनाना चाहती है.

गंगवार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तीसरी संहिता यानी सामाजिक सुरक्षा संहिता के बारे में अवगत कराया जा चुका है. सरकार चारों नई संहिताओं को जल्द से जल्द अमल में लाना चाहती है. सामाजिक सुरक्षा और औद्योगिक संबंध को लेकर शेष दो संहिताओं के बारे में पूछे जाने पर मंत्री ने कहा, 'श्रम संबंधी मुद्दों पर कानून का मसौदा तैयार करने की त्रिकोणीय प्रक्रिया है. हम कुछ भी हड़बड़ी में नहीं करना चाहते हैं. विमर्श जारी है. हम इसे शीघ्र ही संसद में पेश करना चाहते हैं.'

अस्पताल खोलने के प्रावधान नरम श्रम मंत्री गंगवार ने इससे पहले कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ईएसआईसी ने 102 निर्दिष्ट नए क्रियान्वयित जिलों में लाभार्थियों को चिकित्सा बीमा का लाभ देने के लिए आयुष्मान भारत योजना के साथ भागीदारी की है. उन्होंने कहा कि ईएसआईसी ने अस्पताल खोलने के प्रावधानों को भी नरम बना दिया है. अब उन जगहों पर भी 30 बिस्तरों वाला अस्पताल खोला जा सकता है जहां बीमा के 20 हजार लाभार्थी हों.

टॅग्स :संसद बजट सत्रसंतोष कुमार गंगवार
Open in App

संबंधित खबरें

भारतमहिला आरक्षण अधिनियमः 3 लाइन व्हिप?, लोकसभा-राज्यसभा के सभी भाजपा सदस्य 16 से 18 अप्रैल तक संसद में रहे?

भारतसंसद में काम ही पहचान बनेगा, मेरा काम बोलेगा?, ‘आप’ के साथ मतभेदों के बीच राघव चड्ढा शेयर किया कई वीडियो सीरीज?

भारत21वीं सदी की विकास यात्राः आइए, मिलकर नारी शक्ति को सशक्त करें?

भारतक्या राघव चड्ढा किसी अन्य दल से जुड़े हुए हैं, पंजाब सीएम मान ने कहा-हां, समोसा और जहाज किराया पर बोल रहे थे और पंजाब मुद्दे पर नहीं, वीडियो

कारोबारसंसद ने जन विश्वास विधेयक 2026 पारित, 717 अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर किया, जुर्माने की राशि 1 करोड़ रुपये?

भारत अधिक खबरें

भारत"सरकार हर आयोजन को सड़क पर करा रही है": सड़कों पर नमाज को लेकर सीएम योगी पर अखिलेश का पलटवार

भारतUjjain: श्री महाकाल मंदिर सभा मंडप में सफाई कर्मी महिला को कुत्ते ने काटा

भारत'चंद दिनों के बलात्कार और दुष्कर्म के चंद आंकड़े दे रहा हूँ': नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आंकड़े जारी कर सम्राट सरकार पर बोला तीखा हमला

भारतविकास प्रक्र‍िया में जनजातीय समाज को शामिल करने प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बनाई नीतियां: मंत्री डॉ. शाह

भारतक्या बीजेपी में शामिल होंगे रेवंत रेड्डी? तेलंगाना सीएम को लेकर निज़ामाबाद के सांसद धर्मपुरी के बयान ने मचाई सनसनीखेज