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देश में सिंगल सिगरेट की बिक्री पर लग सकती है रोक, गुटखा, सुगंधित तंबाकू और माउथ फ्रेशनर के बैन के लिए भी की गई है शिफारिश, जानें पूरा मामला

By आजाद खान | Updated: December 12, 2022 14:21 IST

आपको बता दें कि भारत के शहर में रहने वाली 5 फीसदी महिलाएं ऐसी है जो तंबाकू का सेवन करती है। यही नहीं गावों में रहने वाली 11 फीसदी महिलाएं भी ध्रुम-पान का सेवन करती है।

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ठळक मुद्देदेश में सिंगल सिगरेट के बेचने पर बैन लग सकता है। इसके रोक के लिए संसद की स्थायी समिति ने सदन में एक प्रस्ताव रखा है। इस प्रस्ताव में गुटखा, सुगंधित तंबाकू और माउथ फ्रेशनर पर भी रोक लगाने की शिफारिश की गई है।

नई दिल्ली: देश में सिंगल सिगरेट के बेचने पर रोक लग सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि संसद की स्थायी समिति ने इस तरह से सिंगल सिगरेट की बिक्री को रोकने का प्रस्ताव दिया है। प्रस्ताव भेजने वाले समिती का मानना है कि इससे तंबाकू नियंत्रण अभियान प्रभावित हो रहा है। 

समिती ने प्रस्ताव में यह भी शिफारिश की है कि एयरपोर्ट में चालु स्मोकिंग जोन को भी बंद किया जाए। ऐसे में आने वाले दिनों में यह संभावना जताई जा रही है कि आम बजट में तंबाकू के उत्पादों पर टैक्स की बढ़ोतरी भी हो सकती है। 

प्रस्ताव में क्या कहा गया है

आपको बता दें कि संसद की स्थायी समिति ने हाल में ही एक शिफारिश भेजी है जिसमें यह कहा गया है कि देश में तंबाकू उत्पादों और अल्कोहल के सेवन पर लगाम लगना चाहिए। समिती ने तंबाकू और अल्कोहल के सेवन को कंट्रोल करने के लिए इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर का हवाला दिया है और कहा है कि इसके इस्तेमाल से कैंसर की आशंकाएं बढ़ जाती है। ऐसे में इस कंट्रोल करने की बात कही जा रही है। 

समिती ने यह भी कहा है कि देश में जीएसटी के लागू होने के बाद भी तंबाकू उत्पादों के टैक्स में कोई बढ़ोतरी नहीं देखी गई है। इस तर्क के आधार पर समिती ने देश में तंबाकू और अल्कोहल के इस्तेमाल पर नियंत्रित चाहती है, ऐसे में प्रस्ताव में एयरपोर्ट के स्मोकिंग जोन को भी बंद करने की बात कही गई है। 

टैक्स के पैसे इस काम में हो इस्तेमाल, इतनी महिलाएं करती है तंबाकू का सेवन

प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि इन तंबाकू और अल्कोहल से मिलने वाले टैक्स को कैंसर से पीड़ित मरीजों के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए। समिती ने अपनी प्रस्ताव में यह भी कहा है कि केवल तंबाकू और अल्कोहल पर ही नहीं बल्कि गुटखा, सुगंधित तंबाकू और माउथ फ्रेशनर पर भी रोक लगना चाहिए। 

स्वास्थ्य मंत्रालय के डेटा के अनुसार, देश में 27 करोड़ से ज्यादा लोग तंबाकू का सेवन करते है जिसमें हर दिन 3500 लोगों की जान जाती है। यही नहीं नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे की अगर माने तोशहरी इलाकों में 29% और ग्रामीण इलाकों में 43% पुरुष तंबाकू का सेवन करते है। वहीं अगर बात करेंगे महिलाओं की तो गांव में रहनी वाली 11 फीसदी और शहर में रहने वाली 5 फीसदी महिलाएं तंबाकू का इस्तेमाल करती है। 

टॅग्स :भारतसंसदTobacco Associationकैंसर
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