लाइव न्यूज़ :

देश में 100 दिन के भीतर 5जी का परीक्षण, चीन की हुवावे कंपनी को लग सकता है झटका

By संतोष ठाकुर | Updated: June 4, 2019 05:53 IST

ऐसे में चीन की कंपनी से अगर उनका देश उनके कानून के तहत डाटा मांगेगा तो यह समस्त भारतीय डाटा वहां चला जाएगा। जिसकी हम अनुमति नहीं दे पाएंगे। हालांकि इस पर प्रधानमंत्री के सलाहकार वाली समिति की रपट का इंतजार किया जा रहा है।

Open in App
ठळक मुद्देदेश में 5जी तकनीक के परीक्षण में चीन की हुवावे कंपनी, जिस पर अमेरिका सहित कई देशों ने 5जी तकनीक में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया है ट्राई ने इसकी कीमत को लेकर अपनी सिफारिश दी है। हमारा मानना है कि इसी वर्ष के अंतर तक स्पेक्ट्रम की नीलामी हो सकती है।

देश में अगले सौ दिन में 5जी का ट्रायल—परीक्षण शुरू हो जाएगा। नए दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने दूरंसचार मंत्रालय का प्रभार संभालते हुए सोमवार को इस द्रुत गति स्पीड वाले स्पेक्ट्रम तकनीक के परीक्षण का रोड—मैप तय करते हुए कहा कि 5जी तकनीक अपनाने में भारत पीछे नहीं रहेगा। क्या इस तकनीक के परीक्षण में चीन मूल की हुवावे कंपनी शामिल होगी। 

इस सवाल के जवाब में प्रसाद ने कहा कि सुरक्षा सहित अन्य पहलुओं की जांच के बाद हुवावे के परीक्षण में शामिल होने पर निर्णय किया जाएगा। इस मसले पर एक उच्च स्तरीय समिति बनाई गई है। उसकी रपट का इंतजार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश में इसी साल स्पेक्ट्रम की नीलामी भी की जाएगी। ट्राई ने इसकी कीमत को लेकर अपनी सिफारिश दी है। हमारा मानना है कि इसी वर्ष के अंतर तक स्पेक्ट्रम की नीलामी हो सकती है। उन्होंने इसकी आरक्षित दर के ज्यादा होने के इंडस्ट्री के दावों को लेकर कहा कि इंडस्ट्री के साथ बातचीत के लिए मंत्रालय का एक वृहद तंत्र है। वह इंडस्ट्री से भी बात करेंगे।

देश में 5जी तकनीक के परीक्षण में चीन की हुवावे कंपनी, जिस पर अमेरिका सहित कई देशों ने 5जी तकनीक में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया है, के शामिल होने पर हालांकि दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सीधे कुछ नहीं कहा लेकिन दूसरी ओर ओर, दूरसंचार मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हुवावे शायद ही इस ट्रायल में शामिल हो पाए। इसकी वजह यह है कि चीन ने 2017 में नेशनल इंटेलीजेंस लॉ प्रभावी किया था। 

इसमें कहा गया था कि चीन की कंपनियां चाहे देश के अंदर काम करे या फिर बाहर कारोबार करें, लेकिन जब भी उनके नेटवर्क—कार्य क्षेत्र के डाटा की मांग की जाएगी तो उन्हें यह देना होगा। जब हम 5जी तकनीक को शुरू करेंगे तो कोर या ऐज नेटवर्क का अंतर खत्म हो जाएगा। परीक्षण वाली कंपनियों की पहुंच समस्त डाटा तक होगी। यही नहीं, 5जी आने के बाद एक ही जगह पर बीस डिवाइस इंटरनेट आफॅ थिंग्स से जुड़े होंगे। 

ऐसे में चीन की कंपनी से अगर उनका देश उनके कानून के तहत डाटा मांगेगा तो यह समस्त भारतीय डाटा वहां चला जाएगा। जिसकी हम अनुमति नहीं दे पाएंगे। हालांकि इस पर प्रधानमंत्री के सलाहकार वाली समिति की रपट का इंतजार किया जा रहा है। एक बार रपट आने के बाद कोई औपचारिक निर्णय किया जाएगा।

टॅग्स :5जी नेटवर्करविशंकर प्रसादमोदी सरकार
Open in App

संबंधित खबरें

भारतTamil Nadu Election 2026: क्या CBSE का नया सिलेबस भाषा विवाद की जड़? सीएम स्टालिन ने कहा- "भाषा थोपने का सुनियोजित प्रयास"

भारतImport Duty Cut: सरकार ने आज से 41 वस्तुओं पर हटाया आयात शुल्क, चेक करें पूरी लिस्ट

भारतऊर्जा संकट में भी आत्मविश्वास कायम रहने का क्या है राज ?

भारतBihar News: राज्य अधिकारियों ने दिया अपनी संपत्ति का ब्योरा, जानें सबसे ज्यादा अमीर कौन?

कारोबारNew Labour Code: नौकरीपेशा लोगों के लिए बड़ी खबर, 1 अप्रैल से लागू हुए नए नियम, ओवरटाइम और PF में हुए ये बदलाव

भारत अधिक खबरें

भारत'Three Allegations, Zero Truth': आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा की भूमिका से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा का जवाब

भारतMadhya Pradesh: अनूपपुर ज़िले में चार-मंज़िला होटल गिरने से मलबे में कई लोगों के फँसे होने की आशंका, एक की मौत

भारततमिलनाडु चुनावों के लिए BJP का टिकट न मिलने के बाद अन्नामलाई ने दिया अपना स्पष्टीकरण

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील