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उपचुनाव के बाद बीजेपी को दूसरा बड़ा झटका, NDA से TDP हुई अलग, अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी

By पल्लवी कुमारी | Updated: March 16, 2018 12:02 IST

बीजेपी के लिए जैसे हालात बन रहे हैं उससे ये साफ पता चल रहा है कि आने वाला लोकसभा चुनाव आसान नहीं होने वाला है।

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ठळक मुद्देटीडीपी के अलावा और भी विपक्षी पार्टियों का अविश्वास प्रस्ताव को मिल सकता है समर्थनटीडीपी आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग कर रही है टीडीपी ने लगाया बीजेपी पर अनदेखा करने का आरोप

हैदराबाद, 16 मार्च;  केंद्र सरकार को छोड़ने के बाद तेलुगू देशम पार्टी (TDP) ने बीजेपी नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन तोड़ने का फैसला कर लिया है। अमरावती में हुई टीडीपी की पोलित ब्यूरो की बैठक में एनडीए से अलग होने का फैसला किया गया है। जल्द ही इस बात का अधिकारिक ऐलान कर दिया जाएगा। टीडीपी एनडीए से अलग होते ही आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिलवाने के लिए वाईएसआर कांग्रेस की ओर से शुक्रवार को संसद में लाए जाने वाले अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन का ऐलान किया है। मोदी सरकार के खिलाफ खुद TDP अविश्वास प्रस्ताव लेकर आ रही है।सूत्रों की मानें तो वाईएसआर को इस अविश्वास प्रस्ताव पर टीडीपी के साथ कई अन्य विपक्षी पार्टियों का भी साथ मिल सकता है। पिछले हफ्ता टीडीपी ने यह कह कर केन्द्र सरकार का साथ छोड़ा था कि केंद्र ने उन्हें आंध्र प्रदेश को  विशेष राज्य का दर्जा देने की बात कही थी। लेकिन वह अब अपनी बातों से मुंह मोड़ रहे हैं। इसपर वित मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि अगर हम आंध्र प्रदेश को  विशेष राज्य का दर्जा देते हैं तो बिहार, झारखंड और ओडिशा जैसे राज्य भी ऐसी मांग उठा सकते हैं। इसके बाद ही  कैबिनेट में टीडीपी के दो मंत्रियों ने इस्तीफा दिया था। वहीं बीजेपी के दो मंत्रियों ने भी आंध्र प्रदेश में इस्तीफे दिए थे।

आंध्र प्रदेश के एक्साइज मिनिस्टर केएस जवाहर ने कहा कि बीजेपी ने तेलुगू जनता को धोखा दिया है और इस बार भी उन्होंने ऐसा ही किया है, इसलिए हम अपना सर्मथन वापस ले रहे हैं।  इससे पहले कल टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू ने केंद्र सरकार की आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि पीएम मोदी ने जो तमिलनाडु में किया, वही वह जगन मोहन रेड्डी और पवन कल्याण के जरिए आंध्र प्रदेश में भी करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा ही चलता रहा तो पूरे देश में जल्द ही पीएम मोदी के खिलाफ जबर्दस्त माहौल बन जाएगा।  राजनीतिकों की मानें तो बीजेपी के लिए जैसे हालात बन रहे हैं उससे ये साफ पता चल रहा है कि आने वाला 2019 का लोकसभा चुनाव आसान नहीं होने वाला है। बीजेपी को अभी  राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के चुनाव भी हैं, जहां पर सता विरोधी लहर पहले से शुरू हो चुकी है। 

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