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"नारी शक्ति वंदन अधिनियम पोस्ट डेटेड चेक की तरह है" सुप्रिया सुले का मोदी सरकार पर जबरदस्त प्रहार

By आशीष कुमार पाण्डेय | Updated: September 21, 2023 12:39 IST

एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले ने मोदी सरकार द्वारा लोकसभा में पारित कराये गये नारी शक्ति वंदन विधेयक पर जबरदस्त हमला करते हुए "पोस्ट-डेटेड चेक" करार दिया है।

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ठळक मुद्देसुप्रिया सुले ने मोदी सरकार द्वारा लोकसभा में पारित कराये गये नारी शक्ति वंदन विधेयक पर किया हमलासांसद सुले ने मोदी सरकार को घेरते हुए नारी शक्ति वंदन विधेयक को बताया "पोस्ट-डेटेड चेक" बिना जनगणना और परिसीमन के इसका क्या अर्थ है, कौन जानता है कि 2029 में लागू होगा या नहीं

नई दिल्ली: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार खेमे) की सांसद सुप्रिया सुले ने मोदी सरकार द्वारा लोकसभा में पारित कराये गये नारी शक्ति वंदन विधेयक पर जबरदस्त हमला करते हुए "पोस्ट-डेटेड चेक" करार दिया है। इसके साथ ही एनसीपी नेता सुले ने महिला आरक्षण विधेयक को पारित कराने के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने के लिए भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार की जमकर आलोचना की है।

राज्यसभा में बिल पारित होने से पहले समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए बारामती की सांसद ने भाजपा को घेरते हुए कहा, "उन्होंने आनन-फानन में विशेष सत्र बुलाकर इतनी जल्दबाजी में इसे ऐसा किया। आखिर समझ में नहीं आता है इतनी जल्दबाजी का कारण। वे इसे दिसंबर के शीतकालीन सत्र में पास करा सकते थे। यदि उन्होंने ऐसा तब भी किया होता, तो भी परिणाम वही होता, जो आज हो रहा है।"

सुप्रिया सुले ने कहा, "हम इसका पुरजोर समर्थन कर रहे हैं। लेकिन यह एक पोस्ट-डेटेड चेक की तरह है क्योंकि न तो अभी तक जनगणना हुई है और न ही चुनाव आयोग द्वारा परिसीमन हुआ है। जब तक ये दोनों नहीं हो जाते, इसे लागू नहीं किया जा सकता है। शायद यह 2029 में लागू होगा, कौन जानता है?"

वहीं सुप्रिया सुले की इस प्रतिक्रिया के इतर जानीमानी अभिनेत्री और भाजपा सांसद हेमा मालिनी ने बुधवार को लोकसभा में बिल पारित होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को महिलाओं के प्रति उनके नजरिये और इस पहल के लिए बधाई दी है।

यूपी के मथुरा के भाजपा की सांसद हेमा मालिनी ने विपक्षी हमले का जवाब देते हुए कहा, "जो लोग महिला आरक्षण विधेयक पर सवाल कर रहे हैं, वे केवल सवाल करते रहेंगे। लेकिन पीएम नरेंद्र मोदी ने इसे मूर्तरूप कर दिखा दिखा दिया है। उन्होंने वह किया है जो पहले कभी नहीं हुआ। हम सभी को उन्हें धन्यवाद देना चाहिए और उन्हें बधाई देनी चाहिए। उनके पास एक व्यापक दृष्टिकोण है।"

इस बीच, केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने महिला आरक्षण विधेयक को चर्चा के लिए राज्यसभा में पेश किया। नारी शक्ति वंदन अधिनियम' मंगलवार को नए संसद भवन में स्थानांतरित होने के बाद विशेष सत्र के दौरान लोकसभा द्वारा पारित पहला विधेयक है। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को लोकसभा में विधेयक पारित होने के बाद कहा, 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' एक "ऐतिहासिक कानून" है जो महिला सशक्तिकरण को और बढ़ावा देगा और "हमारी राजनीतिक प्रक्रिया में महिलाओं की अधिक भागीदारी को सक्षम बनाएगा।"

टॅग्स :महिला आरक्षणSupriya Suleमोदी सरकारहेमा मालिनीBJPHema Malini
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