लाइव न्यूज़ :

भ्रष्ट लोग देश को तबाह कर रहे हैं, मस्ती से चलते हैं और उनके पास पैसे के थैले हैं, जो बचाने में मदद कर रहा हैं, उच्चतम न्यायालय ने कहा, जानें मामला

By भाषा | Updated: November 9, 2022 20:27 IST

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस वी राजू ने उनकी याचिका का विरोध करते हुए शीर्ष अदालत से कहा कि गौतम नवलखा जैसे लोग देश को नष्ट करना चाहते हैं।

Open in App
ठळक मुद्देन्यायमूर्ति के एम जोसेफ और हृषिकेश रॉय की पीठ ने टिप्पणी की।हम पर पक्षपाती होने का आरोप लगाया जाना चाहिए।भ्रष्टों के खिलाफ कौन कार्रवाई करता है?

नई दिल्लीः उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को कहा कि भ्रष्ट लोग देश को तबाह कर रहे हैं और वे पैसे की मदद से भ्रष्टाचार के आरोपों से बच निकलते हैं। शीर्ष अदालत की यह मौखिक टिप्पणी उस समय आई जब वह सामाजिक कार्यकर्ता गौतम नवलखा को न्यायिक हिरासत के बजाय घर में नजरबंद करके रखने संबंधी उनकी याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस वी राजू ने उनकी याचिका का विरोध करते हुए शीर्ष अदालत से कहा कि नवलखा जैसे लोग देश को नष्ट करना चाहते हैं। राजू ने कहा, ‘‘उनकी विचारधारा उस प्रकार की है। ऐसा नहीं है कि वे निर्दोष लोग हैं। वे वास्तविक युद्ध में शामिल व्यक्ति हैं।’’

न्यायमूर्ति के एम जोसेफ और हृषिकेश रॉय की पीठ ने तब टिप्पणी की, ‘‘क्या आप जानना चाहते हैं कि इस देश को कौन नष्ट कर रहा है? जो लोग भ्रष्ट हैं। आप जिस भी कार्यालय में जाते हैं, क्या होता है? भ्रष्टों के खिलाफ कौन कार्रवाई करता है? हम पर पक्षपाती होने का आरोप लगाया जाना चाहिए।’’

पीठ ने कहा, ‘‘हमने लोगों का एक वीडियो देखा है जहां लोग हमारे तथाकथित निर्वाचित प्रतिनिधियों को खरीदने के लिए करोड़ों रुपये की बात करते हैं। क्या आप कह रहे हैं कि वे हमारे देश के खिलाफ कुछ नहीं कर रहे हैं? मुद्दा यह है कि आप बचाव नहीं करते हैं, उन्हें लेकिन वे बढ़ते चले जाते हैं। वे मस्ती से चलते हैं। पैसे के थैले हैं जो आपको बचाने में मदद कर सकते हैं।’’

अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि वह भ्रष्टों का बचाव नहीं कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि वैसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। शीर्ष अदालत ने राजू को केंद्र से निर्देश लेने और उसे यह बताने को कहा कि अगर नजरबंदी के अनुरोध की अनुमति दी जाती है तो नवलखा पर क्या शर्तें लगाई जा सकती हैं।

पीठ ने कहा, ‘‘कम से कम थोड़े समय के लिए हम देखते हैं। आप पड़ताल करें और वापस आएं ताकि हमारे देश के हित के विपरीत कुछ न हो। हम इसके प्रति समान रूप से जागरूक हैं। अगर वह (नवलखा) कुछ भी गलत करते हैं तो वह अपनी स्वतंत्रता खो देंगे।’’ 

टॅग्स :सुप्रीम कोर्टदिल्लीGautam Navlakha
Open in App

संबंधित खबरें

भारतदिल्ली में सफर पर लगेगा ब्रेक? 21 मई से तीन दिन तक ऑटो-टैक्सी की हड़ताल, किराया बढ़ाने की मांग पर अड़े ड्राइवर

भारतकुत्तों के काटने की घटनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता?, सुप्रीम कोर्ट ने स्कूलों और अस्पतालों के पास आवारा कुत्तों को हटाने के आदेश को बरकरार रखा?

भारतजमानत नियम और जेल अपवाद, यूएपीए मामले में भी यही नियम?, सुप्रीम कोर्ट ने हंदवाड़ा निवासी सैयद इफ्तिखार अंद्राबी को दी राहत, पासपोर्ट जमा करने और हर 15 दिन में एक बार थाने जाओ?

भारतदिल्ली बार काउंसिल चुनावः मतगणना पर रोक, प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा- न्यायालय फैसला नहीं सुनाता, तब तक मतपत्रों की गिनती स्थगित

भारतओडिशा भीषण गर्मीः बौध शहर में 42.9 डिग्री सेल्सियस?, 11 स्थानों पर अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज

भारत अधिक खबरें

भारतविकास प्रक्र‍िया में जनजातीय समाज को शामिल करने प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बनाई नीतियां: मंत्री डॉ. शाह

भारतक्या बीजेपी में शामिल होंगे रेवंत रेड्डी? तेलंगाना सीएम को लेकर निज़ामाबाद के सांसद धर्मपुरी के बयान ने मचाई सनसनीखेज

भारत2020 Delhi riots case: अदालत ने बीमार माँ की देखभाल के लिए उमर खालिद को अंतरिम ज़मानत देने से किया इनकार

भारतइंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा सहित मप्र के पांच कलेक्टर फेम इंडिया-एशिया पोस्ट की सर्वश्रेष्ठ जिलाधिकारी 2026 सूची में शामिल

भारतFalta Assembly Constituency: 21 मई को फाल्टा में पुनर्मतदान, तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार जहांगीर खान ने उम्मीदवारी वापस ली, वीडियो