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उत्तर प्रदेश में यमुना नदी के बाद गंगा नदी के किनारे शवों के मिलने से सनसनी

By भाषा | Updated: May 11, 2021 19:46 IST

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बलिया (उप्र) 11 मई उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में यमुना नदी के बाद अब बलिया और गाजीपुर जिलों में गंगा नदी के तट पर कई शव मिलने से सनसनी फैल गई और दहशतजदा लोगों द्वारा संदेह भी जताया जा रहा है कि यह कोविड-19 से जान गंवाने वालों की लाशें हैं।

बलिया की जिलाधिकारी अदिति सिंह ने मंगलवार को एक बयान जारी कर कहा है कि नरही थाना क्षेत्र के बलिया-बक्सर पुल के नीचे गंगा नदी में सोमवार को कुछ पुराने अज्ञात क्षत-विक्षत शव देखे गए।

उन्होंने कहा कि उपजिलाधिकारी (सदर) एवं क्षेत्राधिकारी (सदर) द्वारा इसकी जांच की गई और सभी शवों को उचित तरीके से गंगा नदी के तट पर पुलिस एवं प्रशासन की उपस्थिति में अंतिम संस्कार कर दिया गया।

जिलाधिकारी के मुताबिक शवों के आने के स्रोत के संबंध में जांच की जा रही है।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार बिहार की सीमा पर स्थित नरही थाना क्षेत्र के गंगा नदी के तट पर सोमवार शाम से शव मिलने शुरू हुए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उजियार घाट, कुल्हड़िया घाट और भरौली घाट पर कुल 45 शव मिले हैं, हालांकि प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी संख्या की पुष्टि नहीं कर रहे हैं ।

सूचना विभाग द्वारा जारी बयान में जिलाधिकारी अदिति सिंह ने शवों की संख्या की जानकारी नहीं दी है । पुलिस अधीक्षक डॉ विपिन ताडा ने बताया कि उन्हें नही मालूम कि कुल कितने शव मिले हैं । उन्होंने बताया कि पुराने शव हैं और बिहार में शव को प्रवाहित करने की परंपरा है ।

घटनास्थल पर पहुंचे एक अधिकारी के अनुसार नदी तट पर हवा का रुख देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि ये शव बिहार की तरफ से बहकर आये हैं । जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि बिहार में गरीब लोग ऑक्सीजन लेवल कम होने अथवा कोविड-19 से मौत हो जाने के बाद आर्थिक तंगी के कारण शवों को नदी में प्रवाहित कर देते हैं । प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शव मिलने का सिलसिला अभी भी जारी है ।

गाजीपुर से मिली खबर के मुताबिक जिले के गहमर, बारा तथा बिहार के बक्सर जिला के चौसा में गंगा नदी में भारी संख्या में शव देखे गये हैं। गाजीपुर जिले से होती हुई गंगा नदी बिहार में जहां जाकर मिलती है, वहां उत्तर प्रदेश के गहमर, बारा गांव हैं जबकि बिहार प्रदेश के चौसा प्रखंड के गांव में गंगा प्रवेश करती है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक चौसा घाट पर तीन दर्जन से अधिक शव गंगा में किनारे लग जाने के बाद बदबू फैलने लगे तो बक्सर के जिलाधिकारी के आदेश पर चौसा प्रखंड पदाधिकारी अपने दल बल सहित गाजीपुर के सेवराई तहसील मुख्यालय पर आ पहुंचे और इसके बाद गाजीपुर का प्रशासन भी हरकत में आ गया।

उत्तर प्रदेश और बिहार के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से गंगा किनारे मौका मुआयना किया। बिहार के बक्सर के जिलाधिकारी अमन समीर तथा पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार सिंह ने गंगा घाट का मुआयना करने के बाद कहा कि पड़ोसी राज्य (उत्तर प्रदेश) से शव बहकर आ रहे हैं जबकि गाजीपुर के जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने कहा कि मामले की छानबीन करा रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में यमुना नदी में शव नजर आने के बाद लोगों में दहशत फैल गई था और यह संदेह भी जताया गया था कि यह कोविड-19 से जान गंवाने वालों की लाशें हैं। हालांकि, सोमवार को जिला प्रशासन ने इस दावे को खारिज कर दिया था।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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