लाइव न्यूज़ :

निगरानी, कोविड अनुकूल आचरण के साथ कम संक्रमण दर वाले क्षेत्रों में स्कूल खोले जाएं : डॉ. गुलेरिया

By भाषा | Updated: September 5, 2021 12:44 IST

Open in App

देश में कोरोना संक्रमण के अब भी औसतन प्रतिदिन 40 हजार से अधिक मामले सामने आने के बीच कई प्रदेशों में बच्चों के लिए स्कूल खोल दिए गए हैं। सरकारों के इस निर्णय ने एक नई चर्चा शुरू कर दी है, जहां एक वर्ग इस फैसले के समर्थन में हैं तो दूसरा खिलाफ। विशेषज्ञ इस कदम को कैसे देखते हैं? अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया से इस संबंध में किए गए ‘‘भाषा के पांच सवाल एवं उनके जवाब’’ : सवाल : देश में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले अब भी सामने आ रहे हैं और कई प्रदेशों में बच्चों के स्कूल फिर से खोले जा रहे हैं, आप इसे कैसे देखते हैं ?जवाब : मेरा मानना है कि जिन जिलों में कोरोना के संक्रमण कम हो गए हैं तथा जहां कम संक्रमण दर है, वहां कड़ी निगरानी एवं कोविड उपयुक्त व्यवहार के साथ स्कूलों को खोलने की अनुमति दी जानी चाहिए । स्कूलों को 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ या अलग-अलग पाली में शुरू किया जा सकता है । स्कूलों में छात्रों को हैंड सैनिटाइजर समेत कोरोना से बचाव के लिए अन्य चीजें देनी चाहिए। स्कूल उन्हीं इलाकों में खोले जाने चाहिए, जहां संक्रमण दर कम है। इसकी लगातार निगरानी की जानी चाहिए और संक्रमण दर में बढ़ोतरी पाए जाने पर स्कूलों को बंद किया जाना चाहिए । स्कूल खोलने का मतलब यह नहीं है कि उन्हें स्थायी रूप से खोल रहे हैं, इसमें जोखिम और फायदे की स्थिति का विश्लेषण किया जाए। सवाल : ऐसे समय में जब कोरोना वायरस संक्रमण की तीसरी लहर में बच्चों के प्रभावित होने की आशंका व्यक्त की जा रही है, ऐसे में स्कूल खोलना क्या उचित होगा ?जवाब : तीसरी लहर की चपेट में बच्चों के आने की बात इसलिए कही जा रही थी क्योंकि अब तक बच्चों का टीकाकरण नहीं हो पाया है। अगर हम भारत, यूरोप और ब्रिटेन में दूसरी लहर के आंकड़ों पर गौर करें तो हम पाएंगे कि बहुत कम बच्चे इस वायरस से प्रभावित हुए थे और उनमें गंभीर रूप से बीमार होने के मामले बहुत कम थे। भारत में भी कोरोना वायरस से कम बच्चे संक्रमित हो रहे हैं । इसके अलावा भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) सीरो सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि करीब 55 फीसदी बच्चों में पहले से ही वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी विकसित हो चुकी हैं। ऐसे में कोविड उपयुक्त व्यवहार एवं निगरानी के साथ स्कूल खोले जा सकते हैं । सवाल : काफी संख्या में अभिभावकों ने बिना टीका लगाये बच्चों को स्कूल भेजने पर आपत्ति जतायी है, आपकी इस पर क्या प्रतिक्रिया है ?जवाब : सभी बच्चों का टीकाकरण कराने में काफी समय लगेगा और ऐसे में तो अगले साल के उतरार्द्ध तक ही स्कूल खोले जा सकेंगे । इसके बाद वायरस के नये प्रारूप का खतरा भी रहेगा। ऐसी चिंताओं के बीच तो हम स्कूल खोल ही नहीं पाएंगे । कई शहरों में स्कूल खोले जा सकते हैं लेकिन कई शहरों में नहीं खोले जा सकते हैं। मसलन दिल्ली में 100 के आसपास मामले आ रहे हैं तो एहतियात एवं कोविड उपयुक्त आचरण के साथ स्कूल खोले जा सकते हैं। केरल में मामले अभी अधिक हैं, तो इस पर ध्यान देने की जरूरत है। सवाल : स्कूलों में किस प्रकार की सावधानी की जरूरत है । आपकी स्कूलों को क्या सलाह है ?जवाब : बच्चे के समग्र विकास में स्कूली शिक्षा का काफी महत्व है । स्कूलों की कक्षा में पढाई से बच्चों का सर्वांगीण विकास होता है । स्कूलों में बच्चों का शिक्षकों एवं सहपाठियों के साथ संवाद होता है । इससे उनका सामाजिक एवं नैतिक विकास होता है। स्कूलों में पूरी सावधानी बरती जाए । स्कूलों को कोरोना दिशा के पालन में कोई कोताही नहीं बरतनी चाहिए। स्कूल प्रशासन को ध्यान रखना चाहिए कि प्रार्थना, भोजनावकाश आदि के लिए एक स्थान पर बच्चों की ज्यादा भीड़ नहीं हो। शिक्षकों एवं स्कूल के सभी कर्मचारियों को टीका लगवा लेना चाहिए। सवाल : काफी संख्या में अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने में हिचक रहे हैं, इस पर आप क्या कहेंगे ? जवाब : अभिभावकों को यह विश्वास दिलाना होगा कि हम पूरी तैयारी कर रहे हैं । कुछ समय स्कूलों में बच्चे कम संख्या में आएंगे लेकिन धीरे-धीरे अभिभावकों में विश्वास आयेगा।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

भारतदेश के लिए समर्पित ‘एक भारतीय आत्मा’

भारतदिल्ली और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में महसूस हुए भूकंप के झटके, अफगानिस्तान में आया भूकंप

विश्वअबू धाबी में रोकी गई ईरानी मिसाइलों के मलबे की चपेट में आने से घायल 12 लोगों में 5 भारतीय शामिल

भारतजो डर गया, समझो मर गया?, सौरभ भारद्वाज ने राघव चड्ढा पर निशाना साधा, कहा- केजरीवाल गिरफ्तार हुए तो विदेश में छिपा?

भारतमाफ कीजिए मुनिश्रीजी, आप गलत बोल गए

भारत अधिक खबरें

भारतFire Accident: ONGC मुंबई हाई प्लेटफॉर्म पर भीषण आग, 10 लोग घायल; राहत और बचाव कार्य जारी

भारतElection 2026: केरल में चुनावी हिंसा! शशि थरूर के काफिले पर हमला, गनमैन को भी पीटा, 5 धरे गए

भारतवाराणसी का रोम-रोम हुआ रोमांचित, दर्शकों ने देखा कैसा था सम्राट विक्रमादित्य का सुशासन, देखें Photos

भारतराष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टीः उत्तरार्द्ध में उत्तराधिकार के लिए संघर्ष

भारतकेंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ग्रीनविच मीन टाईम को महाकाल स्टेंडर्ड टाईम में बदलने पर दिया जोर