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NPR मसले पर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को भेजा नोटिस, याचिका में लगाया गया "बिना मंजूरी सरकारी निगरानी" का आरोप

By भाषा | Updated: January 28, 2020 06:33 IST

उदगार राम, बिमलेश कुमार यादव और संजय साफ़ी द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि एनपीआर अपग्रेडेशन "मनमाना" है क्योंकि यह नागरिकों, गैर-नागरिकों और विदेशी नागरिकता की मांग करने वाले व्यक्तियों को "बराबर" रखता है।

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ठळक मुद्देयाचिका में कहा गया है कि एनपीआर को अद्यतन करने में अलग खर्च होंगे और यह जनगणना में होने वाले खर्च से अलग होगा। याचिका में यह भी कहा गया है कि एनपीआर कवायद यह मानती है कि भारत में लोग इसके नागरिक नहीं हैं और यह व्यक्ति पर अपनी नागरिकता साबित करने की जिम्मेदारी देता है।

उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को संशोधित नागरिकता कानून की संवैधानिक वैधता और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) को अद्यतन किए जाने के खिलाफ एक याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा। याचिका में कहा गया है कि आंकड़ों के एकत्र किए जाने से "बिना मंजूरी सरकारी निगरानी" हो सकती है और यह निजता का घोर उल्लंघन है। ’’प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे और न्यायमूर्ति बी आर गवई तथा न्यायमूर्ति सूर्या कांत की पीठ ने जनहित याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया। इस याचिका में राष्ट्रीय पहचान पत्र जारी किए जाने और नागरिकों के पंजीकरण के लिए 2003 में बनाए गए नियमों को भी चुनौती दी गई है।उदगार राम, बिमलेश कुमार यादव और संजय साफ़ी द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि एनपीआर अपग्रेडेशन "मनमाना" है क्योंकि यह नागरिकों, गैर-नागरिकों और विदेशी नागरिकता की मांग करने वाले व्यक्तियों को "बराबर" रखता है तथा देश के अंदर रहने वाली पूरी आबादी से एक ही जानकारी मांगता है।याचिका में कहा गया है कि केंद्र सरकार को भारतीय नागरिकों का राष्ट्रीय रजिस्टर (एनआरआईसी) तैयार करने की कोई आवश्यकता नहीं है और एनआरआईसी के लिए जनसंख्या रजिस्टर का निर्माण और उसे अद्यतन बनाना पहला कदम है। इसमें कहा गया है कि एनपीआर को अद्यतन करने में अलग खर्च होंगे और यह जनगणना में होने वाले खर्च से अलग होगा।कैबिनेट ने 2021 की जनगणना के लिए 8,754 करोड़ रुपये और एनपीआर के अपग्रेडेशन के लिए 3,941 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि मंजूर की है। याचिका में यह भी कहा गया है कि एनपीआर कवायद यह मानती है कि भारत में लोग इसके नागरिक नहीं हैं और यह व्यक्ति पर अपनी नागरिकता साबित करने की जिम्मेदारी देता है।

टॅग्स :नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर एनपीआरसुप्रीम कोर्ट
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