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राजनाथ सिंह ने चीनी रक्षा मंत्री से नहीं मिलाया हाथ तो शांगफू का आया बयान, कहा- "दोनों देश अपने सामान्य हितों को करते हैं साझा"

By अंजली चौहान | Updated: April 28, 2023 14:20 IST

रक्षा मंत्री ने सभी से हाथ मिलाकर उनका स्वागत किया लेकिन इस बैठक में चीन-भारत के तल्ख रिश्तों की झलक देखने को मिली।

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ठळक मुद्देचीन-भारत की द्विपक्षीय बैठक में चीनी रक्षा मंत्री का आया बयान चीनी रक्षा मंत्री ने कहां दोनों देश अपने हितों को साझा करते हैंबैठक से पहले राजनाथ सिंह ने चीनी रक्षा मंत्री से हाथ मिलाने से किया परहेज

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में आयोजित रक्षा मंत्रियों की द्विपक्षीय बैठक में भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अन्य देशों के प्रतिनिधियों का गर्मजोशी के साथ अभिवादन किया।

रक्षा मंत्री ने सभी से हाथ मिलाकर उनका स्वागत किया लेकिन इस बैठक में चीन-भारत के तल्ख रिश्तों की झलक देखने को मिली। दरअसल, राजनाथ सिंह ने सभी देशों के रक्षा मंत्रियों से हाथ तो मिलाया लेकिन चीन के रक्षा मंत्री ली शांगफू से किनारा करते हुए दिखाई दिए। 

चाइना मिलिट्री ऑनलाइन रिपोर्ट के मुताबिक, शंघाई कोऑपरेशन आर्गेनाइजेशन की विदेश मंत्रियों की बैठक के साथ ही राजनाथ सिंह के साथ अलग से द्विपक्षीय बैठक आयोजित की गई थी।

इस दौरान ली शांगफू ने कहा, "वर्तमान समय में भारत-चीन सीमा पर स्थिति आमतौर पर स्थिर है और दोनों पक्षों ने सैन्य और राजनयिक चैनलों के माध्यम से संचार बनाए रखा है।" 

ली ने कहा कि दोनों पक्षों को एक दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। सीमा के मुद्दे को द्विपक्षीय संबंधों में उचित स्थिति में रखना चाहिए और सामान्य प्रबंधन के लिए सीमा की स्थिति के संक्रमण को बढ़ावा देना चाहिए। 

चीनी रिपोर्ट के अनुसार, उम्मीद जताई गई कि दोनों पक्ष अपनी सेनाओं के बीच आपसी विश्वास को लगातार बढ़ाने और द्विपक्षीय संबंधों के विकास में उचित योगदान देने के लिए मिलकर काम करेंगे। सीमाओं पर शांति रखेंगे।

उन्होंने कहा कि एलएसी पर सभी मुद्दों को मौजूदा द्विपक्षीय समझौतों और प्रतिबद्धताओं के अनुसार सुलझाने की जरूरत है। 

गौरतलब है कि गुरुवार को दिल्ली में आयोजित की गई एससीओ की बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीनी रक्षा मंत्री ली से हाथ नहीं मिलाया था। वहीं,  ताजिकिस्तान, कजाकिस्तान और ईरानी समकक्षों के साथ हाथ मिलाया था।

बता दें कि साल 2023 में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के अध्यक्ष के रूप में भारत मेजबानी करेगा। एससीओ की सदस्यता में भारत के अलावा कजाकिस्तान, चीन, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, रूस, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान शामिल हैं।

सदस्य देशों के अलावा, दो पर्यवेक्षक देश बेलारूस और ईरान भी एससीओ रक्षा मंत्रियों की बैठक में भाग लिया है।

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