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राजस्थान विधानसभा चुनावः कांग्रेस को बड़ा झटका, जाट नेता और अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में मंत्री रहे सुभाष महरिया फिर से बीजेपी में शामिल, इन इलाकों में दिखेगा असर

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: May 19, 2023 14:52 IST

Rajasthan assembly elections: भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के पूर्व अधिकारी रामदेव सिंह खैरवा, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी पीआर मीणा, सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी गोपाल मीणा, सहित कई लोग भाजपा में शामिल हुए।

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ठळक मुद्देकांग्रेस सरकार वादों को लागू करने में विफल रही और भ्रष्टाचार बेतहाशा बढ़ा है। 2023 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव में इतिहास रचेंगे। सीकर व आसपास के क्षेत्र में भाजपा के मतदान प्रतिशत को 20 प्रतिशत तक बढ़ाने का प्रयास करेंगे।

जयपुरः केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में मंत्री रहे सुभाष महरिया शुक्रवार को दोबारा भारतीय जनता पाटी (भाजपा) में शामिल हो गए। भाजपा के प्रदेश कार्यालय में महरिया ने कहा कि राज्‍य की कांग्रेस सरकार अपने घोषणापत्र में किए गए वादों को लागू करने में विफल रही और उसके कार्यकाल में भ्रष्टाचार बेतहाशा बढ़ा है।

 

उन्‍होंने कहा, ‘‘हम 2023 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव में इतिहास रचेंगे। हम सीकर व आसपास के क्षेत्र में भाजपा के मतदान प्रतिशत को 20 प्रतिशत तक बढ़ाने का प्रयास करेंगे।" महरिया ने कहा कि वह भाजपा के कार्यकर्ता हैं और परिवार में दोबारा आकर खुशी महसूस कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पार्टी की ओर से जो भी जिम्मेदारी दी जाएगी, उसे वह पूरा करेंगे। भाजपा के प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह ने आरोप लगाया कि राज्‍य में भ्रष्टाचार चरम पर है, कानून-व्यवस्था बिगड़ी हुई है और लोग सरकार से तंग आ चुके हैं इसलिए कांग्रेस के कई बड़े नेता भाजपा में शामिल हो रहे हैं।

सिंह ने कहा, "कांग्रेस पार्टी में लोग एक-दूसरे के खिलाफ लड़ रहे हैं और लोग तंग आ चुके हैं। उसके नेता भाजपा की विचारधारा को स्वीकार कर रहे हैं।" महरिया के अलावा भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के पूर्व अधिकारी रामदेव सिंह खैरवा, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी पीआर मीणा, सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी गोपाल मीणा, सहित कई लोग भाजपा में शामिल हुए।

उल्‍लेखनीय है कि महरिया साल 1998, 1999 और 2004 में लोकसभा सांसद थे, 2009 के चुनाव में हार के बाद भाजपा ने उन्हें 2014 के चुनाव में मैदान में नहीं उतारा। इसके बाद 2019 में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर भाजपा के खिलाफ चुनाव लड़ा था। वह केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में मंत्री और एक प्रमुख जाट नेता थे। वह भाजपा के किसान मोर्चे के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रह चुके हैं। 

टॅग्स :राजस्थानकांग्रेसBJPवसुंधरा राजेअशोक गहलोत
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