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घाटी में कई स्थानों पर पोस्टर लगाकर दुकानदारों को दुकानें नहीं खोलने की चेतावनी, तीसरे दिन कश्मीर बंद

By भाषा | Updated: November 22, 2019 15:43 IST

शहर के मुख्य बाजार और घाटी के अधिकतर क्षेत्र बंद रहे और दुकानें सुबह कुछ घंटों के लिए भी नहीं खुलीं जबकि पिछले कुछ सप्ताह से कुछ देर के लिए दुकानें खुल रही थीं।

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ठळक मुद्देघाटी में जनजीवन सामान्य हो रहा है लेकिन इन पोस्टरों ने इस एहसास को समाप्त कर दिया। सार्वजनिक परिवहन सड़कों से नदारद रहे और निजी वाहन भी अपेक्षाकृत कम देखे गए।

कश्मीर में अधिकतर दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान लगातार तीसरे दिन शुक्रवार को भी बंद रहे। अधिकारियों ने बताया कि शहर समेत घाटी में कई स्थानों पर पोस्टर लगाकर दुकानदारों को दुकानें नहीं खोलने और सार्वजनिक परिवहन संचालकों को वाहन नहीं चलाने की बुधवार को चेतावनी दी गई थी।

पिछले कुछ हफ्तों से यह आभास हो रहा था कि घाटी में जनजीवन सामान्य हो रहा है लेकिन इन पोस्टरों ने इस एहसास को समाप्त कर दिया। शहर के मुख्य बाजार और घाटी के अधिकतर क्षेत्र बंद रहे और दुकानें सुबह कुछ घंटों के लिए भी नहीं खुलीं जबकि पिछले कुछ सप्ताह से कुछ देर के लिए दुकानें खुल रही थीं।

अधिकारियों ने बताया कि सार्वजनिक परिवहन सड़कों से नदारद रहे और निजी वाहन भी अपेक्षाकृत कम देखे गए। हालांकि, अब भी कुछ ऑटो रिक्शा और अंतरजिला कैब चल रही हैं। कश्मीर की बड़ी मस्जिद, जामिया मस्जिद लगातार 16वें शुक्रवार नमाज के लिए बंद रही।

केंद्र ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को रद्द करने और उसे दो केंद्रशासित प्रदेशों में विभाजित करने का पांच अगस्त को फैसला लिया था जिसके बाद से इस मस्जिद में जुम्मे की नमाज नहीं हो रही है।

अधिकारियों ने बताया कि प्राधिकारियों को आशंका है के कुछ लोग मस्जिद में एकत्र भीड़ का इस्तेमाल प्रदर्शन भड़काने के लिए कर सकते हैं। पांच अगस्त से प्री पेड मोबाइल फोन और सभी इंटरनेट सेवाएं निलंबित हैं। शीर्ष स्तर एवं दूसरी पंक्ति के अलगाववादी नेताओं को एहतियातन हिरासत में रखा गया है।

साथ ही दो पूर्व मुख्यमंत्रियों उमर अब्दुल्ला एवं महबूबा मुफ्ती समेत मुख्यधारा के नेताओं को या तो हिरासत में रखा गया है या नजरबंद किया गया है। सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं श्रीनगर से मौजूदा लोकसभा सांसद फारुक अब्दुल्ला को विवादित लोक सुरक्षा अधिनियम के तहत हिरासत में रखा है। इस कानून को 1978 में अब्दुल्ला के पिता एवं नेशनल कान्फ्रेंस के संस्थापक शेख मोहम्मद अब्दुल्ला ने मुख्यमंत्री रहते हुए लागू किया था। 

टॅग्स :धारा ३७०जम्मू कश्मीरसुप्रीम कोर्टमोदी सरकारआर्टिकल 35A (अनुच्छेद 35A)
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