लाइव न्यूज़ :

उज्ज्वला योजना से गरीब परिवार को फायदा, पूर्वोत्तर को मिला तीन हजार करोड़ रुपये का निवेश

By भाषा | Updated: October 17, 2019 14:25 IST

असम के राज्य स्तरीय समन्वयक (पेट्रोलियम उत्पाद) यू. भट्टाचार्य ने कहा कि इस योजना से पिछले ढाई साल में रोजगार के तीन हजार से अधिक अवसर भी सृजित हुए हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना के कारण एलपीजी उपभोक्ताओं की संख्या 30 अप्रैल 2017 के 48.3 लाख से बढ़कर अक्टूबर 2019 में 94 लाख के पार हो गयी।

Open in App
ठळक मुद्देपरिवारों को स्वच्छ ईंधन मुहैया कराने का इस योजना का सामाजिक उद्देश्य पूरा कर लिया गया है।योजना ने निवेश, रोजगार सृजन, महिला सशक्तीकरण और ग्रामीण क्षेत्र की मजबूती के संदर्भों में भी असर डाला है।

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ने गरीब परिवारों को स्वच्छ ईंधन मुहैया कराने के साथ ही पूर्वोत्तर में तीन हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित किया है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। असम के राज्य स्तरीय समन्वयक (पेट्रोलियम उत्पाद) यू. भट्टाचार्य ने कहा कि इस योजना से पिछले ढाई साल में रोजगार के तीन हजार से अधिक अवसर भी सृजित हुए हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना के कारण एलपीजी उपभोक्ताओं की संख्या 30 अप्रैल 2017 के 48.3 लाख से बढ़कर अक्टूबर 2019 में 94 लाख के पार हो गयी।

भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘परिवारों को स्वच्छ ईंधन मुहैया कराने का इस योजना का सामाजिक उद्देश्य पूरा कर लिया गया है। इसके अलावा इस योजना ने निवेश, रोजगार सृजन, महिला सशक्तीकरण और ग्रामीण क्षेत्र की मजबूती के संदर्भों में भी असर डाला है।’’

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपारेशन ने 149 करोड़ रुपये की लागत से सिलेंडर में गैस भरने के छह संयंत्र लगाये हैं। इसके अलावा कंपनी 290 करोड़ रुपये के अधिक के निवेश से त्रिपुरा के अगरतला और मेघालय के बाड़ापानी में 2020 तक दो नये संयंत्र बना रही है।

उन्होंने कहा कि कंपनी ने बढ़ी मांग की पूर्ति के लिये असम के बोंगईगांव परिशोधन संयंत्र की प्रौद्योगिकी को 2,500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से उन्नत बनाया है। भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘इंडियन ऑयल के सिलेंडर भरने वालों संयंत्रों में प्रौद्योगिकी को उन्नत बनाने के लिये आने वाले वर्षों में करीब 100 करोड़ रुपये निवेश करने की योजना है।

अलग शब्दों में कहें तो उज्ज्वला योजना के कारण आयी अतिरिक्त मांग की पूर्ति के लिये तीन हजार करोड़ रुपये अधिक का निवेश किया जा रहा है।’’ उन्होंने रोजगार सृजन के बारे में कहा, ‘‘आज के समय में पूर्वोत्तर में एलपीजी कारोबार में 22,500 से अधिक लोगों को रोजगार मिला हुआ है। उज्ज्वला योजना शुरू से पहले ऐसे लोगों की संख्या मई, 2017 में 19,500 थी।’’ 

टॅग्स :मोदी सरकारअसममणिपुरमेघालयत्रिपुराअरुणाचल प्रदेश
Open in App

संबंधित खबरें

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

ज़रा हटके'चिंकी-मोमो', 'चाइनीज' कहकर किया अपमान, अरुणाचल से आई डांस टीम के साथ पटना में बदसलूकी; VIDEO वायरल

भारतTamil Nadu Election 2026: क्या CBSE का नया सिलेबस भाषा विवाद की जड़? सीएम स्टालिन ने कहा- "भाषा थोपने का सुनियोजित प्रयास"

ज़रा हटकेVIDEO: असम में योगी का बड़ा बयान, 'घुसपैठियों को बाहर करना ही होगा'

भारतImport Duty Cut: सरकार ने आज से 41 वस्तुओं पर हटाया आयात शुल्क, चेक करें पूरी लिस्ट

भारत अधिक खबरें

भारतWest Asia Conflict: युद्धग्रस्त ईरान में फंसे 345 भारतीय, आर्मेनिया के रास्ते वतन लौटे; भारत की कूटनीतिक जीत

भारतKotma Building Collapses: 4 मंजिला इमारत हुई जमींदोज, 2 लोगों की मलबे में दबकर मौत; कई अब भी फंसे

भारतगोदाम में भर रहे थे नाइट्रोजन गैस?, विस्फोट में 4 की मौत और 2 घायल

भारतPAN Card Update: घर बैठे सुधारें पैन कार्ड में मोबाइल नंबर या नाम, बस 5 मिनट में होगा पूरा काम; देखें प्रोसेस

भारत'Three Allegations, Zero Truth': आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा की भूमिका से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा का जवाब