लाइव न्यूज़ :

पीएम मोदी छेड़ने जा रहे हैं सबसे बड़ा अभियान! 30 लाख सरकारी कर्मचारियों का दोबारा प्रशिक्षित करने की कवायद

By हरीश गुप्ता | Updated: April 6, 2021 07:52 IST

देश में सरकारी कर्मचारियों के कामकाज और कार्यशैली पर पूर्व में कई बार नाराजगी जता चुके पीएम मोदी अब उन्हें दोबारा प्रशिक्षित करना चाहते हैं।

Open in App
ठळक मुद्देपीएम नरेंद्र मोदी की 30 लाख केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को दोबारा प्रशिक्षित करने की पहलकर्मचारियों के कौशल में सुधार का आजादी के बाद यह सबसे बड़ा और महत्वाकांक्षी अभियानप्रशिक्षण देने पर काम करने के लिए तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय क्षमता निर्माण आयोग का गठन

नई दिल्ली: सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों की कार्यशैली और कार्यक्षमता को लेकर अनेक बार नाराजगी को जाहिर कर चुके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब 30 लाख केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को दोबारा प्रशिक्षित करने का अभियान छेड़ने जा रहे हैं.

इस कवायद का मकसद सरकारी कर्मचारियों को ज्यादा रचनात्मक, जवाबदेह और प्रौद्योगिकी के लिहाज से सक्षम बनाना है. सभी स्तर पर कर्मचारियों के कौशल में सुधार का आजादी के बाद यह सबसे बड़ा और महत्वाकांक्षी अभियान होगा. प्रधानमंत्री चाहते हैं कि नौकरशाही में बंद कमरों में काम करने की प्रवृत्ति खत्म हो और पारदर्शिता को बढ़ावा मिले.

उच्चस्तरीय क्षमता निर्माण आयोग का गठन

प्रधानमंत्री ने एक तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय क्षमता निर्माण आयोग (सीबीसी) का गठन कर एक निजी कंपनी के शीर्ष व्यक्ति आदिल जैनुलभाई को अध्यक्ष नियुक्त किया है.

जैनुलभाई इससे पहले भारतीय गुणवत्ता परिषद (क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया) के अध्यक्ष रह चुके हैं. आईआईटी-बॉम्बे के 1977 की बैच के स्नातक और हार्वर्ड बिजनेस स्कूल के पोस्ट ग्रेजुएट आदिल इस वक्त एचबीएस की एलुम्नी एसोसिएशन के वर्तमान अध्यक्ष हैं.

प्रधानमंत्री इससे पहले निजी क्षेत्र की एक महिला को सार्वजनिक उद्यम चयन बोर्ड का प्रमुख नियुक्त कर चुके हैं. यह बोर्ड देश में सार्वजनिक क्षेत्र की इकाईयों में शीर्ष अधिकारियों की नियुक्ति करता है.

30 लाख कर्मचारियों की निगरानी और समीक्षा

सीबीसी का काम सभी सरकारी कार्यालयों और प्रशिक्षण संस्थानों में समन्वयन करके उनका मार्गदर्शन करना होगा. साथ ही यह केंद्र सरकार में विभिन्न स्तरों पर काम कर रहे 30 लाख कर्मचारियों की निगरानी करके वक्त-वक्त पर कामकाज की समीक्षा कर उसमें सुधार का प्रयास करेगा.

सीबीसी के दो अन्य सदस्य रामास्वामी बालासुब्रह्मण्यम और प्रवीण परदेशी (प्रशासन) हैं. साथ ही प्रधानमंत्री कई विभागों के कामकाज को भी एकीकृत करने में जुटे हैं.

कार्मिक सचिव दीपक खांडेकर को पेंशन विभाग और प्रशासनिक सुधार व सार्वजनिक शिकायत विभाग का प्रभार सौंपा गया है. मध्यप्रदेश के 1985 कैडर के आईएएस अधिकारी खांडेकर के पास सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय के सचिव का भी जिम्मा है.

टॅग्स :नरेंद्र मोदी
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबार‘युवा आबादी’ के लाभ को भुनाने की चुनौती?, 20 से 29 वर्ष के 6.3 करोड़ स्नातकों में से 1.1 करोड़ बेरोजगार?

भारतVIDEO: चाय बागान से चुनावी हुंकार! पीएम मोदी ने श्रमिकों संग तोड़ी पत्तियां, बोले- असम में NDA हैट्रिक को तैयार

भारतएक शांत दिखने वाली विदाई से हुई भारी क्षति!

कारोबारMP-UP Sahyog Sammelan: मप्र-उप्र मिलकर लिखेंगे विकास की नई इबारत?, बाबा विश्वनाथ की शरण में सीएम डॉ. मोहन

भारतमाता शीतला मंदिर भगदड़ः अव्यवस्था-पुलिस सुस्ती?, श्रद्धालु बोले- 8 महिलाओं की मौत, प्रशासन जिम्मेदार?, वीडियो

भारत अधिक खबरें

भारतदिल्ली और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में महसूस हुए भूकंप के झटके, अफगानिस्तान में आया भूकंप

भारतकेंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ग्रीनविच मीन टाईम को महाकाल स्टेंडर्ड टाईम में बदलने पर दिया जोर

भारतदलित समुदाय के 22 फीसदी वोट पर जमीन अखिलेश की निगाह , 14 अप्रैल पर अंबेडकर जयंती पर गांव-गांव में करेगी कार्यक्रम

भारतराघव चड्ढा पर आतिशी का बड़ा आरोप, 'BJP से डरते हैं, अगला कदम क्या होगा?'

भारतउत्तर प्रदेश उपचुनाव 2026ः घोसी, फरीदपुर और दुद्धी विधानसभा सीट पर पड़ेंगे वोट?, 2027 विस चुनाव से पहले सेमीफाइनल, सीएम योगी-अखिलेश यादव में टक्कर?