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नोएडा की IAS अधिकारी को सुप्रीम कोर्ट ने फटकार के बाद दी राहत, ये है पूरा मामला

By योगेश सोमकुंवर | Updated: May 11, 2022 14:39 IST

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को नोएडा डेवलपमेंट अथॉरिटी की सीईओ रितु माहेश्वरी को अंतरिम राहत दे दी. इससे पहले इलाहाबाद हाई कोर्ट की ओर से जारी गैर जमानती वारंट पर राहत पाने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं रितु माहेश्वरी को प्रधान न्यायाधीश एनवी रमना की बेंच ने कड़ी फटकार लगाई थी.

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ठळक मुद्देनोएडा सीईओ रितु माहेश्वरी को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम राहतप्रधान न्यायाधीश की बेंच ने लगाई थी कड़ी फटकारनोएडा की वरिष्ठ IAS अधिकारी रितु माहेश्वरी के खिलाफ ये है पूरा मामला

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को नोएडा डेवलपमेंट अथॉरिटी की सीईओ रितु माहेश्वरी को अंतरिम राहत दे दी. इससे पहले इलाहाबाद हाई कोर्ट की ओर से जारी गैर जमानती वारंट पर राहत पाने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं रितु माहेश्वरी को प्रधान न्यायाधीश एनवी रमना की बेंच ने कड़ी फटकार लगाई थी.

हालांकि अब न्यायमूर्ति एस ए नजीर और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की पीठ ने रितु माहेश्वरी को 13 मई तक राहत देते हुए हाई कोर्ट द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट पर अंतरिम रोक लगा दी है. बेंच ने कहा, 'चूंकि मामला अत्यावश्यक है, इसलिए मुख्य न्यायाधीश से उचित निर्देश लेकर शुक्रवार को मामले को फिर से सूचीबद्ध करें.'

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने ऋतु माहेश्वरी के खिलाफ अवमानना मामले में पेश नहीं होने पर गैर ज़मानती वारंट जारी किया था. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा था कि अगर आप हाई कोर्ट के आदेश का पालन नहीं करते तो आपको इसका नतीजा झेलना होगा.

प्रधान न्यायाधीश की बेंच ने लगाई थी कड़ी फटकार

सोमवार को प्रधान न्यायाधीश एनवी रमना की बेंच ने रितु माहेश्वरी को फटकार लगाते हुए कहा था, 'आप IAS अधिकारी हैं, आपको नियम पता है. हर दूसरे दिन कुछ अधिकारी गंभीर मामलों में भी निर्देश के लिए कोर्ट आ जाते हैं.' सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा था, 'हर रोज हाई कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन होता है, यह दिनचर्या हो गई है, हर रोज एक अधिकारी कोर्ट आ जाता है, यह क्या है?'

IAS अधिकारी के खिलाफ ये है पूरा मामला

5 मई को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने रितु माहेश्वरी के खिलाफ एक गैर-जमानती वारंट जारी किया था और निर्देश दिया था कि माहेश्वरी को 13 मई को अदालत में पुलिस हिरासत में लाया जाए.

हाई कोर्ट का आदेश माहेश्वरी के खिलाफ चल रही अवमानना ​​कार्यवाही के सिलसिले में कोर्ट के सामने पेश होने में विफल होने के बाद आया था. जब यह मामला 5 मई को हाई कोर्ट के सामने आया उस वक्त माहेश्वरी अदालत के सामने पेश नहीं हुईं. उनके वकील ने कोर्ट को जानकारी देते हुए कहा था कि माहेश्वरी की फ्लाइट में देरी की वजह से वह तय समय पर अदालत में हाजिर नहीं हो पाईं. जिसके बाद अदालत ने नोएडा सीईओ के इस आचरण को कोर्ट का जानबूझकर किया गया अनादर मानकर रितु माहेश्वरी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था.

टॅग्स :Noida Authoritysupreme courtAllahabad High Court
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