लाइव न्यूज़ :

बिहार: लालू यादव के दबाव के आगे बेबस हुए नीतीश, नहीं कर पा रहे हैं मंत्रिमंडल का विस्तार

By एस पी सिन्हा | Updated: July 23, 2023 14:58 IST

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विपक्षी दलों की बेंगलुरु में आयोजित बैठक से लौटकर मंत्रिमंडल का विस्तार करना चाह रहे थे लेकिन लालू यादव की पार्टी राजद के कारण ऐसा नहीं कर पा रहे हैं।

Open in App
ठळक मुद्देबिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इन दिनों महागठबंधन की भीतरी सियासत से नाखुश चल रहे हैंनीतीश कांग्रेस के दबाव के बावजूद भी अपने मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं कर पा रहे हैंनीतीश कुमार लालू यादव और राजद के दबाव के आगे कोई निर्णय नही ले पा रहे हैं

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इन दिनों भले ही खुद को सहज दिखाने का प्रयास कर रहे हों, लेकिन चर्चा है कि वह महागठबंधन सरकार में असहज महसूस कर रहे हैं। शायद यही कारण है कि कांग्रेस के दबाव के बावजूद भी वह मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं कर पा रहे हैं।

कुछ दिन पहले यह बात निकलकर सामने आई थी कि बेंगलुरू की बैठक से लौटकर आने के बाद नीतीश कुमार मंत्रिमंडल का विस्तार कर सकते हैं। लेकिन वह संभावना अभी तक धरातल पर उतरती हुई नहीं दिखाई दे रही है।

सूत्रों की मानें तो नीतीश कुमार राजद के दबाव के आगे कोई निर्णय नही ले पा रहे हैं। राजद की ओर से भी उनके कार्यक्रमों को यथासंभव बायकाट किया जाने लगा है। अभी पिछले ही दिनों राजगीर में मलमास मेले के उद्घाटन कार्यक्रम में केवल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भाग लिया। जबकि पर्यटन विभाग के मंत्री होते हुए भी उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने उस कार्यक्रम से दूरी बना ली थी।

पटना में रहने के बावजूद तेजस्वी यादव सीएम नीतीश के उस कार्यक्रम में भाग लेने नही गए। जबकि कार्यक्रम का आयोजन पर्यटन विभाग की ओर से किया गया था।

इसके साथ ही चर्चा है कि मंत्रिमंडल के विस्तार में भी राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव के दबाव के कारण मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खासे परेशान हैं। सूत्रों की मानें तो लालू यादव फिर से सुधाकर सिंह को मंत्री बनाने का दबाव दे रहे हैं। लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सुधाकर सिंह के नाम पर सहमत नही हैं, क्योंकि मंत्री पद पर रहते हुए सुधाकर सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था।

सुधाकर सिंह द्वारा जलील किए जाने से नाराज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लालू यादव से कहकर उन्हें मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने के लिए बाध्य कर दिया था। ऐसे में नीतीश कुमार दोबारा उन्हें मंत्रिमंडल में लेना नही चाह रहे हैं। इसके साथ ही लालू यादव चाहते हैं कि सुनील कुमार सिंह को मंत्रिमंडल में शामिल करा दिया जाए। लेकिन नीतीश के लिए वह भी कठीन है।

बताया जा रहा है कि अभी पिछले दिनों सोशल मीडिया के माध्यम से सुनील सिंह ने नीतीश कुमार को देश में सबसे ज्यादा अविश्वनीय नेता घोषित करवा चुके हैं। इसको लेकर दोनों के बीच झड़प भी हो गई थी। इसके साथ ही कई और ऐसे मामले हैं, जिसको लेकर नीतीश कुमार राजद की नजर में खटकने लगे हैं। ऐसे में नीतीश कुमार के लिए साथ चलना मुश्किल हो रहा है। लेकिन विकल्प के अभाव में लालू के साथ रहना उनकी मजबूरी हो गई है।

टॅग्स :नीतीश कुमारलालू प्रसाद यादवआरजेडीकांग्रेसजेडीयूबिहार
Open in App

संबंधित खबरें

भारतशिविर में कुल 67 शिकायत, 30 दिन में करें समाधान नहीं तो 31वें दिन निलंबित?, रेफर नीति अपनाई तो सिविल सर्जन और डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई?, सम्राट चौधरी ने दी चेतावनी

भारतबाप नीतीश कुमार-बेटे निशांत को डॉक्टर की जरूरत, स्वास्थ्य मंत्रालय दिया गया?, पूर्व सांसद और बाहुबली नेता आनंद मोहन का फूटा गुस्सा, वीडियो

भारततख्त श्री पटना साहिब गुरुद्वारे में माथा टेकने पटना पहुंचे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केन्द्र सरकार और भाजपा पर बोला तीखा हमला

भारतबिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की उद्योगपतियों को बिहार वापस आने और प्रदेश में ही उद्योग लगाने की अपील

भारतबिहार में पिछले एक माह में 8 हजार 681 बच्चों के गायब होने की बात आई सामने, 85 प्रतिशत संख्या लड़कियां हुईं गायब

भारत अधिक खबरें

भारतFalta Assembly Constituency: 21 मई को फाल्टा में पुनर्मतदान, तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार जहांगीर खान ने उम्मीदवारी वापस ली, वीडियो

भारतनो वेटिंग, नो टेंशन! प्रमुख रूटों पर शुरू हुईं समर स्पेशल ट्रेनें, आज ही कराएं बुकिंग, चेक लिस्ट

भारतSpecial Train: रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी! ओडिशा-UP के बीच चलेगी स्पेशल ट्रेन, देखें रूट और डिटेल

भारतकौन थे भुवन चंद्र खंडूरी?, देहरादून में निधन

भारतदिल्ली में सफर पर लगेगा ब्रेक? 21 मई से तीन दिन तक ऑटो-टैक्सी की हड़ताल, किराया बढ़ाने की मांग पर अड़े ड्राइवर