लाइव न्यूज़ :

केंद्रीय मंत्री ने बंद कमरे में कुर्सियों से पीटा- सरकारी कर्मचारियों ने बीजेपी नेता पर लगाया गंभीर आरोप, हाथ भी तोड़ दिया; जानें पूरा मामला

By आजाद खान | Updated: January 22, 2022 13:15 IST

सरकारी कर्मचारियों का आरोप है कि मंत्री जी ने उन्हें कमरे में बंद करके कुर्सियों से पीटा था।

Open in App
ठळक मुद्देकेंद्रीय मंत्री विश्वेश्वर टुडु पर सरकारी कर्मचारियों के साथ मार-पीट करने का आरोप लगा है। बैठक में शामिल नहीं होने के लिए मंत्री जी ने कर्मचारियों को कथित तौर पर पीटा था। इस पर विश्वेश्वर टुडु से जब पूछा गया तो उन्होंने इसे एक गलत आरोप बताया है।

मयूरभंज: भाजपा के केंद्रीय मंत्री विश्वेश्वर टुडु पर सरकारी कर्मचारियों को पीटने का आरोप लगा है। पीड़ितो के मुताबिक, विश्वेश्वर टुडु कुछ फाइलों को लेकर अपने यहां बुलाया था, लेकिन अधिकारी किसी कारण वश वहां नहीं पहुंच पाए थे जिससे वह गुस्सा हो गए थे। उनका कहना है कि इसके बाद केंद्रीय मंत्री ने कथित तौर पर उन्हें कमरे में बंद करके कुर्सियों से खूब पीटा था। इस घटना से नाराज सरकारी कर्मचारी ने पुलिस से इसकी शिकायत भी की है और सीआरपीसी की धारा 161 के तहत मामला दर्ज किया गया है। वहीं इस मामले में जब मंत्री जी से पूछा गया तो उन्होंने सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। 

क्या है पूरा मामला

सरकारी कर्मचारियों ने बताया कि केंद्रीय मंत्री ने उन्हें  बारीपाड़ा स्थित पार्टी कार्यालय में एक समीक्षा बैठक के लिए बुलाया था। पंचायत चुनाव के कारण शहर में आदर्श आचार संहिता लागू था जिसके कारण वे फाइल नहीं ला पाए और बैठक में भी शामिल नहीं हो पाए थे। यह बात मंत्री जी को रास नहीं आई और वे गुस्सा हो गए थे। आरोप है कि इसके बाद मंत्री जी ने दोनों कर्मचारियों को कमरे में बंद करके पीटा था। इस मारपीट में एक कर्मचारे के हाथ टूटने और दूसरे को जख्मी होने की खबर सामने आई है। 

मयूरभंज जिले के प्लानिंग बोर्ड के सहायक निदेशक देबाशीष अधिकारी ने बताया, 'हमने उन्हें समझाने की कोशिश की थी कि अभी पंचायत चुनाव को देखते हुए आदर्श आचार संहिता लागू है और इसलिए हम फाइल नहीं ला सके। लेकिन वो नाराज हो गए और हमारी बात सुनने से इनकार कर दिया। उन्होंने कमरे का दरवाजा बंद कर दिया और कुर्सी उठाकर हमें पीटने लगे।'

केंद्रीय मंत्री ने आरोपों से किया इनकार

मामले में जब केंद्रीय मंत्री से पूछा गया तो उन्होंने इस बात को बेबुनियाद ठहराया और कहा कि उनकी छवि को खराब करने के लिए ऐसा किया जा रहा है। हालांकि मंत्री जी ने बैठक में बोलाने वाली बात को माना है, लेकिन वे मारपीट के आरोप को सीधा खारिज कर दिय है। सरकारी कर्मचारियों का कहना है कि केद्रीय मंत्री ने बैठक में शामिल नहीं होने वाली बात को प्रोटोकॉल का उल्लंघन बताया था और इसके बात यह घटना घटी है। 

टॅग्स :ओड़िसाभारतUnionमोदीBJPPolice
Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्टपटना परसा बाजारः 3 साल की बच्ची से यौन उत्पीड़न, रिश्तेदार सहित 2 आरोपी अरेस्ट, अस्पताल में भर्ती मासूम?

भारततमिलनाडु चुनावों के लिए BJP का टिकट न मिलने के बाद अन्नामलाई ने दिया अपना स्पष्टीकरण

क्राइम अलर्टपत्नी की गला रेतकर हत्या और पति ने खुद को चाकू से वार कर आत्महत्या का किया प्रयास

क्राइम अलर्टएक वर्ष से शादी का झांसा देकर नाबालिग लड़की से रेप, 23 वर्षीय प्रियेस रंजन अरेस्ट, दहेज में मांगे 500000 रुपये

क्राइम अलर्टसासाराम में मैरिज हॉल एंड होटल से 82 युवक-युवतियां आपत्तिजनक हालत?, 40 से ज्यादा लड़कियां और कई शादीशुदा, देह व्यापार धंधे के खिलाफ मुहिम

भारत अधिक खबरें

भारत'Three Allegations, Zero Truth': आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा की भूमिका से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा का जवाब

भारतMadhya Pradesh: अनूपपुर ज़िले में चार-मंज़िला होटल गिरने से मलबे में कई लोगों के फँसे होने की आशंका, एक की मौत

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील

भारत'एकनाथ शिंदे और बलात्कार के आरोपी अशोक खरात के बीच 17 बार फोन पर बातचीत हुई', अंजलि दमानिया का आरोप