लाइव न्यूज़ :

एनसीईआरटी की समिति ने स्कूली पाठ्यपुस्तकों में 'इंडिया' की जगह 'भारत' शब्द के इस्तेमाल की सिफारिश की

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: October 25, 2023 15:54 IST

समिति के अध्यक्ष सी.आई. इसाक के अनुसार, समिति ने पाठ्यपुस्तकों में 'इंडिया' की जगह 'भारत' शब्द के इस्तेमाल, 'प्राचीन इतिहास' के स्थान पर 'क्लासिकल हिस्ट्री' शुरू करने, सभी विषयों के पाठ्यक्रम में भारतीय ज्ञान प्रणाली (आईकेएस) शुरू करने की सिफारिश की।

Open in App
ठळक मुद्दे'इंडिया' की जगह 'भारत' शब्द के इस्तेमाल की सिफारिशएनसीईआरटी द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति ने की सिफारिशसमिति की सिफारिशों पर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है

नई दिल्ली: राष्ट्रीय शैक्षणिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति ने सभी स्कूली कक्षाओं में 'इंडिया' की जगह 'भारत' शब्द के इस्तेमाल की सिफारिश की है। स्कूली पाठ्यक्रम में संशोधन के लिए गठित समिति ने यह सिफारिश की। समिति के अध्यक्ष सी.आई. इसाक के अनुसार, समिति ने पाठ्यपुस्तकों में 'इंडिया' की जगह 'भारत' शब्द के इस्तेमाल, 'प्राचीन इतिहास' के स्थान पर 'क्लासिकल हिस्ट्री' शुरू करने, सभी विषयों के पाठ्यक्रम में भारतीय ज्ञान प्रणाली (आईकेएस) शुरू करने की सिफारिश की।

एनसीईआरटी के अधिकारियों ने हालांकि कहा कि समिति की सिफारिशों पर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है। इसाक ने  कहा, "समिति ने सर्वसम्मति से सभी कक्षाओं की पाठ्यपुस्तकों में 'भारत' शब्द के इस्तेमाल की सिफारिश की है। हमने 'प्राचीन इतिहास' के स्थान पर 'क्लासिकल हिस्ट्री' पढ़ाने की भी अनुशंसा की है।"

उन्होंने कहा कि समिति ने पाठ्यपुस्तकों में विभिन्न संघर्षों में "हिंदू विजय गाथाओं" पर जोर देने के लिए कहा है। इसाक ने कहा, "पाठ्यपुस्तकों में हमारी विफलताओं का उल्लेख किया गया है। लेकिन मुगलों और सुल्तानों पर हमारी विजयों का नहीं।" एनसीईआरटी राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अनुरूप स्कूली पाठ्यपुस्तकों के पाठ्यक्रम को संशोधित कर रहा है। परिषद ने हाल ही में इन कक्षाओं के लिए पाठ्यक्रम, पाठ्यपुस्तकों और शिक्षण सामग्री को अंतिम रूप देने के लिए 19 सदस्यीय राष्ट्रीय पाठ्यक्रम एवं शिक्षण सामग्री समिति (एनएसटीसी) का गठन किया था। 

इसाक ने कहा, "समिति ने सभी विषयों के पाठ्यक्रम में भारतीय ज्ञान प्रणाली (आईकेएस) को शामिल करने की भी सिफारिश की है।" समिति के अन्य सदस्यों में आईसीएचआर के अध्यक्ष रघुवेंद्र तंवर, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की प्रोफेसर वंदना मिश्र, डेक्कन कॉलेज डीम्ड विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति वसंत शिंदे और हरियाणा के एक सरकारी स्कूल में समाजशास्त्र पढ़ाने वाली ममता यादव शामिल हैं।

बता दें कि हाल ही में इंडिया बनाम भारत की बहस काफी चर्चा का विषय रही थी। राष्ट्रीय शैक्षणिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति की सिफारिश ऐसे समय आई है जब ये मुद्दा राजनैतिक रूप भी ले चुका है।

टॅग्स :NCERTIndiaBharatSchool Education
Open in App

संबंधित खबरें

भारतदेश के लिए समर्पित ‘एक भारतीय आत्मा’

विश्वअबू धाबी में रोकी गई ईरानी मिसाइलों के मलबे की चपेट में आने से घायल 12 लोगों में 5 भारतीय शामिल

भारतमाफ कीजिए मुनिश्रीजी, आप गलत बोल गए

पूजा पाठBaisakhi 2026: सिर्फ पंजाब ही क्यों? भारत के इन 5 शहरों में भी दिखती है बैसाखी की रौनक, चेक करें बेस्ट स्पॉट्स

भारतImport Duty Cut: सरकार ने आज से 41 वस्तुओं पर हटाया आयात शुल्क, चेक करें पूरी लिस्ट

भारत अधिक खबरें

भारतLPG Cylinder Update: सिलेंडर के लिए अब लंबी वेटिंग खत्म! दिल्ली में बस ID कार्ड दिखाओ और 5KG सिलेंडर पाओ

भारतबाबा विश्वनाथ और ‘काशी कोतवाल’ काल भैरव में दर्शन-पूजन, सीएम योगी आदित्यनाथ पहुंचे मंदिर, वीडियो

भारतपश्चिम बंगाल चुनावः 4660 अतिरिक्त मतदान केंद्र?, कुल संख्या 85379 और 23 और 29 अप्रैल को 2 चरणों में पड़ेंगे वोट

भारतTamil Nadu Election 2026: क्या CBSE का नया सिलेबस भाषा विवाद की जड़? सीएम स्टालिन ने कहा- "भाषा थोपने का सुनियोजित प्रयास"

भारतFire Accident: ONGC मुंबई हाई प्लेटफॉर्म पर भीषण आग, 10 लोग घायल; राहत और बचाव कार्य जारी