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मोदी सरकार ने चीन को दिया एक और झटका!, एयर कंडिशनर के आयात को किया बैन, ये है वजह

By अनुराग आनंद | Updated: October 16, 2020 09:49 IST

नरेंद्र मोदी सरकार ने एयर कंडिशनर को आगे से आयात किए जाने वाले समान की लिस्ट में 'फ्री' से हटाकर 'बैन' की श्रेणी में रखा गया है।

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ठळक मुद्देइस लिस्ट में टायर, टीवी सेट और अगरबत्ती का नाम पहले से शामिल है।इस समय भारत में देखा जाए तो एयर कंडिशनर का घरेलू बाजार को 5-6 बिलियन डॉलर का है।

नई दिल्ली: भारत की नरेंद्र मोदी सरकार ने गुरुवार को रेफ्रिजरैंट्स के साथ विदेश से आने वाले एयर कंडिशनर पर बैन लगा दिया है। इस मामले में विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने एक अधिसूचना जारी किया है। अपने अधिसूचना में महानिदेशालय ने साफ किया है कि एयर कंडिशनर को आगे से आयात किए जाने वाले समान की लिस्ट में 'फ्री' से हटाकर 'बैन' की श्रेणी में रखा गया है।

बता दें कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने एयर कंडिशनर को उस लिस्ट में शामिल कर लिया है जिसके आयात पर सरकार ने कुछ समय पहले बैन लगाया था। इनमें टायर, टीवी सेट और अगरबत्ती का नाम पहले से शामिल है। इन सभी वस्तुओं के विदेश से आयात पर प्रतिबंध लगाए गए हैं।

सरकार ने इस फैसले के पीछे बताई है ये वजह-

टीओआई की मानें तो एयर कंडिशनर जैसे समान के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए नरेंद्र मोदी सरकार ने यह फैसला लिया है। दरअसल, अलग-अलग कंपनियों की एसी का बड़े पैमाने पर विदेश से भारत आयात होता है। यही वजह है कि आयात को रोककर देश में एसी के निर्माण पर अधिक ध्यान देने के लिए इसे बैन किए गए समानों की लिस्ट में शामिल किया गया है। 

हिन्दुस्तान में एयर कंडिशनर का व्यापक बाजार-

इस समय भारत में देखा जाए तो एयर कंडिशनर का घरेलू बाजार को 5-6 बिलियन डॉलर का है। इसमें से बड़े पैमाने पर एसी का आयात विदेश से किया जाता है। यह बात सामने आई है कि एसी के 85-100% पार्ट्स (कम्पोनेंट) विदेश से आयात किए जाते हैं, जिसका लागत अनुमान लगभग 2 बिलियन डॉलर का है। यही वजह है कि भारत सरकार देश में ही इसके निर्माण को बढ़ावा देकर अर्थव्यवस्था को गति देना चाहती है।

सरकार के फैसले से चीन को करारा झटका-

माना जा रहा है कि नरेंद्र मोदी सरकार के इस फैसले से चीन को एक बार फिर से बड़ा झटका लगा है। ऐसा इसलिए क्योंकि देश में एसी का बाजार करीब 5-6 बिलियन डॉलर का है। भारत अपनी एसी की जरूरत का करीब 28 फीसदी आयात चीन से करता है। कई मामलों में तो एसी के 85 से 100 फीसदी कम्पोनेंट आयात किए जाते हैं।

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