लाइव न्यूज़ :

इस्तीफे की मांग को फिर टाल गए मणिपुर के सीएम बीरेन सिंह, बोले- "शांति लाना मेरा काम..."

By अंजली चौहान | Updated: July 21, 2023 16:24 IST

मणिपुर के एक वायरल वीडियो, जिसमें कथित तौर पर दो महिलाओं को नग्न अवस्था में घुमाते हुए दिखाया गया है, पर उनके इस्तीफे की मांग और संसद में हंगामे के बीच, मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने शुक्रवार को पद छोड़ने की मांग पर एक सवाल को टाल दिया।

Open in App

इंफाल: मणिपुर में मई महीने से जारी जातीय हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। इस हिंसा की भेट मासूम महिलाएं चढ़ रही है जिसका वीडियो हाल ही में सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ। वीडियो में दो महिलाओं को पुरुषों का झुड़ नग्न अवस्था में पूरे इलाके में घुमा रहा है। इस भयानक वीडियो के सामने आने के बाद से मुख्यमंत्री बीरेन सिंह की इस्तीफे की मांग खूब तेज हो गई।

उनके इस्तीफे की मांग को लेकर संसद में खूब हंगामा हुआ लेकिन अपने इस्तीफे की मांग को टालते हुए सीएम बीरेन सिंह ने कहा कि उनका काम राज्य में शांति बहाल करना है और यह सुनिश्चित करना है।

शुक्रवार को सीएम बीरेन सिंह ने वायरल वीडियो का जिक्र करते हुए कहा कि अपराधियों को सजा दी जाए। मणिपुर के सीएम ने बताया कि घटना के सिलसिले में अब तक मुख्य आरोपी सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उन्होंने कहा कि उनकी सरकार दोषियों के लिए अनुकरणीय सजा सुनिश्चित करेगी।

मणिपुर हिंसा पर सदन में हंगामा 

इस बीच, सभी दलों के विपक्षी नेताओं ने मणिपुर की घटना पर आक्रोश व्यक्त किया है और संसद के मौजूदा मानसून सत्र में इस मुद्दे पर चर्चा की मांग को लेकर दोनों सदनों में बार-बार व्यवधान देखा गया।

घटना पर विपक्ष के उग्र विरोध प्रदर्शन पर, सिंह ने कहा कि मणिपुर में लोग सभी महिलाओं के साथ उसी तरह व्यवहार करते हैं जैसे वे अपनी माताओं और बहनों के साथ करते हैं और अपराध को कभी नजरअंदाज नहीं करते हैं, उन्होंने कहा कि इससे पता चलता है कि मणिपुर में राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन क्यों हो रहे हैं। 

इस पर सीएम ने कहा, "वायरल वीडियो सामने आने के बाद से हर कोई आक्रोश में है। हमारे समाज में सभी महिलाओं को मां और बहन के रूप में देखा जाता है, यही वजह है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर राज्य भर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं।" 

मुख्य आरोपी का घर फूंका 

बता दें कि शुक्रवार को एक और वीडियो सामने आया जिसमें इंफाल में महिलाओं को एक आरोपी का घर जलाते हुए दिखाया गया है। बताया जा रहा है कि वीडियो गुरुवार का है। क्लिप में दिखाया गया है कि एक भीड़ उग्र हो रही है और घर को आग लगाने से पहले उसे नुकसान पहुंचा रही है।

वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए सीएम ने कहा, "कल उस व्यक्ति के घर में आग लगा दी गई, जिसे इस घटना के संबंध में सबसे पहले गिरफ्तार किया गया था।

हमारा समाज हमेशा किसी भी अपराध और विशेष रूप से महिलाओं के खिलाफ अपराध के विरोध में खड़ा रहेगा। वे महिलाओं को अपनी मां और बहन मानते हैं। यही कारण है कि हर निर्वाचन क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है ताकि भविष्य में ऐसी कोई घटना न हो।"

बता दें कि यह घटना मणिपुर में जातीय हिंसा भड़कने के एक दिन बाद 4 मई को हुई थी। राज्य में इंटरनेट सेवाएं बाधित थी इसके बाद अब जाकर इंटरनेट सेवाएं शुरू की गई तो घटना के कई दिनों बाद अब यह वीडियो सामने आया है। वीडियो सामने आने के बाद से पूरे देश में आक्रोश है।

वीडियो पर कार्रवाई की मांग के बीच मणिपुर में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गुरुवार को ही एक अपराधी को गिरफ्तार कर लिया था वहीं, इस मामले में अब तक 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। 

टॅग्स :मणिपुरManipur Policeभारत
Open in App

संबंधित खबरें

भारतदेश के लिए समर्पित ‘एक भारतीय आत्मा’

विश्वअबू धाबी में रोकी गई ईरानी मिसाइलों के मलबे की चपेट में आने से घायल 12 लोगों में 5 भारतीय शामिल

भारतमाफ कीजिए मुनिश्रीजी, आप गलत बोल गए

पूजा पाठBaisakhi 2026: सिर्फ पंजाब ही क्यों? भारत के इन 5 शहरों में भी दिखती है बैसाखी की रौनक, चेक करें बेस्ट स्पॉट्स

भारतImport Duty Cut: सरकार ने आज से 41 वस्तुओं पर हटाया आयात शुल्क, चेक करें पूरी लिस्ट

भारत अधिक खबरें

भारततमिलनाडु चुनावों के लिए BJP का टिकट न मिलने के बाद अन्नामलाई ने दिया अपना स्पष्टीकरण

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील

भारत'एकनाथ शिंदे और बलात्कार के आरोपी अशोक खरात के बीच 17 बार फोन पर बातचीत हुई', अंजलि दमानिया का आरोप

भारतमोथाबाड़ी में न्यायिक अधिकारी को किया अगवा और असली आरोपी फरार?, सीएम ममता बनर्जी ने कहा- निर्दोष लोगों को परेशान कर रही एनआईए