गुरुग्राम:हरियाणा में मानेसर थानाक्षेत्र के कासन गांव में पैरोल पर छूटे राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के एक कमांडो की बृहस्पतिवार सुबह गोली मारकर हत्या कर दी गई, जो स्पष्ट रूप से बदले की कार्रवाई जान पड़ती है। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान सुंदर फौजी (55) के रूप में हुई है जिसे 2018 में सरपंच बहादुर चौहान की हत्या के सिलसिले में पिछले महीने पैरोल पर रिहा किया गया था।
पुलिस के मुताबिक पैरोल पर छूटे पूर्व एनएसजी कमांडो की गुरुवार सुबह मानेसर पुलिस थाना क्षेत्र के कासन गांव में गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना कथित तौर पर बदले की भावना से की गई है। पिछले महीने 2018 में पूर्व सरपंच बहादुर चौहान की हत्या के सिलसिले में पैरोल पर रिहा किया गया था। पुलिस के अनुसार, फौजी सुबह की सैर पर निकले थे।
जब पूर्व सरपंच के बेटे रोहन और उसके करीबी सहयोगी ने सुबह करीब 8:30 बजे एक बाजार के पास उन्हें घेर लिया, पिस्तौलें निकालीं और गोली मारकर उनकी हत्या कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि करीब पांच गोलियां चलाई गईं और आरोपी हथियार लहराते हुए तुरंत मौके से फरार हो गए। घटना के बाद, पुलिस मौके पर पहुंची और फौजी को अस्पताल ले गई, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
पुलिस ने बताया कि हत्या का एक वीडियो भी सामने आया है। पुलिस ने बताया कि पूरी घटना महज दस सेकंड में घटी। पुलिस ने आगे बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि रोहन अपने पिता की हत्या का बदला लेने के लिए फौजी की हत्या करना चाहता था। आईएमटी मानेसर पुलिस स्टेशन के कासन गांव निवासी फौजी पर चौहान की हत्या का आरोप था।
मानेसर पुलिस स्टेशन के एसएचओ सुनील कुमार ने बताया, "आरोपियों में से एक की पहचान रोहन के रूप में हुई है। वह पूर्व सरपंच बहादुर का बेटा है, जिसकी हत्या फौजी ने की थी। वह इस मामले में जेल में था और 29 मार्च को पैरोल पर रिहा हुआ था।" कुमार ने आगे बताया, "रोहन और उसके साथी ने गुरुवार सुबह बहादुर की हत्या कर दी। दोनों आरोपी फरार हैं और उन्हें पकड़ने के प्रयास जारी हैं।"