नागपुर: नागपुर जिलाधिकारी कार्यालय में कार्यरत एक राजस्व सहायक को भ्रष्टाचार प्रतिबंधक दल (एसीबी) ने 5 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है.यह कार्रवाई शुक्रवार 24 अप्रैल 2026 को रात 11.30 बजे हुई.आरोपी नरेश साधुराव बर्वे (54) जिलाधिकारी कार्यालय में राजस्व सहायक (वर्ग-3) के पद पर कार्यरत है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार 46 वर्षीय शिकायतकर्ता ने अपने मकान से संबंधित एक अपील अतिरिक्त जिलाधिकारी कार्यालय (स्लम) नागपुर में दाखिल की थी. यह मामला शिवाजीनगर, महाल क्षेत्र में स्थित उनके प्लॉट पर किए गए निर्माण से जुड़ा था. आरोप है कि इस मामले को निपटाने के लिए आरोपी अधिकारी नरेश बर्वे ने 5 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी.
एसीबी द्वारा गत शुक्रवार 17 अप्रैल से 20 अप्रैल 2026 तक प्रारंभिक जांच (वेरिफिकेशन) की गई. इस जांच में यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी ने रिश्वत की मांग की है. इसके साथ हीे रकम स्वीकार करने की सहमति भी दी.
इसके बाद 24 अप्रैल 2026 को ट्रैप करने के लिए योजना बनाई गई. उसी दिन शाम को आरोपी ने शिकायतकर्ता से मोबाइल के माध्यम से संपर्क कर उसे अपने घर के पास बुलाया. उसने रात 11 से 12 बजे के बीच रिश्वत की रकम लेकर घर के पास आने को कहा था.
इसके बाद रात करीब 11:30 बजे एसीबी टीम ने जाल बिछाकर नजर रखी. इस दौरान आरोपी ने पंच गवाह के सामने 5 लाख रुपए की रिश्वत स्वीकार की. जिसके तुरंत बाद आरोपी को हिरासत में लिया गया.
आरोपी की तलाशी के दौरान 5 लाख रुपए बरामद किए गए, जिनमें 500 रुपए के 100 असली नोट और 500 रुपए के 900 नकली नोट शामिल थे, जिन पर ‘भारतीय मनोरंजन बैंक’अंकित था.
इसके अलावा आरोपी के पास से एप्पल कंपनी के आईफोन सहित 13 मोबाइल फोन भी जब्त किए गए. आरोपी के घर की तलाशी प्रक्रिया जारी है. इसके अलावा मामले में नंदनवन पुलिस स्टेशन में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है. आरोपी राजस्व सहायक को फिलहाल हिरासत में रखा गया है. वहीं आरोपी पर केस दर्ज करने के बाद औपचारिक गिरफ्तारी की जाएगी.
इस कार्रवाई का नेतृत्व पुलिस उप अधीक्षक भारती गुरनुले ने किया, जबकि जांच अधिकारी के रूप में पुलिस निरीक्षक विवेक पडघान काम कर रहे हैं.