यूपी से पेट्रोल-डीजल लेने आ रहे हैं नेपाल के लोग, बॉर्डर से सटे यूपी के जिलों के पेट्रोल पंपों पर मची अफरा-तफरी
By राजेंद्र कुमार | Updated: April 25, 2026 19:11 IST2026-04-25T19:11:34+5:302026-04-25T19:11:49+5:30
प्रदेश के महराजगंज, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी और पीलीभीत जिले में नेपाल के रूपनदेही, नवलपरासी, दांग, कपिलवस्तु, बर्दिया, कैलाली और कंचनपुर जिलों में रहने वाले नेपाली नागरिक रोज बड़ी संख्या में कार, स्कूटर और मोटरसाइकिल से पेट्रोल-डीजल लेने के लिए आ रहे हैं.

यूपी से पेट्रोल-डीजल लेने आ रहे हैं नेपाल के लोग, बॉर्डर से सटे यूपी के जिलों के पेट्रोल पंपों पर मची अफरा-तफरी
लखनऊ: उत्तर प्रदेश ने नेपाल से सटे सात जिलों में इन दिनों नेपाल में रहने वाले नागरिकों की आवाजाही अचानक बढ़ गई है. जिसके चलते प्रदेश के महराजगंज, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी और पीलीभीत जिले में नेपाल के रूपनदेही, नवलपरासी, दांग, कपिलवस्तु, बर्दिया, कैलाली और कंचनपुर जिलों में रहने वाले नेपाली नागरिक रोज बड़ी संख्या में कार, स्कूटर और मोटरसाइकिल से पेट्रोल-डीजल लेने के लिए आ रहे हैं. इसकी वजह है यूपी में नेपाल के मुक़ाबले पेट्रोक और डीजल की सत्ता होना.
इसके चलते यूपी के इन सात जिलों के पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीजल लेने वालों की लाइन सुबह से लगाने लगी और और दोपहर अधिकांश पेट्रोल पंपों पर डीजल और पेट्रोल खत्म होने लगा है. ऐसे हालातों को देखते हुए दोपहिया वाहनों में 300 रुपए और कार आदि में दो हजार रुपए का पेट्रोल डीजल देने की व्यवस्था लागू की जा रही है, ताकि सभी को पेट्रोल-डीजल मिल सके और कोई पेट्रोल-डीजल की कालाबाजारी ना कर सके.
नेपाल में डीजल के बढ़े दाम
सीमा सुरक्षा बल (एसएसबी) के अधिकारियों के अनुसार, उत्तर प्रदेश के सात जिले और नेपाल के बीच की अंतरराष्ट्रीय सीमा की कुल लंबाई लगभग 579 किलोमीटर है. यह सीमा खुली हुई है और दोनों देशों के बीच आवाजाही के लिए महत्वपूर्ण है. इस अंतरराष्ट्रीय सीमा पर एसएसबी के जवान तैनात हैं. नेपाल सीमा से सटे बहराइच जिले के पेट्रोल पंप संचालक रत्नेश के अनुसार, वर्तमान में सामान्य दिनों की तुलना में पेट्रोल और डीजल की खपत लगभग तीन गुना तक बढ़ गई है.
पहले एक दिन में जितना ईंधन बिकता था, अब उतना आधे दिन में खत्म हो जा रहा है. शाम होते-होते टैंक खाली हो जाते हैं. इस बढ़ी हुई मांग ने आपूर्ति व्यवस्था को भी झटका दिया है. कई पंपों पर रात आठ बजे तक ‘ड्राई’ होने की स्थिति बन रही है. इसकी वजह क्या है? इस सवाल पर रत्नेश का कहना है कि नेपाल में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 33 रुपए प्रति लीटर डीजल की कीमत में इजाफा किया गया है. जिसके चलते नेपाल में इसकी कीमत भारतीय मुद्रा में लगभग 148.125 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गई है. जबकि बहराइच में डीजल करीब 88.88 रुपए और पेट्रोल 95.13 रुपए प्रति लीटर मिल रहा है. इस कारण से नेपाल से सटे यूपी की सभी सातों जिलों में नेपाल के लोग अपने वाहनों में पेट्रोल-डीजल भरवाने के लिए आ रहे हैं.
फ्यूल माइग्रेशन ना होने पाए
जिले के अधिकारियों को भी इसकी जानकारी है. बताया जा रहा है कि सभी सातों जिलों में पेट्रोल पंपों के संचालकों से कहा गया है कि पेट्रोल और डीजल के वितरण में पारदर्शिता रखें और किसी भी तरह की जमाखोरी न होने दें. इस निर्देश के बाद नेपाल सीमा से सटे कुछ जिलों में एक वाहन को अधिकतम 300 रुपए का ही पेट्रोल या सीमित मात्रा में डीजल दिया जाने लगा तो स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया. फिलहाल नेपाल से आए वाहन पर इस नियम को लागू किया जा रहा है. ताकि नेपाल से सटे यूपी के जिलों से फ्यूल माइग्रेशन ना होने पाए, लेकिन इसका भी तोड़ निकाल लिया गया नेपाल से आए शहर से दूसरे पेट्रोल पंप से पेट्रोल-डीजल लेकर अपने वाहन का टैंक फुलकर नेपाल लौट रहे हैं.
फिलहाल नेपाल सीमा से सटे यूपी के जिलों में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने सीमावर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है. अधिकारियों का कहना है कि इस बात पर नजर रखी जा रही हैं कि अवैध तरीके से डीजल और पेट्रोल की कालाबाजारी कर उसे नेपाल भेजने की हिम्मत कोई ना करे. सूबे के अफसरों का कहना है कि छोटे स्तर पर नेपाल के लोग यूपी में पेट्रोल-डीजल लेने जरूर आए हैं लेकिन पेट्रोल और डीजल की बड़े पैमाने पर तस्करी करने की कोई घटना नहीं ही है.
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और उत्तर प्रदेश के स्टेट हेड संजय भंडारी भी यह मानते हैं कि सीमावर्ती जिलों में पेट्रोल और डीजल की मांग बढ़ी है, जिसे देखते हुए सप्लाई बढ़ा दी गई है. स्थिति नियंत्रण में है और पेट्रोल-डीजल को लेकर डिमांड डिस्टॉर्शन होता रहता है.