‘लोकमत सुर ज्योत्सना’ राष्ट्रीय संगीत अवार्ड समारोह से दिल्ली मंत्रमुग्ध, पद्मश्री कैलाश खेर के गीतों से सजी शाम में दिग्गज गायकों का सम्मान

By फहीम ख़ान | Updated: April 25, 2026 21:09 IST2026-04-25T21:09:09+5:302026-04-25T21:09:09+5:30

इस कार्यक्रम में देश की दिग्गज हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायिका सुमित्रा गुहा (कर्नाटक संगीत) और हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायक पंडित लक्ष्मण कृष्णराव पंडित को समारोह के मुख्य अतिथि सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति संदीप मेहता ने ‘सुर ज्योत्सना राष्ट्रीय संगीत पुरस्कार’ से सम्मानित किया. 

Delhi Enchanted by the ‘Lokmat Sur Jyotsna’ National Music Awards Ceremony; Legendary Singers Honored in an Evening Adorned with the Songs of Padma Shri Kailash Kher. | ‘लोकमत सुर ज्योत्सना’ राष्ट्रीय संगीत अवार्ड समारोह से दिल्ली मंत्रमुग्ध, पद्मश्री कैलाश खेर के गीतों से सजी शाम में दिग्गज गायकों का सम्मान

‘लोकमत सुर ज्योत्सना’ राष्ट्रीय संगीत अवार्ड समारोह से दिल्ली मंत्रमुग्ध, पद्मश्री कैलाश खेर के गीतों से सजी शाम में दिग्गज गायकों का सम्मान

नागपुर : लोकमत मीडिया समूह द्वारा संगीत साधिका व लोकमत सखी मंच की संस्थापिका दिवंगत ज्योत्सना दर्डा को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए देश की राजधानी दिल्ली में अदानी प्रस्तुत 13वां ‘लोकमत सुर ज्योत्सना राष्ट्रीय संगीत पुरस्कार’ समारोह आयोजित किया गया. देश के मशहूर गायक और पद्मश्री कैलाश खेर ने अपने बैंड ‘कैलासा’ के साथ कई बेहतरीन गाने पेश किए और इस शाम को यादगार बना दिया.

शुक्रवार, 24 अप्रैल को दिल्ली के डॉ. बाबासाहब आंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित इस कार्यक्रम में देश की दिग्गज हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायिका सुमित्रा गुहा (कर्नाटक संगीत) और हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायक पंडित लक्ष्मण कृष्णराव पंडित को समारोह के मुख्य अतिथि सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति संदीप मेहता ने ‘सुर ज्योत्सना राष्ट्रीय संगीत पुरस्कार’ से सम्मानित किया. 

इस दौरान मंच पर लाेकमत मीडिया समूह के एडिटोरियल बोर्ड के चेयरमैन एवं पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. विजय दर्डा, नवीकरणीय ऊर्जा राज्यमंत्री श्रीपाद नाईक, केंद्रीय सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्री रामदास आठवले, केंद्रीय मत्स्य, पशुसंवधन, दुग्धव्यवसाय व पंचायती राज राज्यमंत्री एस.पी. सिंह बघेल, जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री व पूर्व स्वास्थ्य एवं कल्याण मंत्री गुलाम नबी आजाद, पूर्व मंत्री विजय गोयल व स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी सहित अन्य अतिथिगण मौजूद थे.

मंच पर लोकमत मीडिया समूह के एडिटोरियल बोर्ड के चेयरमैन एवं पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. विजय दर्डा ने समारोह के मुख्य अतिथि सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति संदीप मेहता का तुलसी का पौधा व स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व लोकमत के संस्थापक जवाहरलाल दर्डा की प्रतिकृति भेंट करते हुए स्वागत किया. उल्लेखनीय है कि ‘लोकमत सुर ज्योत्सना’ राष्ट्रीय संगीत अवार्ड में भारतीय संगीत में उत्कृष्टता को दर्शाता है. साथ ही गायन और वाद्य कला के क्षेत्र से उभरते कलाकारों का पृथक चयन करते हुए हर साल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करता है.

हम एंटरटेनमेंट ही नहीं एनलाइटमेंट के लिए भी बने हैं

गायक कैलाश खेर ने भक्तिरस के साथ सूफियाना और मस्ती भरे गीतों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया. इस सिंगर ने कहा, ‘‘हम केवल एंटरटेनमेंट के लिए एनलाइटमेंट के लिए भी बने हैं. एक ओर जहां दुनिया के एक हिस्से में युद्ध चल रहा है, वहीं भारत खुद को संगीत, पूजा और नमाज के जरिए शुद्ध कर रहा है. कैलाश खेर ने ‘किसे अपना दर्द सुनाएं’, ‘मैं तो तेरे प्यार में दीवाना हो गया’, ‘तौबा-तौबा ये तेरी सूरत’, ‘कैसे बताएं, क्यों तुझको चाहे’, ‘क्या कभी अंबर से सूर्य निकलता है’, ‘अल्लाह के बंदे हंस दे’, ‘सैयां-सैयां’ जैसे शानदार गीत पेश किए.

संगीत साधिका की प्रेरणा से चल रहा काम

लोकमत सुर ज्योत्सना राष्ट्रीय संगीत पुरस्कार से सम्मानित हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायिका सुमित्रा गुहा ने कहा, ‘‘ मैं हृदय से इस अवसर पर खुद को आमंत्रित सम्मानित किए जाने पर डॉ. विजय दर्डा और उनकी टीम के प्रति आभार व्यक्त करतीं हूं. मैं नमन करती हूं ज्योत्सना दर्डा जी को और उनकी प्रेरणा से बीते कई वर्षों से ये अच्छे काम किए जा रहे हैं. मैं भगवान से प्रार्थना करती हूं कि ये काम ऐसे ही जारी रहे. उन्होंने इस दौरान ‘राम नाम जप लीजे प्राणी, कोटि का पाप कटे रे’, गीत प्रस्तुत किया.

शास्त्रीय संगीत दुनिया में सबसे अनूठा

दिग्गज हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायक पंडित लक्ष्मण कृष्णराव पंडित ने कहा, ‘‘मुझे पुरस्कार दिए जाने के लिए मैं आभारी हूं. मैं आग्रह करता हूं कि ये अवार्ड जारी रखा जाना चाहिए. ज्योत्सना दर्डा को श्रद्धांजलि देनी ही चाहिए. मैं ग्वालियर से हूं, एक जमाना ऐसा था कि उस समय राग गहन रखे जाते थे. संगीत का ये दर्जा ये पेट्रोनेज की वजह से मिला हुआ था. ये पेट्रोनेज जनता से मिला हुआ था. हमारा शास्त्रीय संगीत दुनिया में सबसे अनूठा है. ऐसा संगीत कहीं और नहीं मिलेगा. इसे आप सभी बढ़ावा दें.’’ उन्होंने भी इस अवसर पर ‘जग से कहां गए गोपाला’, भजन सुनाकर श्रोताओं को भक्तिरस में डुबो दिया.

राजधानी को दिया संगीत का उपहार

अहिंसा विश्वभारती के संस्थापक आचार्य लोकेश मुनि ने कहा, ‘‘सबसे पहले लोकमत मीडिया समूह के एडिटोरियल बोर्ड के चेयमैन डॉ. विजय दर्डा को इस बात के लिए साधुवाद देना चाहता हूं कि इस आपाधापी भरी जिंदगी में जहां विश्व के कुछ हिस्सों में युद्ध और हिंसा जारी है, ऐसे तनावपूर्ण माहौल में उन्होंने भारत की राजधानी में संगीत के माध्यम से लोगों को एक प्रकार से उपहार दिया है. मैं समस्त दिल्लीवासियों की ओर से विजय दर्डा का अभिनंदन करता हूं, और ज्योत्सना दर्डा को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं.

ब्रह्मजन की ओर ले जाता है शास्त्रीय संगीत

लोकमत मीडिया समूह के एडिटोरियल बोर्ड के चेयरमैन एवं पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. विजय दर्डा ने अपने संबोधन में संगीत के सभी साधक, प्रेमी व समर्थन करने वालों का मंच से स्वागत किया. सुर ज्योत्सना राष्ट्रीय संगीत पुरस्कार समारोह अब हमारा महोत्सव बन गया है. ये सुरों का साज का जीवन है और इस जीवन में एक ज्योत्सना है. सुर और संगीत शाश्वत है. हर पल संगीत से आपका नाता है, जन्म से मृत्यु तक, खुशी हो या गम हो, संगीत सुखद प्रवास की ओर ले जाता है. जब शास्त्रीय संगीत में लीन हो जाते हो उसके साधक बन जाते हो, तब सुरों का जन्म होता है. हमारे देश का शास्त्रीय संगीत, हर वाद्ययंत्र ब्रह्माद की ओर ले जाता है. हर जगह कीर्तन है, हर धर्म में कीर्तन है जो जीवन में सुखद अनुभूति देता है. मेरी धर्मपत्नी 25 साल तक कैंसर जैसी तकलीफ से जूझी, और कभी नहीं कहा कि कैंसर है, क्योंकि उनमें एक साधना थी. साढ़े 3 लाख महिलाओं का परिवार बनने के बाद अपने जीवन के अंतिम 8 दिन में भी उन्होंने संगीत को अपने साथ रखा. मुझे बहुत खुशी होगी जब आप उन्हें मंच दें जहां संगीत की साधना हो, उसकी पूजा हो. उनकी याद में सुर ज्योत्सना राष्ट्रीय संगीत पुरस्कार का आगाज 22 मार्च को नागपुर में, 23 मार्च को यवतमाल इसके बाद कोल्हापुर, नाशिक, औरंगाबाद, मुंबई, बेंगलुरु, दिल्ली और पुणे में होता. इसका चयन बेहद सुलझी हुई जूरी विभिन्न शहरों से साधकों का चयन करती हैं. हमें खुशी है कि हमें गायिका सुमित्रा गुहा और हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायक पंडित लक्ष्मण कृष्णराव पंडित का सम्मान करने का अवसर मिला. कैलाश जी से हमारा पुराना नाता है और इसी नाते की वजह से आज वे हमारे साथ हैं. कैलाश खेर का सम्मान भी भारतीय शास्त्रीय संगीत से जन्मा है. पंडित जसराज जी से लेकर अब तक उन सभी के प्रति आभार व्यक्त करता हूं जिन्होंने इस यात्रा में सहायता की.

मां की आत्मा का प्रतिबिंब

इंट्रिया ज्वेल्स की संस्थापक व क्रिएटिव डायरेक्टर पूर्वा कोठारी ने कहा, ‘‘ये मेरे लिए भावुक क्षण है, ‘सुर ज्योत्सना’ ये मेरे लिए केवल आयोजन नहीं बल्कि मेरी मां की आत्मा का प्रतिबिंब है. उनका संगीत के प्रति प्यार और उनका लोगों को जोड़ने का तरीका, इस शाम को आयोजित समारोह में शामिल है. लेकिन इस लीगेसी को भारत से बाहर और शहरों में ले जाने का काम मेरे पिता डॉ. विजय दर्डा ने किया. ये उनकी वजह से ही कायम है. हम सर्वोच्च न्यायलय के न्यायमूर्ति , अन्य विशिष्ट अतिथि, लोकमत की टीम के प्रति आभार प्रकट करती हूं. सभी अतिथियों का भी हार्दिक आभार व्यक्त करती हूं.’’ कार्यक्रम का संचालन श्वेता शेलगांवकर ने किया.

ये अतिथि रहे उपस्थित

राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा
राज्यसभा सांसद अजीत गोपचड़े
सांसद नवीन जिंदल
राज्यसभा सांसद राजीव शुक्ला
अरिजीत तालपत्रा सीईओ, ट्रांससियन इंडिया
सांसद एन. के. प्रेमचंद्रन
पद्मभूषण राजीव सेठी
मोनिका मोहता
मधुप मोहता
अनुराग जयपुरिया
आकाश पाटिल
मधुसूदन अग्रवाल
महाराष्ट्र सदन की निवासी आयुक्त आर. विमला
पंजाब केसरी ग्रुप की चेयरमैन किरण चोपड़ा
पास्को के चेयरमैन संजय पासी
स्विटजरलैंड में भारत की पूर्व राजदूत मोनिका मोहता
युवा चेतना के समन्वयक रोहित सिंह
आउटर उत्तर दिल्ली के डीसीपी हरीश्वर स्वामी
आईआरएस कविता पाटिल
आदिवासी मंत्रालय संचालिका दीपाली मसीरकर
संसद प्राइड के अधिकारी साई शेट्टी
नवीनीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अधिकारी राजेश शर्मा
आईआरएस महेश जिवडे
प्रशासकीय अधिकारी तुषाबा शिंदे
दिल्ली जल बोर्ड डायरेक्टर सुवर्णा शिंदे—ओगले
सह महालेखा नियंत्रक सुप्रिया देवस्थली
वरिष्ठ पत्रकार विजय नाईक
लेफ्टिनेंट कर्नल हर्षवर्धन ढेकणे
महाराष्ट्र परिचय केंद्र के डायरेक्टर हेमराज बागुल व पीआरओ मनीषा पिंगले
महाराष्ट्र सदन के सहा. निवासी आयुक्त नितिन शेंडे
प्रेस क्लब ऑफ इंडिया के महासचिव अफजल इमाम
आनंदवन सोसायटी के नीलेश कानफडे व अल्पना परांजपे
सामाजिक कार्यकर्ता वीरेंद्र सिंह
सहा. निवासी आयुक्त स्मिता शेलार
दिल्ली मराठी प्रतिष्ठान के प्रमुख वैभव डांगे
भाजपा नेता महेंद्र लढ्ढा
अभिजीत गोडबोले
एड. बालासाहब दराडे
एड. सूरत सिंह
अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा परिषद की रोमिता नारंग
पेजयल व स्वच्छता मंत्रालय के जनसंपर्क अधिकारी शिवाजी पाटिल
कृषि वैज्ञानिक किरण गायकवाड
यूपीएससी के सलाहकार जी. एल.
एबीपी लोकमत (दिल्ली) की कविता जी

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