लाइव न्यूज़ :

मुगलों को ‘डकैत’ बताने वाला वीडियो जारी करने पर गीतकार मनोज मुंतशिर की आलोचना

By भाषा | Updated: August 26, 2021 19:56 IST

Open in App

हिंदी फिल्मों के गीतकार मनोज मुंतशिर ने मुगल बादशाहों की तुलना “डकैतों” से करने वाला एक वीडियो जारी किया था जिसके बाद बृहस्पतिवार को फिल्मोद्योग के उनके कई सहकर्मियों ने ट्विटर के जरिये उन पर “घृणा” फैलाने का आरोप लगाया। “केसरी” और “भुज: द प्राइड ऑफ इंडिया” जैसी फिल्मों के लिए गीत लिखने वाले मुंतशिर ने 24 अगस्त को ट्विटर पर “आपक किसके वंशज हैं?” शीर्षक वाला एक विवादास्पद वीडियो डाला था। फिल्मकार विवेक रंजन अग्निहोत्री समेत कुछ लोगों ने इस वीडियो के लिए उनका समर्थन भी किया। एक मिनट के वीडियो में मुंतशिर यह कहते हुए सुना जा सकता है कि देश को गलत बातें बताई गईं और अकबर, हुमायूं, जहांगीर जैसे “महिमामंडित किये गए डकैतों” के नाम पर सड़कों का नामकरण किया गया। अभिनेत्री ऋचा चड्ढा ने मनोज के उपनाम ‘मुंतशिर’ का हवाला देते हुए कहा, “शर्मसार करने वाला। बुरी कविता। देखने लायक नहीं है। अपना उपनाम भी हटा देना चाहिए। जिस चीज से घृणा हो उससे फायदा क्यों लेना।” मध्य प्रदेश के निवासी 45 वर्षीय मनोज ने अपना उपनाम शुक्ला हटा कर “मुंतशिर” रख लिया था, रेख्ता शब्दकोश के अनुसार जिसका अर्थ ‘बिखरा हुआ’ है। “मसान” फिल्म के निर्देशक नीरज घायवन ने मनोज की कविता के लिए उनकी आलोचना की और कहा, “कट्टरता के साथ जातिवाद का समावेश।” गीतकार और लेखक मयूर पुरी ने कहा कि लेखकों को अपने काम के जरिये घृणा फैलाने का कार्य नहीं करना चाहिए। ट्विटर पर घमासान मचने के बाद ‘मुगल्स’ ‘ट्रेंड’ करने लगा और इस विषय पर 20 हजार से ज्यादा ट्वीट किये गए। “मुक्काबाज” के गीतकार हुसैन हैदरी ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब मुंतशिर ने घृणा या झूठ फैलाने का काम किया है। विवाद में कूदते हुए इतिहासकार एस इरफान हबीब ने कहा कि मुंतशिर जैसे लेखकों को “विषवमन” करते और “झूठे तथा काल्पनिक तर्कों को इतिहास के तौर पर पेश करते हुए” देखने पर निराशा हुई। ट्विटर प्रयोग करने वालों का एक वर्ग मुंतशिर के समर्थन में आया और कहा गया कि लेखक ने केवल लोगों को देश और मुगलों के “भूले हुए वास्तविक इतिहास से परिचय कराया है।” फिल्मकार अग्निहोत्री ने ट्वीट किया, “मनोज मुंतशिर सार्वजनिक रूप से अपनी कविताओं में अपना नजरिया निडर होकर पेश करते रहे हैं। आप नहीं जानते इसका यह मतलब नहीं है कि वह अचानक से बदल गए हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

भारतदेश के लिए समर्पित ‘एक भारतीय आत्मा’

विश्वअबू धाबी में रोकी गई ईरानी मिसाइलों के मलबे की चपेट में आने से घायल 12 लोगों में 5 भारतीय शामिल

भारतमाफ कीजिए मुनिश्रीजी, आप गलत बोल गए

पूजा पाठBaisakhi 2026: सिर्फ पंजाब ही क्यों? भारत के इन 5 शहरों में भी दिखती है बैसाखी की रौनक, चेक करें बेस्ट स्पॉट्स

भारतImport Duty Cut: सरकार ने आज से 41 वस्तुओं पर हटाया आयात शुल्क, चेक करें पूरी लिस्ट

भारत अधिक खबरें

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील

भारत'एकनाथ शिंदे और बलात्कार के आरोपी अशोक खरात के बीच 17 बार फोन पर बातचीत हुई', अंजलि दमानिया का आरोप

भारतमोथाबाड़ी में न्यायिक अधिकारी को किया अगवा और असली आरोपी फरार?, सीएम ममता बनर्जी ने कहा- निर्दोष लोगों को परेशान कर रही एनआईए

भारतघायल हूं इसलिए घातक हूं?, राघव ने एक्स पर किया पोस्ट, मैं बोलना नहीं चाहता था, मगर चुप रहता तो बार-बार दोहराया गया झूठ भी सच लगने लगता, वीडियो

भारत‘फ्यूचर सीएम ऑफ बिहार’?, निशांत कुमार को मुख्यमंत्री बनाओ, जदयू कार्यकर्ताओं ने पटना में लगाए पोस्टर