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Lok Sabha Elections 2024: स्वामी प्रसाद मौर्य ने सपा और विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दिया, लोकसभा चुनाव से पहले सपा प्रमुख अखिलेश यादव को झटका

By सतीश कुमार सिंह | Updated: February 20, 2024 17:10 IST

Lok Sabha Elections 2024: स्वामी प्रसाद मौर्य ने पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के नाम लिखे त्यागपत्र को सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर साझा किया।

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ठळक मुद्देउत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री, सदन के नेता और विपक्ष के नेता भी रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार (2017-2022) में श्रम मंत्री थे।स्वामी प्रसाद मौर्य मायावती के नेतृत्व वाली सरकारों में भी मंत्री रहे थे।

Swami Prasad Maurya Resigned: अपने विवादित बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वाले समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। अपनी टिप्पणियों को लेकर पार्टी के कुछ नेताओं के रवैये से नाराज होकर कुछ दिन पहले सपा महासचिव पद से इस्‍तीफा दे दिया था। मौर्य ने पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के नाम लिखे त्यागपत्र को सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर साझा किया था। प्रदेश में पिछड़ों के बड़े नेता माने जाने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य पांच बार विधान सभा के सदस्य, उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री, सदन के नेता और विपक्ष के नेता भी रहे हैं। वह योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार (2017-2022) में श्रम मंत्री थे।

स्‍वामी प्रसाद मौर्य ने मंगलवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्‍स’ पर खुद यह जानकारी दी। उन्होंने ‘एक्‍स’ पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव और विधान परिषद के सभापति के नाम संबोधित त्यागपत्र के अलग-अलग पन्नों को साझा किया है। मौर्य ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को लिखे पत्र में कहा, ‘‘ आपके नेतृत्व में सौहार्दपूर्ण वातावरण में कार्य करने का अवसर प्राप्त हुआ किंतु 12 फरवरी को हुई वार्ता और 13 फरवरी को प्रेषित पत्र पर किसी भी प्रकार की वार्ता के लिए पहल नहीं करने के परिणामस्‍वरूप मैं समाजवादी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी त्याग पत्र दे रहा हूं।’’

विधान परिषद के सभापति को लिखे पत्र में मौर्य ने कहा, ‘‘ मैं सपा के प्रत्याशी के रूप में विधानसभा, उप्र निर्वाचन क्षेत्र से सदस्य, विधान परिषद सदस्य निर्वाचित हुआ। चूंकि मैंने सपा की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया है, इसीलिए नैतिकता के आधार पर विधान परिषद, उप्र की सदस्यता से भी इस्तीफा दे रहा हूं।’’

समाजवादी पार्टी (सपा) की प्राथमिक सदस्यता और विधान परिषद से त्यागपत्र देने के बाद मंगलवार को स्‍वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि वह नई पार्टी गठित करेंगे और 22 फरवरी को राजधानी दिल्ली में इसकी घोषणा करेंगे। मौर्य ने विपक्षी दलों के समूह 'इंडिया’ गठबंधन को इस देश की आवश्यकता करार देते हुये यह स्पष्ट किया कि वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्‍ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल नहीं होंगे। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्‍ट्रीय महासचिव पद से त्यागपत्र देने के एक सप्ताह बाद मौर्य ने मंगलवार को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।

उन्‍होंने सपा पर तंज कसते हुये कहा, ''सपा में एक नया फैशन चल गया है। नाम है समाजवादी और समाजवाद की दुहाई देकर उसका कत्लेआम कर रहे हैं। धर्मनिरपेक्ष होने की दुहाई देकर आज यथास्थितिवादी शक्तियों को बढ़ावा दे रहे हैं।'' मौर्य ने कहा कि ''सपा छोड़ने का कारण मुख्य रूप से विचारधारा है।’’

उन्‍होंने कहा कि विचारधारा पर मैने कभी पद को तवज्जो नहीं दी और उसी के तहत मैंने नया रास्ता चुना और 22 फरवरी 2024 को दिल्‍ली के तालकटोरा स्टेडियम में नई पार्टी का ऐलान करूंगा। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही कार्यकर्ताओं की राय से आगे की रणनीति तय की जायेगी।

पार्टी के 'राजग' या 'इंडिया' से गठबंधन के सवाल पर उन्‍होंने कहा कि नयी पार्टी के गठन की घोषणा के बाद इस बारे में निर्णय किया जायेगा । उन्होंने कहा, ‘‘हां, इतना जरूर है कि वर्तमान राजनीतिक परिवेश में ‘इंडिया’ गठबंधन इस देश की जरूरत है।’’

एक सवाल के जवाब में उन्‍होंने कहा, ''हमें गठबंधन की आवश्यकता होगी, (इंडिया) गठबंधन में रहेंगे, बाहर से ताकत देने की आवश्यकता होगी बाहर से ताकत देंगे, लेकिन मकसद हमारा लोकतंत्र और संविधान बचाना होगा।'' सपा छोड़ने की टीस जाहिर करते हुए मौर्य ने कहा, ''जब वैचारिक मतभेद हो, मतभिन्नता हो तो एक साथ रहकर काम करना संभव नहीं है।''

वह 2021 तक भारतीय जनता पार्टी के सदस्य थे, जिसमें वह बहुजन समाज पार्टी में लंबे समय तक रहने के बाद शामिल हुए थे। उन्होंने 11 जनवरी 2022 को योगी सरकार की कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया था। मौर्य ने सरकार पर पिछड़ों की उपेक्षा का आरोप लगाया था। हालांकि उनकी पुत्री संघमित्रा मौर्य भाजपा से अब भी सांसद हैं।

स्वामी प्रसाद मौर्य मायावती के नेतृत्व वाली सरकारों में भी मंत्री रहे थे। पडरौना से विधायक रह चुके मौर्य 2022 के विधानसभा चुनाव में फाजिलनगर से चुनाव लड़े थे मगर भाजपा के सुरेंद्र कुमार कुशवाहा से हार गए थे। इसके बाद सपा ने उन्‍हें विधान परिषद का सदस्य बनाया और संगठन में राष्‍ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी थी।

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