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BJP की गांधी परिवार को पारंपरिक गढ़ों में हराने की रणनीति, मीनाक्षी लेखी को रायबरेली और बेदी को अमृतसर से उतारने पर विचार

By हरीश गुप्ता | Updated: April 2, 2019 08:01 IST

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पूरी और सिने स्टार सनी देओल वहां से चुनाव लड़ने के इच्छुक नहीं हैं. पार्टी रायबरेली में सोनिया गांधी के खिलाफ सर्वोत्तम दांव आजमाना चाहती है. स्मृति ईरानी की तरह लेखी भी काफी मुखर वक्ता हैं. भाजपा पांच वर्षों से काफी तवज्जो दे रही है. यहां तक कि पहली बार सांसद बनने के बावजूद उन्हें विशेषाधिकार समिति का अध्यक्ष बनाया गया.

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भाजपा नई दिल्ली लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर रहीं मीनाक्षी लेखी को संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ रायबरेली संसदीय क्षेत्र से मैदान में उतारने पर विचार कर रही है. पार्टी आलाकमान ने गांधी परिवार को उनके पारंपरिक गढ़ों में हराने के लिए यह रणनीति बनाई है. दूसरी ओर अमेठी से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ भाजपा लंबे समय से स्मृति ईरानी को तैयार कर रही है.भाजपा उन्हें राज्यसभा लाई और 2014 में नरेंद्र मोदी सरकार में उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया. दूसरी ओर पार्टी पंजाब के अमृतसर लोकसभा सीट से किरण बेदी को उतारने पर गंभीरता से विचार कर रही है. पुड्डुचेरी की राज्यपाल बेदी सक्रिय राजनीति में आना चाहती हैं. दूसरी बात यह है कि पार्टी उस लोकसभा सीट से कांग्रेस के खिलाफ कोई सशक्त उम्मीदवार नहीं खोज पाई है.केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पूरी और सिने स्टार सनी देओल वहां से चुनाव लड़ने के इच्छुक नहीं हैं. पार्टी रायबरेली में सोनिया गांधी के खिलाफ सर्वोत्तम दांव आजमाना चाहती है. स्मृति ईरानी की तरह लेखी भी काफी मुखर वक्ता हैं. भाजपा पांच वर्षों से काफी तवज्जो दे रही है. यहां तक कि पहली बार सांसद बनने के बावजूद उन्हें विशेषाधिकार समिति का अध्यक्ष बनाया गया.लेखी ने लोकसभा में पार्टी की ओर से मुख्य वक्ता की भूमिका निभाई जबकि उनका परिवार भी पारंपरिक तौर पर गांधी-नेहरू परिवार का विरोधी रहा है. दिवंगत वरिष्ठ वकील पी. एल. लेखी की बहू मीनाक्षी लेखी के पति को हाल में ही अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल पद का इनाम मिला था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार गांधी परिवार और कांग्रेस को निशाना बनाते रहे हैं जबकि क्षेत्रीय पार्टियों के खिलाफ उनके तेवर नरम रहे हैं.चुनाव विश्लेषक इसे गांधी परिवार को किनारे लगाने की योजना का हिस्सा मानते हैं. अमेठी के साथ केरल में वायनाड लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने का राहुल गांधी के फैसले का भाजपा पर कुछ खास प्रभाव नहीं पड़ा है. पार्टी को लगता है कि इससे अमेठी और रायबरेली में चुनाव प्रचार उसे मदद मिलेगी.यूपी इकाई नहीं पेश कर पाई कोई मजबूत प्रत्याशी 2014 के लोकसभा चुनाव में रायबरेली में सोनिया गांधी के खिलाफ वरिष्ठ वकील अजय अग्रवाल मैदान में उतरे थे. 1.73 लाख वोटों के साथ वह दूसरे नंबर पर रहे थे. वह सोनिया के खिलाफ फिर से उतरना चाहते हैं. वहीं, भाजपा की उत्तर प्रदेश इकाई की ओर से रायबरेली के लिए कोई मजबूत प्रत्याशी नहीं सुझाने पर पार्टी नेतृत्व को लगता है कि मीनाक्षी लेखी जैसी प्रखर वक्ता ही उस सीट पर चुनाव लड़ने के लिए सबसे योग्य है. तथ्य यह भी है कि भाजपा नई दिल्ली लोकसभा सीट पर क्रिकेटर गौतम गंभीर के नाम पर विचार कर रही है. इसका साफ संकेत मिलते हैं कि मीनाक्षी लेखी के लिए वैकल्कि रणनीति तैयार की गई है.

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