लाइव न्यूज़ :

कोविड-19 : उच्च न्यायालय ने इंदिरा गांधी अस्पताल परियोजना की प्रगति की निगरानी का निर्देश दिया

By भाषा | Updated: May 28, 2021 16:54 IST

Open in App

नयी दिल्ली, 28 मई दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली सरकार के प्रधान सचिव को निर्देश दिया है कि वह 1,241 बिस्तरों वाले इंदिरा गांधी अस्पताल के पूरा होने संबंधी कार्य की साप्ताहिक आधार पर निगरानी करें और कोई खामी या लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।

यह अस्पताल कोविड-19 समर्पित अस्पताल होगा।

उच्च न्यायालय ने उल्लेख किया कि दिल्ली के द्वारका में अस्पताल परियोजना के पूर्ण होने की प्रारंभिक तिथि फरवरी 2017 थी और उसके बाद, बिस्तरों की संख्या 700 से बढ़ाकर 1,241 कर दी गई तथा फिर इसके पूर्ण होने की तारीख संशोधित कर सितंबर 2019 कर दी गई और काम अभी पूरा होना बाकी है।

न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ ने कहा कि वह परियोजना के पूरा होने में विलंब के लिए दिल्ली सरकार द्वारा दी गई व्याख्या से पूरी तरह संतुष्ट है, हालांकि उद्देश्य कार्य को सभी पहलुओं के साथ जल्द से जल्द पूरा होते देखने का है।

अदालत ने कहा कि इस चरण में, प्रयत्न कोरोना वायरस से निपटने के लिए आईसीयू और वेंटिलेटर सहित कोविड बिस्तर पाने का है।

इसने दिल्ली सरकार से कहा कि वह एक और हफनामा दायर करे जिसमें अस्पताल के विशिष्ट विभागों के साथ ही यह भी ब्योरा हो कि अस्पताल के पूरी तरह संचालित होने के बाद वेंटिलेटर युक्त कितने आईसीयू बिस्तर होंगे।

मामले में अगली सुनवाई तीन जून को होगी।

पीठ ने कहा, ‘‘हम प्रधान सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को निर्देश देते हैं कि वह व्यक्तिगत रूप से साप्ताहिक आधार पर परियोजना की निगरानी करें।’’

इसने कहा कि कोई खामी या लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।

अदालत ने पूर्व में दिल्ली सरकार से कहा था कि वह विलंब की वजह और इस बारे में समयसीमा भी बताए कि अस्पताल में खास सुविधा केंद्रों का निर्माण कब तक पूरा हो जाएगा।

दिल्ली सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल मेहरा ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान कार्य की गति धीमी हो गई और अब एक ऐसी समयसीमा रखने का प्रयत्न हो रहा है जो कोरोना वायरस की तीसरी लहर का सामना करने के लिए पर्याप्त हो।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में अस्पताल तीसरी मंजिल तक है जिसे सात मंजिल तक किया जाना है और तब बिस्तरों की संख्या बढ़ाई जाएगी।

मेहरा ने कहा कि 10 जून तक 65 बिस्तरों वाला ओपीडी ब्लॉक और 200 अतिरिक्त बिस्तर तैयार हो जाएंगे क्योंकि कोविड अस्पताल में ओपीडी की जरूरत नहीं होगी तथा चौथा एवं पांचवां तल संचालित होने के बाद 236 बिस्तर उपचार के लिए उपलब्ध होंगे।

वकील ने कहा कि 15 अगस्त तक और अधिक पीएसए ऑक्सीजन संयंत्र स्थापित होंगे तथा 31 अगस्त तक 970 बिस्तर उपलब्ध होंगे।

याचिकाकर्ता द्वारका बार एसोसिएशन की ओर से पेश वकील वाई पी सिंह ने कहा कि सुविधा केंद्रों के निर्माण में विलंब पर सरकार का रुख स्पष्ट नहीं है और 2019 तक 1,241 बिस्तर वाला अस्पताल संचालित होना था।

अदालत को पूर्व में सूचना दी गई थी कि इंदिरा गांधी अस्पताल में केवल कुछ बिस्तर ही संचालित हैं और न तो वहां पाइप के जरिए ऑक्सीजन की सुविधा है तथा न ही आईसीयू बिस्तर या वेंटिलेटर उपलब्ध हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

बॉलीवुड चुस्कीVirat Kohli ने देखी 'Dhurandhar 2', बोले- ऐसी फिल्म आज तक नहीं देखी!

कारोबारचिंताजनक स्थितिः 59 सालों में जम्मू कश्मीर की 315 झीलें गायब, 203 का क्षेत्रफल कम?, आखिर क्या है माजरा?

पूजा पाठSurya Gochar 2026: अप्रैल 14 से बदलेगा इन 5 राशियों का भाग्य, मान-सम्मान में वृद्धि, सरकारी नौकरी और पदोन्नति के योग

ज़रा हटके14 अप्रैल को 87 बंदियों की होगी समय पूर्व रिहाई, 7 को मिलेगी सजा में छूट, मप्र गृह विभाग का बड़ा निर्णय

क्राइम अलर्टकश्मीर पुलिस को कामयाबी, 16 साल से टेरर नेटवर्क चला रहे 2 पाकिस्तानी सहित 5 अरेस्ट, श्रीनगर के रहने वाले नकीब भट, आदिल राशिद और गुलाम मोहम्मद खिलाते थे खाना?

भारत अधिक खबरें

भारतहैदराबाद में हैं कांग्रेस नेता पवन खेड़ा, दिल्ली घर पर असम पुलिस ने की छापेमारी?, दिल्ली पुलिस की टीम कर रही मदद, वीडियो

भारतNBEMS GPAT 2026: आ गया जीपैट का रिजल्ट, डायरेक्ट लिंक से चेक करें अपना स्कोर

भारतMBOSE SSLC 10th Result 2026: कक्षा 10 का परिणाम घोषित?, परिणाम देखने के लिए इस लिंक पर जाइये

भारतKarnataka 2nd PUC Result 2026: रोल नंबर तैयार रखें, कभी भी आ सकता है रिजल्ट

भारत3 दिन के भारत दौरे पर बांग्लादेशी विदेश मंत्री, क्या सुलझेंगे पुराने मुद्दे? जानें क्या मुद्दे शामिल