लाइव न्यूज़ :

केशुभाई पटेल का 92 साल की उम्र में निधन, गुजरात के दो बार रहे मुख्यमंत्री, पीएम नरेंद्र मोदी से था खास कनेक्शन

By विनीत कुमार | Updated: October 29, 2020 12:22 IST

भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता और गुजरात के दो बार मुख्यमंत्री रहे केशुभाई पटेल का निधन हो गया है। उनका निधन गुरुवार को अहमदाबाद के एक अस्पताल में हुआ। वे 92 साल के थे।

Open in App
ठळक मुद्देगुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल का 92 साल की उम्र में निधनसांस लेने में तकलीफ की शिकायत के बाद अस्पताल ले जाए गए थे, बीजेपी के दिग्गज नेताओं में थे शुमार

गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल का निधन हो गया है। वे 92 साल के थे। न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार वे बीमार थे और अहमदाबाद के एक अस्पताल में भर्ती थे।

मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार सुबह सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया था। अहमदाबाद के स्टर्लिंग अस्पताल ने केशुभाई पटेल के निधन पर कहा, 'अचानक आए कार्डियक अरेस्ट के बाद उन्हें बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया था। हमने उनकी रिकवरी की काफी कोशिश की। उन्हें 11.55 बजे मृत घोषित किया गया। उनकी मौत कोरोना की वजह से नहीं हुई है।'

केशुभाई पटेल की गिनती गुजरात के दिग्गज नेताओं में होती थी। वे कुछ समय पहले कोरोना वायरस से संक्रमित भी पाए गए थे। हालांकि इससे वे उबरने में कामयाब रहे थे।

केशुभाई पटेल दो बार गुजरात के मुख्यमंत्री रहे। उन्होंने 1995 और 1998 में राज्य का मुख्यमंत्री पद संभाला। दोनों ही बार केशुभाई पटेल अपना कार्यकाल पूरा नहीं सके थे। साल 2001 में केशुभाई के इस्तीफा देने के बाद ही नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे और 2014 तक इस पद पर रहे।

केशुभाई ने बीजेपी से अनबन के बाद बनाई थी अलग पार्टी

केशुभाई पटेल की गिनती बीजेपी के दिग्गज नेताओं में होती रही है। जूनागढ़ में 24 जुलाई 1928 को जन्में केशुभाई कम उम्र में ही आरएसएस से जुड़ गए थे। इसके बाद वे जनसंघ और बीजेपी के साथ रहे।

हालाकि, इस दौरान बीजेपी से उनकी नाराजगी की भी बातें सामने आई। उन्होंने 2012 में अपनी नई पार्टी बनाई लेकिन 2014 में अपनी पार्टी का विलय फिर से बीजेपी में कर दिया।

पीएम मोदी भी केशुभाई के साथ लंबे समय तक काम करते रहे हैं। हालांकि दोनों नेताओं के बीच पूर्व में मतभेद की भी खबरें आ चुकी हैं। केशुभाई पिछले करीब 6 सालों से सक्रिय राजनीति से दूर थे।

टॅग्स :गुजरातनरेंद्र मोदी
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारबुलेट ट्रेन परियोजना को व्यावहारिक बनाने की चुनौती

कारोबारइटली और भारत के बीच रणनीतिक साझेदारी?, 2029 तक व्यापार को 20 अरब यूरो से आगे ले जाना

विश्व'कोई समझौता नहीं, कोई दोहरा मापदंड नहीं': भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने खींची आतंकवाद पर रेखा

विश्वप्रेस फ्रीडम पर पीएम मोदी के ‘सवाल टालने’ पर नॉर्वेजियन पत्रकारों के साथ MEA की तीखी बहस, विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) कहा- "बताता हूँ भारत क्या है" | WATCH

ज़रा हटकेहेमा मालिनी ई-ऑटो से पहुंचीं मीटिंग में, हूटर बजाते हुए निकला ऑटो, वीडियो वायरल

भारत अधिक खबरें

भारत"सरकार हर आयोजन को सड़क पर करा रही है": सड़कों पर नमाज को लेकर सीएम योगी पर अखिलेश का पलटवार

भारतUjjain: श्री महाकाल मंदिर सभा मंडप में सफाई कर्मी महिला को कुत्ते ने काटा

भारत'चंद दिनों के बलात्कार और दुष्कर्म के चंद आंकड़े दे रहा हूँ': नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आंकड़े जारी कर सम्राट सरकार पर बोला तीखा हमला

भारतविकास प्रक्र‍िया में जनजातीय समाज को शामिल करने प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बनाई नीतियां: मंत्री डॉ. शाह

भारतक्या बीजेपी में शामिल होंगे रेवंत रेड्डी? तेलंगाना सीएम को लेकर निज़ामाबाद के सांसद धर्मपुरी के बयान ने मचाई सनसनीखेज